फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Why EV Insurance Costs More Than Petrol & Diesel Cars: Key Tips Before Buying a Policy

EV: पेट्रोल-डीजल कारों से महंगा क्यों है इलेक्ट्रिक वाहनों का बीमा? पॉलिसी खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान

Sat, 01 Aug 2026 07:07 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Sat, 01 Aug 2026 07:07 PM IST
सार

भारत में पेट्रोल और डीजल कारों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री भी लगातार बढ़ रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह ईंधन की बढ़ती कीमतें और इलेक्ट्रिक कारों की कम रनिंग कॉस्ट है। लेकिन जब बात ईवी इंश्योरेंस की आती है, तो सिर्फ कम प्रीमियम देखकर पॉलिसी खरीदना सही फैसला नहीं माना जाता। क्योंकि इलेक्ट्रिक कार का बीमा पारंपरिक कारों की तुलना में महंगा होता है और इसमें मिलने वाले कवरेज पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

विज्ञापन
Why EV Insurance Costs More Than Petrol & Diesel Cars: Key Tips Before Buying a Policy
EV Insurance - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

आजकल सड़कों पर पेट्रोल और डीजल गाड़ियों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। लोग ईंधन की बढ़ती कीमतों से राहत पाने और कम रनिंग कॉस्ट के लालच में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक कारें खरीद रहे हैं।

विज्ञापन

हालांकि, जब इलेक्ट्रिक कार के लिए इंश्योरेंस चुनने की बात आती है, तो क्या सिर्फ सबसे सस्ता या कम प्रीमियम वाला प्लान ढूंढना समझदारी है? इसका सीधा जवाब है नहीं! केवल कम प्रीमियम पर ध्यान देना काफी नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इलेक्ट्रिक वाहनों का इंश्योरेंस सामान्य कारों के मुकाबले इतना महंगा क्यों होता है और इसके पीछे की मुख्य वजहें क्या हैं?

विज्ञापन

क्या इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इंश्योरेंस लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है?

अगर आप एक नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको इसके कानूनी पहलुओं की जानकारी होनी चाहिए:

  • थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की अनिवार्यता:
    मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत हर नई इलेक्ट्रिक कार के लिए 'थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस' (Third-Party Insurance) लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

  • कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस का बेहतर विकल्प:
    हालांकि थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कानूनी जरूरत पूरी करता है। लेकिन अगर आप अपनी कार को पूरी सुरक्षा देना चाहते हैं, तो 'कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस' (Comprehensive Insurance) चुनना एक ज्यादा बेहतर और समझदारी भरा फैसला है।

इलेक्ट्रिक कारों का इंश्योरेंस पेट्रोल और डीजल कारों से महंगा क्यों होता है?

इलेक्ट्रिक वाहनों का बीमा प्रीमियम पारंपरिक गाड़ियों से अधिक होने के पीछे कई ठोस कारण हैं, जिन्हें इंश्योरेंस कंपनियां ध्यान में रखती हैं:

  • हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और महंगी बैटरी:
    इलेक्ट्रिक कारों में बेहद आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, हाई-टेक कंपोनेंट्स और महंगी बैटरियां इस्तेमाल होती हैं, जिससे वाहन की मूल लागत बढ़ जाती है।

  • दुर्घटना में भारी मरम्मत और रिप्लेसमेंट खर्च:
    अगर किसी हादसे या दुर्घटना में कार क्षतिग्रस्त होती है, तो इन आधुनिक और महंगे स्पेयर पार्ट्स को ठीक करने या बदलने का खर्च सामान्य कारों की तुलना में काफी ज्यादा आता है।

  • सर्विस सेंटर्स की सीमित संख्या:
    फिलहाल पारंपरिक पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिकृत सर्विस सेंटर्स की संख्या काफी कम है। सीमित उपलब्धता के कारण मरम्मत का खर्च अपने आप बढ़ जाता है।

विज्ञापन

नई EV इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है?

इंश्योरेंस लेते समय केवल सबसे सस्ता विकल्प न चुनें। अगर आपकी पॉलिसी में आवश्यक सुरक्षा कवर ही शामिल नहीं होंगे, तो किसी नुकसान की स्थिति में आपको भारी खर्च अपनी जेब से भरना पड़ सकता है। इसलिए पॉलिसी फाइनल करने से पहले इन मुख्य बिंदुओं की जांच और समझ जरूरी है:

  • बैटरी प्रोटेक्शन कवर लें:
    इलेक्ट्रिक कार का सबसे महंगा हिस्सा उसकी बैटरी होती है। इसलिए पॉलिसी में बैटरी प्रोटेक्शन ऐड-ऑन होना बेहद जरूरी है ताकि बैटरी खराब या डैमेज होने पर आपकी जेब पर बोझ न पड़े।

  • रोडसाइड असिस्टेंस की मौजूदगी जांचें:
    रास्ते में गाड़ी अचानक खराब होने या बंद पड़ने की स्थिति में मदद पाने के लिए यह जांच लें कि आपकी पॉलिसी में रोडसाइड असिस्टेंस सुविधा शामिल है या नहीं।

  • जीरो डेप्रिसिएशन कवर जरूर शामिल करें:
    चूंकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों के कई पार्ट्स बेहद महंगे होते हैं, इसलिए 'जीरो डेप्रिसिएशन' कवर लेने से क्लेम के समय पार्ट्स की घिसावट के बावजूद पूरा क्लेम अमाउंट मिलता है।

  • महंगे पार्ट्स का कवरेज:
    यह सुनिश्चित करें कि पॉलिसी में कार के सभी कीमती और संवेदनशील स्पेयर पार्ट्स के नुकसान की भरपाई का पूरा कवरेज शामिल हो।

  • बिना रिसर्च और पढ़े पॉलिसी न खरीदें:
    कभी भी बिना पूरी जानकारी जुटाए या कागजात पढ़े बीमा न खरीदें। पॉलिसी के सभी नियमों, शर्तों और अपवादों को ध्यान से पढ़ें ताकि पता रहे कि क्या कवर है और क्या नहीं।

  • विभिन्न कंपनियों के प्लान की तुलना करें:
    खुद को सिर्फ एक कंपनी की पॉलिसी तक सीमित न रखें। अलग-अलग इंश्योरेंस प्रोवाइडर्स के प्लान्स, उनके फीचर्स और प्रीमियम की आपस में तुलना करें।

  • अपनी आवश्यकतानुसार सही पॉलिसी चुनें:
    पूरी रिसर्च और तुलना करने के बाद ही ऐसी पॉलिसी का चयन करें जो आपकी जरूरतों के हिसाब से सही कवरेज प्रदान करती हो।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed