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Rajasthan: टोंक में मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने फिर शुरू किया धरना प्रदर्शन, जानें मामला
Thu, 17 Oct 2024 12:32 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक
Published by: उदित दीक्षित
Updated Thu, 17 Oct 2024 12:32 PM IST
सार
धरना प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर तहसीलदार, थाना प्रभारी और ईसरदा डेम परियोजना के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास, लेकिन वे नहीं माने।
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टोंक में किसानों का धरना फिर शुरू।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
टोंक जिले के उनियारा उपखंड के बनेठा स्थित ईसरदा डेम परियोजना के डूब क्षेत्र के किसानों ने वर्तमान डीएलसी रेट के अनुसार मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर मालियों की झौपड़ियां गांव में एक बार फिर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह धरना प्रदर्शन ईसरदा डेम डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष जमना लाल माली और किसान महापंचायत के युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर चौधरी के नेतृत्व में किया जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार, प्रशासन को धरना प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही ईसरदा बांध परियोजना के अधिकारियों, तहसीलदार प्रवीण सैनी, और बनेठा थाना प्रभारी राम गिलास गुर्जर ने मौके पर पहुंचकर किसानों से बातचीत कर समझाने का प्रयास किया। किसानों का आरोप है कि पूर्व में जो समझौता किसानों और प्रशासन के बीच हुआ था, उस पर महीनों बीत जाने के बाद भी कोई अमल नहीं किया गया है।
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प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर चौधरी ने बताया कि पहले भी जब धरना प्रदर्शन हुआ था, तब किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में जिला कलेक्टर टोंक से वार्ता में सहमति बनी थी। इसमें 258.50 आरएल मीटर तक मुआवजा, विस्थापित परिवारों को मूलभूत सुविधाओं सहित स्थल, भूमिगत परिसंपत्तियों का मुआवजा और धारा-19 में अवार्ड जारी करने की सहमति बनी थी। हालांकि, अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है।
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धरना प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर तहसीलदार प्रवीण सैनी, थाना प्रभारी राम गिलास गुर्जर, और ईसरदा डेम परियोजना के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे, लेकिन किसानों को समझाने का प्रयास असफल रहा।