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Tonk News : अजमेर दरगाह मामले में AIMIM नेता ने अजमेर तक पैदल यात्रा शुरू की, अहम रिसर्च पेपर होने का दावा
Wed, 18 Dec 2024 03:23 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Wed, 18 Dec 2024 03:23 PM IST
सार
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा करने की याचिका कोर्ट में दायर होने के बाद चल रहे विवाद के बाद AIMIM नेता ने कहा कि यह विवाद बेवजह खड़ा किया जा रहा है। हम तथ्यों के साथ सच्चाई सामने लाएंगे।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे को लेकर दायर किए गए वाद के बाद उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस मामले में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने भी एंट्री कर ली है। मंगलवार को AIMIM नेता और एडवोकेट काशिफ जुबेरी ने टोंक के नौ गज़े बाबा की दरगाह से अजमेर के लिए पैदल यात्रा शुरू की।
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काशिफ जुबेरी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके पास अजमेर दरगाह से जुड़े विवाद को लेकर कई अहम रिसर्च पेपर्स मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि वह अजमेर पहुंचकर इन दस्तावेजों को स्थानीय प्रशासन के माध्यम से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को सौंपेंगे।
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काशिफ ने विवाद को साजिश करार देते हुए कहा, "अजमेर दरगाह में मंदिर का दावा करके कुछ लोग अमन और शांति के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। यह विवाद बेवजह खड़ा किया जा रहा है। हम तथ्यों के साथ सच्चाई सामने लाएंगे।"
काशिफ अपनी टीम के अन्य सदस्यों के साथ टोंक से अजमेर के लिए पैदल रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना और ऐतिहासिक तथ्यों को प्रस्तुत करना है।
गौरतलब है कि कोर्ट में अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा करने के बाद से इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया। विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक माहौल में तनाव पैदा कर दिया है। AIMIM नेता की इस पहल से अब मामले में नई हलचल देखने को मिल रही है।