EV: क्या चीन में इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता क्रेज पारंपरिक ईंधन की खपत को कम कर रहा है? रिपोर्ट में दावा
चीन में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने का असर अब देश की ऊर्जा खपत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहनों की वजह से जितने तेल की जरूरत कम हुई, उसमें पिछले साल की तुलना में 42% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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विस्तार
चीन में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को तेजी से अपनाया जा रहा है। जिससे देश की जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) पर निर्भरता में भारी गिरावट आ रही है। वित्तीय सेवा फर्म जेफरीज (Jefferies) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही (H1 2026) में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से बचाए गए तेल की मात्रा में साल-दर-साल 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
2026 की पहली छमाही में कितना कच्चा तेल बचाया गया?
एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के एक अध्ययन के हवाले से जेफरीज की रिपोर्ट ने तेल की खपत में आई कमी का पूरा आंकड़ा सामने रखा है:
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33.7 मिलियन टन तेल के बराबर की बचत:
2026 के पहले छह महीनों में ईवी के कारण लगभग 33.7 मिलियन टन ऑयल इक्विवेलेंट (Mtoe) यानी 1.4 मिलियन बैरल प्रति दिन के बराबर तेल की खपत घटी है। -
चीन के पिछले आयात का 6 प्रतिशत:
2026 की पहली छमाही में बचाए गए जीवाश्म ईंधन की यह मात्रा 2025 में चीन द्वारा किए गए कुल कच्चे तेल के आयात (579 मिलियन टन) के 6 प्रतिशत के बराबर है।विज्ञापन -
तीन वर्षों में तीन गुना की बढ़ोतरी:
रिपोर्ट के अनुसार, ईवी द्वारा बचाए गए तेल की मात्रा 2023 की पहली छमाही के 11.6 Mtoe (0.5 मिलियन बैरल प्रति दिन) की तुलना में अब लगभग तीन गुना हो गई है। यह दिखाता है कि देश की कुल ऊर्जा खपत पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का असर कितनी तेजी से बढ़ रहा है।विज्ञापन विज्ञापन
चीन के ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी कितनी बढ़ गई है?
जीवाश्म ईंधन की खपत में इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह चीन के पैसेंजर व्हीकल मार्केट में न्यू एनर्जी व्हीकल्स (NEV), जिसमें बैटरी चालित वाहन (BEV) और प्लग-इन हाइब्रिड शामिल हैं, की लगातार बढ़ती बिक्री है।
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जून 2026 में 63% का रिकॉर्ड स्तर:
जेफरीज के आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में NEV की हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 63 प्रतिशत पर पहुंच गई। -
जनवरी 2024 की तुलना में तेजी:
जनवरी 2024 में यह आंकड़ा केवल 33 प्रतिशत था। यह उछाल दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजार में विद्युतीकरण की असाधारण गति को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) और विशेषज्ञों का भविष्य के बारे में क्या आकलन है?
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की 'ग्लोबल ईवी आउटलुक 2026' रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि करती है कि इलेक्ट्रिक वाहनों से तेल की वैश्विक और स्थानीय मांग पर गहरा असर पड़ रहा है:
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2025 में 1 मिलियन बैरल की बचत:
IEA का अनुमान है कि ईवी के उपयोग के कारण चीन में 2025 के दौरान प्रतिदिन लगभग 1 मिलियन बैरल तेल की मांग कम हुई। -
2030 तक 2.7 मिलियन बैरल का अनुमान:
एजेंसी का मानना है कि 2030 तक यह आंकड़ा बढ़कर 2.7 मिलियन बैरल प्रति दिन हो सकता है। इससे साफ है कि स्वच्छ गतिशीलता की ओर चीन का यह कदम आने वाले वर्षों में जीवाश्म ईंधन की खपत को और बड़े पैमाने पर घटाएगा।
इस बदलाव का चीन की ऊर्जा खपत पर क्या असर पड़ रहा है?
जेफरीज का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता चीन की ऊर्जा मांग की तस्वीर बदल रही है।
आगे क्या संकेत मिल रहे हैं?
- नई ऊर्जा वाहनों की बढ़ती हिस्सेदारी तेल की खपत को लगातार कम कर सकती है।
- इससे देश की ऊर्जा जरूरतें धीरे-धीरे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की ओर स्थानांतरित होने की संभावना है।
- EV अपनाने की रफ्तार भविष्य में भी जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इस तरह, रिपोर्ट के मुताबिक चीन में इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार केवल ऑटोमोबाइल बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की ऊर्जा खपत और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ते संक्रमण को भी नई दिशा दे रहा है।