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NIA का ढोल एक्शन! लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर विशाल पचार भगोड़ा घोषित, पाकिस्तान कनेक्शन ने बढ़ाई हलचल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्री गंगानगर
Published by: श्री गंगानगर ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2026 06:07 PM IST
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सार
कुख्यात गैंगस्टर विशाल पचार उर्फ बब्लू को एनआईए कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। शुक्रवार को एनआईए जयपुर टीम विशाल पचार के घर पहुंची और चौक-चौराहों पर ढोल बजाकर उसे सार्वजनिक रूप से भगोड़ा घोषित किया। इसके बाद बस स्टैंड, नगर परिषद, लीला चौक सहित कई सार्वजनिक स्थानों पर उसके नाम के पोस्टर चिपका दिए गए।
गैंगस्टर विशाल पचार उर्फ बब्लू को NIA कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
NIA कोर्ट ने विशाल पचार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए कहा कि वह कई संगीन धाराओं में आरोपी है। लंबे समय से वह कोर्ट में पेश नहीं हो रहा है और न ही पुलिस की पकड़ में आ रहा है। कोर्ट ने आशंका जताई है कि वह समन से बचने के लिए खुद को छिपा रहा है या देश छोड़कर फरार हो चुका है। विशाल पचार पुत्र इंद्राज पचार, निवासी 533, शनि मंदिर के पास, वार्ड नंबर-14, लीला चौक, पुरानी आबादी, श्रीगंगानगर (राजस्थान) का रहने वाला है।
शराब ठेके से शुरू हुआ सफर, अपराध की दुनिया में रखा कदम
विशाल पचार लॉरेंस गैंग में 'एलेक्स' के नाम से मशहूर है। उसके अन्य नाम सरदार खान, बब्लू और एसके भी बताए जाते हैं। विशाल के पिता इंद्राज पचार शराब ठेके पर सेल्समैन थे। विशाल भी उनके साथ काम करने जाता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात पंजाब और हरियाणा के कुछ गैंगस्टरों से हुई और धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया में शामिल हो गया।
2013 में पहली बार पकड़ा गया था विशाल
श्रीगंगानगर पुलिस ने विशाल पचार को वर्ष 2013 में जुआ खेलने के मामले में पहली बार गिरफ्तार किया था। उस समय नाबालिग होने के कारण कोर्ट ने उस पर 100 रुपये का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया था। वर्तमान में उसके खिलाफ राजस्थान और पंजाब में धमकी, फिरौती मांगने और हथियार सप्लाई जैसे मामलों में करीब 11 मुकदमे दर्ज हैं। श्रीगंगानगर पुलिस ने विशाल पचार पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है। उसके खिलाफ इंटरपोल को रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है।
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पाकिस्तान से हथियार और ड्रग्स सप्लाई का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, विशाल पचार ने 11 मार्च 2020 को जयपुर से पासपोर्ट बनवाया था। रोहित गोदारा के संपर्क के जरिए वह वर्ष 2024 में नेपाल के रास्ते भारत से फरार हो गया। श्रीगंगानगर के बॉर्डर इलाके की गहरी जानकारी होने के कारण लॉरेंस गैंग ने उसे सीमा क्षेत्र में नेटवर्क तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। आरोप है कि विशाल ने पाकिस्तान के हथियार और ड्रग्स तस्करों से संपर्क बनाया।
बचपन के दोस्त को भी गैंग में शामिल करने का आरोप
बताया जाता है कि उसने बॉर्डर से सटे गांवों में अपना नेटवर्क खड़ा किया और सुनसान खेतों के रास्ते पाकिस्तान से आने वाले पैकेटों की सप्लाई करता था। बाद में उसने पंजाब के बॉर्डर इलाकों तक अपना नेटवर्क फैलाया। जांच के अनुसार, विशाल ने अपने बचपन के दोस्त देवेंद्र भांभू (फायरमैन) को भी गैंग से जोड़ा था। एजेंसियां अब उसके पूरे नेटवर्क और संपर्कों की जांच कर रही हैं।
यह भी पढ़ें: पांचना पर कब्जे की जंग, पानी के लिए आमने-सामने 74 गांव; संघर्ष की आहट तेज
इंटरपोल की मदद से तलाश में जुटी एजेंसियां
विशाल पचार को पकड़ने के लिए पुलिस और जांच एजेंसियां इंटरपोल की मदद ले रही हैं। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वर्ष 2022 के आसपास वह लॉरेंस गैंग से पूरी तरह जुड़ गया था। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
शराब ठेके से शुरू हुआ सफर, अपराध की दुनिया में रखा कदम
विशाल पचार लॉरेंस गैंग में 'एलेक्स' के नाम से मशहूर है। उसके अन्य नाम सरदार खान, बब्लू और एसके भी बताए जाते हैं। विशाल के पिता इंद्राज पचार शराब ठेके पर सेल्समैन थे। विशाल भी उनके साथ काम करने जाता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात पंजाब और हरियाणा के कुछ गैंगस्टरों से हुई और धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया में शामिल हो गया।
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2013 में पहली बार पकड़ा गया था विशाल
श्रीगंगानगर पुलिस ने विशाल पचार को वर्ष 2013 में जुआ खेलने के मामले में पहली बार गिरफ्तार किया था। उस समय नाबालिग होने के कारण कोर्ट ने उस पर 100 रुपये का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया था। वर्तमान में उसके खिलाफ राजस्थान और पंजाब में धमकी, फिरौती मांगने और हथियार सप्लाई जैसे मामलों में करीब 11 मुकदमे दर्ज हैं। श्रीगंगानगर पुलिस ने विशाल पचार पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है। उसके खिलाफ इंटरपोल को रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है।
पाकिस्तान से हथियार और ड्रग्स सप्लाई का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, विशाल पचार ने 11 मार्च 2020 को जयपुर से पासपोर्ट बनवाया था। रोहित गोदारा के संपर्क के जरिए वह वर्ष 2024 में नेपाल के रास्ते भारत से फरार हो गया। श्रीगंगानगर के बॉर्डर इलाके की गहरी जानकारी होने के कारण लॉरेंस गैंग ने उसे सीमा क्षेत्र में नेटवर्क तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। आरोप है कि विशाल ने पाकिस्तान के हथियार और ड्रग्स तस्करों से संपर्क बनाया।
बचपन के दोस्त को भी गैंग में शामिल करने का आरोप
बताया जाता है कि उसने बॉर्डर से सटे गांवों में अपना नेटवर्क खड़ा किया और सुनसान खेतों के रास्ते पाकिस्तान से आने वाले पैकेटों की सप्लाई करता था। बाद में उसने पंजाब के बॉर्डर इलाकों तक अपना नेटवर्क फैलाया। जांच के अनुसार, विशाल ने अपने बचपन के दोस्त देवेंद्र भांभू (फायरमैन) को भी गैंग से जोड़ा था। एजेंसियां अब उसके पूरे नेटवर्क और संपर्कों की जांच कर रही हैं।
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इंटरपोल की मदद से तलाश में जुटी एजेंसियां
विशाल पचार को पकड़ने के लिए पुलिस और जांच एजेंसियां इंटरपोल की मदद ले रही हैं। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वर्ष 2022 के आसपास वह लॉरेंस गैंग से पूरी तरह जुड़ गया था। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।