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UP Smart RC: यूपी में लागू हुई चिप और QR कोड वाली स्मार्ट कार्ड आरसी, जानें पुराने वाहन मालिक कैसे करें अप्लाई
Sat, 01 Aug 2026 10:54 AM IST
जागृति शुक्ला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Sat, 01 Aug 2026 10:54 AM IST
सार
UP Smart RC Card: क्या आप भी अपनी पुरानी कागजी आरसी (RC) के फटने व खराब होने की झंझट से परेशान हैं? तो यूपी में एक अगस्त 2026 से पुरानी कागजी आरसी की जगह चिप और क्यूआर (QR) कोड से लैस हाई-टेक स्मार्ट कार्ड आरसी जारी करने की व्यवस्था सुचारू रूप से लागू हो गई है। परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देशों पर शुरू हुई इस योजना के क्या फायदे हैं और पुराने वाहन मालिक अपनी आरसी को घर बैठे कैसे अपग्रेड कर सकते हैं? आइए जानते हैं सबकुछ विस्तार से...
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यूपी में न्यू स्मार्टकार्ड आरसी व्यवस्था शुरू
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
Smart RC Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में एक अगस्त 2026 से यानी आज से वाहन मालिकों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब तक जारी होने वाली कागजी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) की जगह QR कोड और इलेक्ट्रॉनिक चिप से लैस स्मार्ट कार्ड आरसी दी जाएगी।
परिवहन विभाग ने इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और 25 जुलाई तक जरूरी तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर भी स्थापित कर दिया गया है। कहा जा रहा है कि इस नई व्यवस्था के तहत वाहन से जुड़ी जानकारी अधिक सुरक्षित होगी और ट्रैफिक पुलिस व आरटीओ अधिकारी कुछ ही सेकंड में वाहन का पूरा रिकॉर्ड जांच सकेंगे।
ATM Card Sized Smart RC: कैसी होगी नई स्मार्ट आरसी
स्मार्ट आरसी में क्या होगा खास?
नई स्मार्ट आरसी में कई आधुनिक फीचर्स दिए जाएंगे। इसमें QR कोड, इलेक्ट्रॉनिक चिप, एन्क्रिप्टेड डेटा स्टोरेज और तेज डिजिटल वेरिफिकेशन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसमें लगी इलेक्ट्रॉनिक चिप वाहन और उसके मालिक से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी को सुरक्षित रखेगी और QR कोड की मदद से ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी कुछ ही सेकंड में वाहन का पूरा रिकॉर्ड देख सकेंगे। इससे दस्तावेजों की जांच तेज, सुरक्षित और पहले से अधिक पारदर्शी आ सकती है।
Chip And QR Code Working System: कैसे काम करेगी चिप और QR कोड?
इस स्मार्ट आरसी में दो सबसे मुख्य सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं, जो सुरक्षा को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
1. इलेक्ट्रॉनिक चिप
स्मार्ट आरसी में लगी इलेक्ट्रॉनिक चिप में वाहन और उसके मालिक का संपूर्ण डेटा एन्क्रिप्टेड रूप में सुरक्षित स्टोर रहेगा।
2. QR कोड
ऑन-द-स्पॉट यानी मौके पर हीसत्यापन के लिए आरसी पर खास QR कोड दिया गया है:
How to Apply Online: पुराने वाहन मालिक कैसे करें अप्लाई?
अगर आपके पास पहले से कोई पुरानी गाड़ी है और उसकी कागजी आरसी है, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार ने पुराने वाहन मालिकों को अपनी आरसी अपग्रेड करने का ऑनलाइन विकल्प दिया है:
स्मार्ट आरसी से क्या फायदा होगा?
उत्तर प्रदेश में पहले से ही चिप और क्यूआर कोड से लैस ड्राइविंग लाइसेंस दिए जा रहे हैं। अब ड्राइविंग लाइसेंस की तरह ही रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) को भी पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है।
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परिवहन विभाग ने इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और 25 जुलाई तक जरूरी तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर भी स्थापित कर दिया गया है। कहा जा रहा है कि इस नई व्यवस्था के तहत वाहन से जुड़ी जानकारी अधिक सुरक्षित होगी और ट्रैफिक पुलिस व आरटीओ अधिकारी कुछ ही सेकंड में वाहन का पूरा रिकॉर्ड जांच सकेंगे।
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ATM Card Sized Smart RC: कैसी होगी नई स्मार्ट आरसी
- अब तक उत्तर प्रदेश में गाड़ी खरीदने पर जो कागज यानी पेपर वाली आरसी ग्राहकों को मिलती थी, जिसके फटने, पानी में भीगने या समय के साथ खराब होने का डर हमेशा बना रहता था। इसके अलावा जेब या वॉलेट में कागजी आरसी को संभालने का झंझट भी बहुत रहता था।
- आज से लागू होने वाली स्मार्ट आरसी मजबूत प्लास्टिक मटेरियल से बनी होगी। इसका आकार बिल्कुल क्रेडिट या डेबिट (ATM) कार्ड जैसा होगा, जिसे आसानी से जेब या वॉलेट में रखा जा सकता है।
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स्मार्ट आरसी में क्या होगा खास?
