Rajasthan: सब्सिडी विवाद में घिरे नरेश पाल गंगवार बने उच्च शिक्षा सचिव, राजस्थान लौटने की अटकलों पर लगा विराम!
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की सब्सिडी पर उठे सवालों के बीच राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस नरेश पाल गंगवार को केंद्र ने उच्च शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया है। वे अब देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगे।
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राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की सब्सिडी योजना के तहत परिवार को 1.16 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी मिलने के मामले में इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद सवालों के घेरे में आए 1994 बैच के राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को केंद्र सरकार ने नई जिम्मेदारी सौंपी है। गंगवार को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है।
बता दें कि अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि गंगवार की पत्नी, मां और बेटे को पांच वर्षों के दौरान NHB की योजना के तहत सब्सिडी मिली थी, जिसे लेकर संभावित हितों के टकराव पर सवाल उठाए गए थे। इससे पहले गंगवार केंद्र में ही मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
हालांकि गंगवार को केंद्र में ही नई नियुक्ति दिए जाने से राजस्थान में उनके नाम को लेकर चल रही अटकलें भी अब थम गई हैं। ऐसी चर्चा थी कि राजस्थान में मौजूदा मुख्य सचिव वी श्रीनिवास का कार्यकाल (सितंबर 2026) पूरा होने के बाद ब्यूरोक्रेसी में कुछ बड़े बदलाव हो सकते हैं। इसमें नरेश पाल गंगवार को एक पॉवरफुल जगह के लिए संभावित दावेदार माना जा रहा था।
मौजूदा सीएम भजनलाल ने जब राजस्थान में सत्ता की कमान संभाली थी तब नरेश पाल गंगवार की उनसे मुलाकात चर्चाओं में आ गई थी। उस वक्त भी गंगवार प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में ही तैनात थे। हालांकि इसके बाद गंगवार का नाम आगे नहीं बढ़ पाया। राजस्थान कार्मिक विभाग के अनुसार प्रदेश के आईएएस कैडर की सिविल लिस्ट में गंगवार की सीनियरिटी 12वें नंबर पर है।
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क्या है गंगवार से जुड़ा विवाद
इंडियन एक्सप्रेस की 27 जून की रिपोर्ट के अनुसार गंगवार की पत्नी, मां और बेटे को राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की एक योजना के तहत पांच वर्षों में कुल 1.16 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी मिली। इसी रिपोर्ट में सब्सिडी का लाभ लेने वालों में राजस्थान से केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी का भी नाम शामिल था।
जवाबदेही नहीं, भ्रष्टाचार को मिल रहा इनाम
इधर कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने गंगवार की नियुक्ति को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली है। उन्होंने कहा कि सरकार जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय भ्रष्टाचार को पुरस्कृत कर रही है! बीती रात शिक्षा सचिव का तबादला कर दिया गया। उनकी जगह पशुपालन विभाग के एक आईएएस अधिकारी को नियुक्त किया गया है, जिन पर कई करोड़ रुपये के गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। पेपर लीक और नीट (NEET) विवाद का पूरा संकट व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार को लेकर था। ऐसे में एक अधिकारी को हटाकर उसकी जगह भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे दूसरे अधिकारी की नियुक्ति करना देश के युवाओं का सीधा अपमान है।
क्या सरकार चाहती है कि हम इसी तरह के "समझौते" को स्वीकार कर लें? यह जवाबदेही नहीं है। जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।