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Rajasthan News: 29 अंकों को बना दिया 190, लैब असिस्टेंट भर्ती-2018 OMR फर्जीवाड़े में एसओजी की एक और गिरफ्तारी
Fri, 24 Jul 2026 12:46 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 12:46 PM IST
सार
ओएमआर शीट में कथित हेरफेर कर भर्ती परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने के मामले में एसओजी की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में भरतपुर के एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके अंकों में स्कैनिंग के दौरान कथित रूप से बड़ा बदलाव किया गया था।
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आरोपी जयप्रकाश
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती परीक्षा-2018 की ओएमआर शीट में फर्जीवाड़ा कर प्रारंभिक रूप से चयनित हुए एक और अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भरतपुर जिले के नदबई थाना क्षेत्र के बैलारा गांव निवासी 28 वर्षीय जयप्रकाश पुत्र हिम्मत सिंह के रूप में हुई है। मामले की जांच अभी जारी है।
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अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि पुलिस थाना एसओजी में जांच के दौरान सामने आया कि परीक्षा की ओएमआर शीट स्कैनिंग करने वाली एजेंसी राभव लिमिटेड के कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों के साथ मिलीभगत कर ओएमआर शीट में हेरफेर की थी। जांच में पाया गया कि एजेंसी के कार्मिक विनोद कुमार गौड़ और शादान खान ने कुल 27 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट में कांट-छांट कर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाते हुए प्रारंभिक रूप से चयनित कराया।
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एसओजी के अनुसार इस प्रकरण में एजेंसी के कर्मचारी विनोद कुमार गौड़, शादान खान, कंपनी के कार्यकारी निदेशक रामप्रवेश सिंह तथा लाभ पाने वाले कई अभ्यर्थियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें महेंद्र कुमार मीना, देवेंद्र सिंह गुर्जर, विजय सिंह मीना, पिंटू कुमार मीना, संजय कुमार सैनी और पंकज कुमार सैनी शामिल हैं।
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जांच में जयप्रकाश के मामले में भी बड़ा खुलासा हुआ है। ओएमआर स्कैनिंग के दौरान उसके प्राप्तांक 190 दर्शाए गए थे, जबकि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा दोबारा कराई गई स्कैनिंग में उसके वास्तविक अंक केवल 29 पाए गए। इससे स्पष्ट हुआ कि स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड में फर्जी बदलाव कर उसे चयन का लाभ दिलाया गया था।
एसओजी ने बताया कि महानिरीक्षक पुलिस अजयपाल लाम्बा के निर्देशन, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरविजन तथा पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में गठित टीम ने वांछित आरोपियों की तलाश के दौरान जयप्रकाश को गिरफ्तार किया। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक यशवंत सिंह कर रहे हैं। एसओजी अब यह पता लगाने में जुटी है कि ओएमआर फर्जीवाड़े के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा अन्य अभ्यर्थियों को किस प्रकार अनुचित लाभ पहुंचाया गया।