नई स्मार्ट आरसी में कई आधुनिक फीचर्स दिए जाएंगे। इसमें QR कोड, इलेक्ट्रॉनिक चिप, एन्क्रिप्टेड डेटा स्टोरेज और तेज डिजिटल वेरिफिकेशन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसमें लगी इलेक्ट्रॉनिक चिप वाहन और उसके मालिक से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी को सुरक्षित रखेगी और QR कोड की मदद से ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी कुछ ही सेकंड में वाहन का पूरा रिकॉर्ड देख सकेंगे। इससे दस्तावेजों की जांच तेज, सुरक्षित और पहले से अधिक पारदर्शी आ सकती है।
Chip And QR Code Working System: कैसे काम करेगी चिप और QR कोड?
इस स्मार्ट आरसी में दो सबसे मुख्य सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं, जो सुरक्षा को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
1. इलेक्ट्रॉनिक चिप
स्मार्ट आरसी में लगी इलेक्ट्रॉनिक चिप में वाहन और उसके मालिक का संपूर्ण डेटा एन्क्रिप्टेड रूप में सुरक्षित स्टोर रहेगा।
- दर्ज डेटा: इसमें इंजन नंबर, चेसिस नंबर, फ्यूल टाइप, और वाहन स्वामी का नाम व पता शामिल होगा।
- छेड़छाड़ नामुमकिन: चिप में मौजूद जानकारी एन्क्रिप्टेड रहने की वजह डेटा से किसी भी तरह की छेड़छाड़ करना या फर्जी दस्तावेज तैयार करना लगभग नामुमकिन है, जिससे फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों पर नकेल कसेगी।
2. QR कोड
ऑन-द-स्पॉट यानी मौके पर हीसत्यापन के लिए आरसी पर खास QR कोड दिया गया है:
- तुरंत स्कैनिंग: चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस या आरटीओ अधिकारियों को अब गाड़ियों के लंबे रजिस्ट्रेशन नंबर मैन्युअली टाइप नहीं करने पड़ेंगे।
- रियल-टाइम डेटा: वे अपने मोबाइल या हैंडहेल्ड स्कैनर से सीधे क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे। स्कैन करते ही सारथी और वाहन के केंद्रीय डेटाबेस से गाड़ी के बीमा, पीयूसी, टैक्स पेमेंट और आरसी की वैधता की रियल-टाइम जानकारी तुरंत स्क्रीन पर आ जाएगी।
How to Apply Online: पुराने वाहन मालिक कैसे करें अप्लाई?
अगर आपके पास पहले से कोई पुरानी गाड़ी है और उसकी कागजी आरसी है, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार ने पुराने वाहन मालिकों को अपनी आरसी अपग्रेड करने का ऑनलाइन विकल्प दिया है:
- आवेदन प्रक्रिया: वाहन मालिक केंद्र सरकार के आधिकारिक वाहन पोर्टल पर जाकर अपनी गाड़ी का नंबर दर्ज करके स्मार्ट आरसी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
- शुल्क जमा करें: आवेदन करते समय आपसे भारत सरकार की ओर से निर्धारित शुल्क मांगी जाए, उसे जमा करें।
- होम डिलीवरी: प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई स्मार्ट आरसी स्पीड पोस्ट के जरिए सीधे वाहन मालिक के घर के पते पर भेज दी जाएगी।
स्मार्ट आरसी से क्या फायदा होगा?
उत्तर प्रदेश में पहले से ही चिप और क्यूआर कोड से लैस ड्राइविंग लाइसेंस दिए जा रहे हैं। अब ड्राइविंग लाइसेंस की तरह ही रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) को भी पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है।
- अपराधों पर रोक: जानकारों का मानना है कि यह व्यवस्था लागू होने से प्रदेश में चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री और एक ही नंबर पर दो गाड़ियां चलाने जैसे अपराधों पर काफी हद तक रोक लग सकेगी।
- समय की बचत व पारदर्शिता: सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग पहले से काफी तेज और पारदर्शी हो जाएगी। चेकिंग में बेवजह समय बर्बाद नहीं होगा और फर्जी आरसी लेकर घूमने वाले चालकों को ऑन-द-स्पॉट पकड़ा जा सकेगा।