{"_id":"695f2d9c08410629a60316e5","slug":"shri-ganganagar-whatsapp-fraud-retired-bank-officer-25-lakh-cyber-crime-2026-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan News: ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हुए रिटायर्ड अधिकारी, हुआ 25 लाख का नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan News: ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हुए रिटायर्ड अधिकारी, हुआ 25 लाख का नुकसान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीगंगानगर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Thu, 08 Jan 2026 09:38 AM IST
विज्ञापन
सार
श्रीगंगानगर में पंजाब नेशनल बैंक के रिटायर्ड कर्मचारी परमजीत सिंह तनेजा के साथ ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर धोखाधड़ी की। ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस और CBI अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी कनेक्शन का झूठा आरोप लगाया और परिवार को एनकाउंटर की धमकी दी।
(प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
श्रीगंगानगर में पंजाब नेशनल बैंक के रिटायर्ड कर्मचारी परमजीत सिंह तनेजा के साथ ठगों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी की। ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर खुद को मुंबई पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर उन्हें डराया-धमकाया और मनी लॉन्ड्रिंग व आतंकवादी कनेक्शन का झूठा आरोप लगाकर करीब 25 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। पीड़ित ने अब साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
सेतिया कॉलोनी निवासी परमजीत सिंह तनेजा, जो पंजाब नेशनल बैंक से रिटायर्ड हैं, को 23 दिसंबर 2025 को सुबह 11:14 बजे उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना चेहरा छिपाया और खुद को मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताया। ठग ने परमजीत से कहा कि उनका केनरा बैंक अकाउंट आतंकवादी गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल हुआ है और एक आतंकवादी के पास उनका ATM कार्ड बरामद हुआ है। परमजीत ने इन आरोपों से इनकार किया, लेकिन ठग ने धमकी दी कि अधिकारी से सही तरीके से बात नहीं की तो पूरे परिवार को एनकाउंटर में मार दिया जाएगा।
ठगों ने परमजीत को TRAI का फर्जी नोटिस, ATM कार्ड की फर्जी PDF, प्रवर्तन निदेशालय (ED) का फर्जी अरेस्ट वारंट और CBI का मनी लॉन्ड्रिंग नोटिस भेजा। साथ ही फोटो भी भेजी, जिनमें एक व्यक्ति से कई ATM कार्ड बरामद होते दिखाए गए। 24 दिसंबर को ठगों ने परमजीत से उनके FD, म्यूचुअल फंड और सेविंग अकाउंट की डिटेल मांगी। डर के चलते उन्होंने सभी जानकारी दे दी। ठगों ने कहा कि FD तोड़कर पैसे उनके बताए अकाउंट में ट्रांसफर करें। परमजीत ने PNB की FD तोड़ी और पैसे यस बैंक के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने धमकी दी कि परिवार या बैंक से बात की तो सिविल ड्रेस में लोग गोली मार देंगे।
ये भी पढ़ें- फंड पर विवाद: कांग्रेस ने भाजपा पर दोहरा मापदंड अपनाने का लगाया आरोप, सांसदों के फंड खर्च पर सियासी टकराव तेज
2 जनवरी 2026 को परमजीत ने ठगों का नंबर मिलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने परिवार को घटना बताई और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। बाद में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। परमजीत ने कहा कि यह पैसा उनकी रिटायरमेंट की बचत थी, जो जीवनयापन का सहारा थी। साइबर अपराध विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि किसी अनजान कॉल पर कभी पैसे ट्रांसफर न करें। ठग फर्जी दस्तावेज और धमकी से मानसिक दबाव डालते हैं, लेकिन पुलिस या CBI कभी फोन पर पैसे नहीं मांगती।
Trending Videos
सेतिया कॉलोनी निवासी परमजीत सिंह तनेजा, जो पंजाब नेशनल बैंक से रिटायर्ड हैं, को 23 दिसंबर 2025 को सुबह 11:14 बजे उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना चेहरा छिपाया और खुद को मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताया। ठग ने परमजीत से कहा कि उनका केनरा बैंक अकाउंट आतंकवादी गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल हुआ है और एक आतंकवादी के पास उनका ATM कार्ड बरामद हुआ है। परमजीत ने इन आरोपों से इनकार किया, लेकिन ठग ने धमकी दी कि अधिकारी से सही तरीके से बात नहीं की तो पूरे परिवार को एनकाउंटर में मार दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ठगों ने परमजीत को TRAI का फर्जी नोटिस, ATM कार्ड की फर्जी PDF, प्रवर्तन निदेशालय (ED) का फर्जी अरेस्ट वारंट और CBI का मनी लॉन्ड्रिंग नोटिस भेजा। साथ ही फोटो भी भेजी, जिनमें एक व्यक्ति से कई ATM कार्ड बरामद होते दिखाए गए। 24 दिसंबर को ठगों ने परमजीत से उनके FD, म्यूचुअल फंड और सेविंग अकाउंट की डिटेल मांगी। डर के चलते उन्होंने सभी जानकारी दे दी। ठगों ने कहा कि FD तोड़कर पैसे उनके बताए अकाउंट में ट्रांसफर करें। परमजीत ने PNB की FD तोड़ी और पैसे यस बैंक के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने धमकी दी कि परिवार या बैंक से बात की तो सिविल ड्रेस में लोग गोली मार देंगे।
ये भी पढ़ें- फंड पर विवाद: कांग्रेस ने भाजपा पर दोहरा मापदंड अपनाने का लगाया आरोप, सांसदों के फंड खर्च पर सियासी टकराव तेज
25 दिसंबर को ठगों ने फिर कॉल की और मोबाइल बैटरी 50% से नीचे न होने देने को कहा। परमजीत को 16-16 घंटे वीडियो कॉल पर रखा गया, जिससे वे मानसिक दबाव में आ गए। 26 दिसंबर को ठगों ने दूसरा अकाउंट नंबर भेजा, जिसमें परमजीत ने FD तोड़कर 11 लाख 52 हजार रुपये ट्रांसफर किए। कुल ठगी लगभग 25 लाख रुपये हुई।
2 जनवरी 2026 को परमजीत ने ठगों का नंबर मिलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने परिवार को घटना बताई और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। बाद में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। परमजीत ने कहा कि यह पैसा उनकी रिटायरमेंट की बचत थी, जो जीवनयापन का सहारा थी। साइबर अपराध विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि किसी अनजान कॉल पर कभी पैसे ट्रांसफर न करें। ठग फर्जी दस्तावेज और धमकी से मानसिक दबाव डालते हैं, लेकिन पुलिस या CBI कभी फोन पर पैसे नहीं मांगती।