उदयपुर के जंगल धधके: रेलवे स्टेशन से 300 मीटर दूर तक पहुंचीं आग की लपटें, धुएं से ढका पूरा इलाका; अफरातफरी
उदयपुर जिले के वल्लभनगर क्षेत्र में गुरुवार दोपहर काली पहाड़ी के जंगलों में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। तेज गर्मी और हवाओं के चलते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 8 बीघा क्षेत्र जलकर राख हो गया।
विस्तार
राजस्थान के उदयपुर जिले के वल्लभनगर क्षेत्र में स्थित काली पहाड़ी के जंगलों में गुरुवार को भीषण आग लग गई। तेज गर्मी और हवाओं के कारण आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें पास के वल्लभनगर रेलवे स्टेशन से महज 300 मीटर की दूरी तक पहुंच गईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आग इतनी तेजी से फैली कि जंगल में मौजूद हजारों छोटे-बड़े पेड़-पौधे जलकर राख हो गए। पूरे क्षेत्र में काले धुएं का गुबार छा गया, जो दूर-दूर तक दिखाई देता रहा। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब आग रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ने लगी, जिससे यात्रियों और रेलवे स्टाफ में दहशत फैल गई।
वल्लभनगर-मावली रोड पर भी आग का असर देखने को मिला। आग सड़क किनारे तक पहुंच गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और प्रशासन के पहुंचने से पहले ही आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी डालकर और गीली झाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की।
पढ़ें: : डेढ़ घंटे कार में कैद रहा मासूम, भीषण गर्मी से थम गई सांस; घर में चल रही थी गृह प्रवेश की तैयारी
सूचना पर वल्लभनगर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया, जबकि दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब शाम 6:20 बजे दो दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती अनुमान के अनुसार सूखी झाड़ियों में घर्षण या अत्यधिक गर्मी इसके पीछे कारण हो सकती है। पुलिस और वन विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।
इस आग से जंगल में रहने वाले जीव-जंतुओं के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है और कई वन्यजीवों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर इलाके में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि दोबारा आग न भड़के।
