Rajasthan: 'पीएम मोदी भी अजमेर आए थे तो मेरी बात पर मोहर लगा गए', कंबल कांड वाले जौनापुरिया ऐसा क्यों बोले?
Tonk News: टोंक के पीपलू में कार्यकर्ता संवाद के दौरान पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने कंबल विवाद पर सफाई देते हुए इसे निजी मामला बताया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का ऑडियो भी सुनाया गया, जबकि विजय बैंसला ने भी बयान दिया।
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टोंक जिले के पीपलू में आयोजित बीजेपी कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने कंबल वितरण विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। कार्यक्रम में गुर्जर नेता विजय बैंसला और पूर्व जिला प्रमुख सत्यनारायण चौधरी भी मौजूद रहे।
पूर्व बीजेपी सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने कहा कि बताओ मैंने क्या गलत किया भाई, अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करने के लिए आया था। सरकारी योजनाएं तो सभी जगह जा रहीं हैं। वो कहते हैं कंबल ही तो है। ये कंबल बांटना मेरा निजी मामला है। जौनापुरिया बोले कि पीएम मोदी भी अजमेर आए थे तो मेरी बात पर मोहर लगा गए। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस नहीं बची, INC नहीं बची। ये अब मुस्लिम लीग माओवादी पार्टी बन गई है। जौनापुरिया ने इसके बाद अपने सहयोगी से अपना फोन मंगवा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑडियो भी माइक पर सुनाया। ये नया वीडियो 21 मार्च का है। दरअसल, टोंक के पीपलू में शनिवार को बीजेपी का कार्यकर्ता संवाद था। मंच पर पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया, गुर्जर नेता विजय बैंसला, पूर्व जिला प्रमुख सत्यनारायण चौधरी भी मौजूद थे।
कैसे उठा कंबल का मुद्दा?
कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष सत्यनारायण चौधरी अपनी बात रख रहे थे। उन्होंने कहा कि हम कुछ दिन पहले चर्चा कर रहे थे। इस दौरान 10-15 दिन पहले की पूर्व सांसद की चर्चा चल गई। एक ने खड़े होकर कहा आप कैसी चर्चा कर रहे हो। देश के प्रधानमंत्री अजमेर आ कर कह गए कि कांग्रेस माइनोरिटी की पार्टी है। उन्होंने (जौनापुरिया) ने तो बहुत छोटा कहा था।
जौनापुरिया ने पूर्व जिलाध्यक्ष से माइक लिया और बोले कि कतई नहीं दूंगा, बुरा मानो चाहे भला। जौनापुरिया बोले कि इधर दे दो माइक जल्दी से…। इसके बाद जौनपुरिया ने कहा कि मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता था। न मैं ऐसी भाषा बोलता हूं न मैंने 12 साल में कभी बोली है। उस दिन ये था कि मैंने नारायण जी से कहा कि 100-200 लोग बुला लो, तो वहां सब बैठे थे। अब अपने कार्यकर्ताओं के लिए कार्यक्रम था, सरकारी योजनाएं तो सभी को जा रहीं हैं। मैं कंबल दे रहा था। मैंने एक लेडी से पूछा क्या नाम है, उसने नाम बताया। मैंने पूछा कितनी हो? उसने कहा 20-25 हैं। मैंने कहा कि ठहर-ठहर, मैंने साफ कहा- कतई नहीं दूंगा, भला मानो चाहे बुरा मानो।
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पीएम के भाषण का ऑडियो लगाया
जौनापुरिया बोले कि अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करना है। बताओ इसमें मैंने क्या बुरा किया। कंबल ही तो हैं, हम दे चाहे न दें। हमारा निजी मामला है। इसके बाद जौनापुरिया ने अपने सहयोगी से अपना फोन मंगवाया। उन्होंने माइक पर लगा कर पीएम का भाषण सुनाया। कहा कि अब मेरा इसमें क्या दोष है। ऑडियो सुनाते हुए कहा कि देखो मोहर लग गई न मेरी बात पर। इस दौरान गुर्जर नेता गुर्जर नेता विजय बैंसला भी मंच से कोई आवश्यक काम बता कर निकल गए।
‘कैंची दोनों तरफ से चलेगी’
इसी संवाद कार्यक्रम में गुर्जर नेता विजय बैंसला ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि निवाई-पीपलू विधानसभा में 45 हजार गुर्जर मतदाता हैं। उन्होंने निवाई विधायक रामसहाय वर्मा को यह नसीहत दी कि चुनाव में 45 हजार का ध्यान रखना वरना कैंची दोनों तरफ से चलेगी।
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