राष्ट्रीय स्तर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुआ विरोध अब जिला स्तर तक पहुंच गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को टोंक जिला मुख्यालय पर युवाओं और छात्रों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों की भीड़ और पोस्टरों ने खींचा ध्यान
धरने में बड़ी संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कई प्रतिभागियों के हाथों में विभिन्न मांगों और नारों वाले पोस्टर दिखाई दिए। इनमें एक छोटी छात्रा के हाथ में लिखा 'I Am Little Cockroach' पोस्टर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
पुलिस की सख्ती के बीच गूंजा राष्ट्रगान
प्रदर्शन के दौरान उस समय अलग माहौल देखने को मिला, जब पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करना शुरू किया। इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने अचानक राष्ट्रगान गाना शुरू कर दिया। राष्ट्रगान शुरू होते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी, प्रदर्शनकारी और अन्य लोग सम्मान में अपनी-अपनी जगह पर खड़े हो गए। कुछ देर के लिए पूरा परिसर राष्ट्रगान की धुन से गूंज उठा।
'जवाबदेही तय होने तक आंदोलन जारी रहेगा'
प्रदर्शनकारियों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उनका कहना था कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई
धरने के दौरान अक्षय चांवरिया, रानू तिवारी सहित अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी अपनी बात रखी और निष्पक्ष जांच के साथ परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।