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Sirohi: इंजेक्शन लगते ही मरीज की मौत! अस्पताल के बाहर परिजनों का हंगामा, मुआवजे की मांग पर दिया घंटों धरना

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही Published by: सिरोही ब्यूरो Updated Sun, 08 Mar 2026 03:25 PM IST
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सार

राजस्थान के सिरोही जिले के आबूरोड स्थित हार्दिक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 42 वर्षीय अर्जुन गरासिया की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

Angry family members protested after the patient died during treatment
सिरोही। आबूरोड में ईलाज के दौरान रोगी की मौत से नाराज परिजनों ने प्रदर्शन किया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आबूरोड शहर स्थित हार्दिक हॉस्पिटल में बीती रात इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो जाने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर धरना शुरू कर दिया और मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की। काफी देर तक चले विरोध और बातचीत के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे दोनों पक्षों की समझाइश से मामला शांत हुआ। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार मोरथला पीएस आबूरोड सदर, जिला सिरोही निवासी अर्जुन (42), पुत्र मोहनलाल गरासिया को पेट दर्द की शिकायत होने पर परिजन इलाज के लिए हार्दिक हॉस्पिटल लेकर आए थे। परिवारजनों का आरोप है कि अस्पताल में अर्जुन को एक इंजेक्शन लगाया गया, जिसके तुरंत बाद उसकी मौत हो गई।

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घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव लेने से इंकार कर दिया और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की।

सूचना मिलने पर आबूरोड रीको पुलिस थाना के थानाधिकारी लक्ष्मणसिंह चंपावत और सहायक उपनिरीक्षक भवानीसिंह अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे।

धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि अस्पताल में अप्रशिक्षित स्टाफ काम कर रहा है, इलाज के नाम पर मुंहमांगे पैसे वसूले जाते हैं और मरीजों व उनके परिजनों के साथ असहयोगात्मक रवैया अपनाया जाता है। प्रदर्शनकारी मुआवजा मिलने तक शव लेने से इंकार करते हुए धरने पर अड़े रहे।

मामले को शांत कराने के लिए मोरथला ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच अमराराम गरासिया, पूर्व उपसरपंच मुकेश परमार, कांग्रेस नेता जयंतीलाल मारू और आबूरोड रीको पुलिस थानाधिकारी लक्ष्मणसिंह चंपावत ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर समझाइश की। कई दौर की वार्ता के बाद दोपहर में परिजन शव लेने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।

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