Rising Rajasthan: समिट के लिए तैयार कृषि विभाग ऑडिटोरियम, होने वाले एमओयू से बढ़ेंगी रोजगार संभावनाएं
इसमें 2500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए एमओयू साइन किए जाएंगे, जिससे करीब 5000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। निवेशकों के साथ राज्य सरकार के एमओयू, टोंक में निवेश की संभावनाओं पर प्रजेंटेशन और उद्योगों के विकास से जुड़े कई कार्यक्रम होंगे।
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राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत 29 नवंबर को जिला स्तरीय इन्वेस्टर मीट का आयोजन कृषि विभाग ऑडिटोरियम टोंक में सुबह 10 बजे से किया जाएगा। इसमें जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों की उपस्थिति में 2500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के एमओयू किए जाएंगे। जिला कलेक्टर सौम्या झा ने बताया कि राइजिंग राजस्थान के तहत जिले में अब तक 82 संबंधित इकाइयों से विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 2500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनसे करीब पांच हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऊर्जा एवं जिले के प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर होंगे। विशेष अतिथि के रूप में कन्हैया लाल चौधरी, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री, प्रभारी सचिव अर्चना सिंह, जिले के विधायक गण, निवेशक, जनप्रतिनिधि, उद्यमी एवं संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहेंगे। वहीं, मीडिया से बातचीत करते हुए महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र कुलदीप बड़सर ने बताया कि जिला स्तरीय इनवेस्टमेंट समिट कार्यक्रम में जिले में निवेश हेतु इच्छुक उद्यमियों के साथ राज्य सरकार की ओर से एमओयू हस्ताक्षर किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इच्छुक उद्यमियों के लिए ऑनलाइन एमओयू हेतु राज निवेश पोर्टल पर व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान रजिस्ट्रेशन, टोंक में निवेश की सम्भावनाओं पर प्रजेन्टेशन, ओडीओपी, एमएसएमई, हैण्डीक्राफ्ट स्टॉलो का प्रदर्शन एवं जिला फिल्म प्रदर्शित की जाएगी। हालांकि इस दौरान टोंक जिला मुख्यालय स्थित रीको में स्थापित होने वाली नई इकाइयों, जिला मुख्यालय पर औद्योगिक क्षेत्र के विकास, रोजगार को बढ़ाने के लिए होने वाले एमओयू को लेकर महाप्रबंधक कुलदीप बड़सर ज्यादा जानकारी नहीं दे पाए।
बता दें कि निवाई और देवली में तो उद्योग के विकास के पंख लग रहे हैं लेकिन जिला मुख्यालय स्थित रीको क्षेत्र बदहाल हो रहा है। सरसों तेल मील के लिए प्रसिद्ध टोंक रीको क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयां ठप पड़ी हुई है। ना तो इंवेस्टर आ रहे हैं ना ही इन्वेस्टमेंट किया जा रहा है। ऐसे में अब कल होने वाले एमओयू को लेकर जिला मुख्यालय के बेरोजगार युवाओं की ज्यादा उम्मीदें टिकी हुई है।