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Sikar: शहीद गोवर्धन सिंह ढाका के प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में पहुंचे राज्यपाल, वीरांगनाओं को किया सम्मानित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
Published by: सीकर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2026 08:34 PM IST
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सार
शेखावाटी की वीर भूमि पर सोमवार को शहीद गोवर्धन सिंह ढाका को श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने प्रतिमा का अनावरण कर शहीद परिवारों का सम्मान किया और युवाओं को देशहित में योगदान देने का संदेश दिया।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शहीद गोवर्धन सिंह ढाका की प्रतिमा का किया अनावरण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने सोमवार को लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के जसरासर गांव स्थित शहीद स्मारक में शहीद गोवर्धन सिंह ढाका की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने शहीद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा स्मारक परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने शहीद गोवर्धन सिंह ढाका की माता भगवानी देवी, पत्नी सुनीता देवी सहित अन्य वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शहीदों का त्याग और बलिदान देश की अमूल्य धरोहर है, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करता रहेगा।
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राज्यपाल बागडे ने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र, विशेष रूप से सीकर, झुंझुनू और नागौर, देशभक्ति और वीरता की भूमि रहा है। यहां के हजारों जवान भारतीय सेना की तीनों शाखाओं में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में 14 लाख से अधिक सैनिक कार्यरत हैं, जिनमें राजस्थान के वीर जवानों की उल्लेखनीय भागीदारी है।
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राज्यपाल ने इतिहास के महान योद्धाओं बप्पा रावल और महाराणा प्रताप का स्मरण करते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी देशवासियों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने शहीद गोवर्धन सिंह ढाका के बलिदान को राष्ट्र के लिए अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि उनका जीवन युवाओं को देशहित में समर्पण की सीख देता रहेगा। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में शहीदों के परिजनों को विशेष सम्मान दिया जाए, ताकि समाज उनके त्याग और बलिदान को कभी न भूले।
राज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के उस निर्णय का भी उल्लेख किया, जिसके तहत वीरगति प्राप्त सैनिकों के पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की गई थी। समारोह के दौरान 13वीं ग्रेनेडियर्स की टुकड़ी ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। राज्यपाल ने शहीद के परिजनों के साथ भोजन भी किया।
कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि देश का सैनिक हर परिस्थिति में राष्ट्र की सुरक्षा के लिए समर्पित रहता है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सभी नागरिकों से योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया, पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, विधायक गोरधन वर्मा, विधायक सुभाष मील, जिला कलेक्टर आशीष मोदी, पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नुनावत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ग्रामवासी और शहीद वीरांगनाएं मौजूद रहीं।