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Sirohi News: मंडार पशु मेले में ऊंट-ऊंटनी प्रतियोगिता आयोजित, प्रशासनिक कार्रवाई भी बनी चर्चा का विषय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: सिरोही ब्यूरो
Updated Sun, 08 Mar 2026 09:41 PM IST
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सार
सिरोही जिले के मंडार में जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पशु मेले में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें ऊँट नर और ऊँट मादा वर्ग की प्रतियोगिताएं प्रमुख रहीं।
मंडार पशु मेले में ऊंट-ऊंटनी प्रतियोगिता आयोजित
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रोही जिले के मंडार में जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पशु मेले में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में उड़वारिया निवासी उकाराम देवासी का ऊँट विजेता रहा, जबकि मंडार के गोकलाराम की ऊँटनी ने पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं दूसरी ओर पशुपालन विभाग में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड़ ने रविवार को विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अमित कुमार को एपीओ करते हुए उनका मुख्यालय पशुपालन विभाग निदेशालय, जयपुर कर दिया है।
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ऊँट नर और मादा की प्रतियोगिताएं आयोजित
मेले में प्रतियोगिता के तहत ऊँट नर और ऊँट मादा की अलग-अलग स्पर्धाएं आयोजित की गईं। ऊँट नर वर्ग में कुल 3 प्रतिभागियों और ऊँट मादा वर्ग में 16 प्रतिभागियों ने भाग लिया। ऊँट नर प्रतियोगिता में उड़वारिया के उकाराम देवासी का ऊँट प्रथम स्थान पर रहा। वहीं गोदाराम मकावल का ऊँट दूसरे स्थान पर और जोगाराम आमलिया का ऊँट तीसरे स्थान पर रहा।
दूसरी ओर ऊँट मादा प्रतियोगिता में मंडार के गोकलाराम की ऊँटनी ने पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं दूसरे स्थान पर भूराराम भटाणा की ऊँटनी और तीसरे स्थान पर प्रभुराम भटाणा की ऊँटनी रही। इन सभी विजेताओं को मेले के समापन दिवस 11 मार्च को सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। मेले के दूसरे दिन ऊँट और ऊँटनियों की कुल संख्या 224 दर्ज की गई।
उत्कृष्ट पशु नस्लों के संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
गौरतलब है कि मंडार में आयोजित यह पशु मेला 11 मार्च तक चलेगा। मेले के माध्यम से उत्कृष्ट पशु नस्लों के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही पशुपालकों को उन्नत पशुपालन तकनीकों, टीकाकरण, रोग नियंत्रण और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मेले में गाय, भैंस, बकरी, भेड़, ऊँट और घोड़ों का प्रदर्शन और प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम के तहत 9 मार्च को अश्व प्रतियोगिता और 10 मार्च को अन्य पशुओं की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके साथ ही रात्रि में कवि सम्मेलन, लोककला और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
किसानों और पशुपालकों को मिल रही योजनाओं की जानकारी
मेले में कृषि और पशुपालन विभाग की ओर से लगाए गए स्टॉल के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को उन्नत नस्ल संवर्धन, पशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, आधुनिक तकनीक और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इस आयोजन के जरिए पारंपरिक और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग ने जिले के सभी पशुपालकों और आमजन से मेले में अधिक से अधिक भाग लेने की अपील की है।
संयुक्त निदेशक को किया गया एपीओ
उधर पशुपालन विभाग में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड़ ने रविवार को विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अमित कुमार को एपीओ कर उनका मुख्यालय पशुपालन विभाग निदेशालय, जयपुर कर दिया है। उनके स्थान पर उपनिदेशक डॉ. कामठे चांगदेव सोपान (उपनिदेशक पशुधन विभाग, सिरोही) को कार्यभार सौंपा गया है।
उद्घाटन समारोह में विवाद के बाद हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि रेवदर के मंडार में शनिवार को आयोजित जिला स्तरीय पशु मेले के उद्घाटन समारोह के दौरान निमंत्रण पत्र में स्थानीय विधायक मोतीराम कोली का नाम नहीं था, जिसे बाद में जोड़ा गया। वहीं उद्घाटन समारोह के दौरान आबू-पिण्डवाड़ा विधायक समाराम गरासिया ने बैनर पर फोटो नहीं होने और स्वागत प्रोटोकॉल को लेकर नाराजगी जताते हुए कार्यक्रम को बीच में ही छोड़ दिया था। विधायकों की इस नाराजगी को ही प्रशासनिक कार्रवाई का कारण माना जा रहा है, हालांकि विभाग की ओर से एपीओ का कारण प्रशासनिक बताया गया है।