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50 करोड़ की सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त: यूडीए का बुलडोजर चला, बाउंड्रीवाल और निर्माणाधीन मकान ध्वस्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: उदयपुर ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2026 10:49 PM IST
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सार
उदयपुर विकास प्राधिकरण ने हवालाखुर्द और हवाला गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की 1.75 लाख वर्गफीट सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। अभियान में 20 बाउंड्रीवाल, तीन निर्माणाधीन मकान और कई अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए।
50 करोड़ की सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। हवाला गांव और हवालाखुर्द क्षेत्र में चलाए गए अभियान के दौरान कई अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया।
यूडीए की अलग-अलग टीमों ने मंगलवार को हवाला गांव और हवालाखुर्द क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए सड़क किनारे सरकारी भूमि पर बनाए गए अतिक्रमणों को हटाया। अभियान के दौरान करीब 20 पक्की बाउंड्रीवाल, तीन निर्माणाधीन मकान और कई कच्चे निर्माण ध्वस्त किए गए। यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि हवालाखुर्द गांव में लगभग 1.75 लाख वर्गफीट सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किए गए थे। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है। संबंधित लोगों को नियमानुसार नोटिस जारी कर दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, लेकिन संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने पर कार्रवाई की गई।
निर्माण हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई
कार्रवाई के दौरान एक नया निर्मित पक्का मकान भी ध्वस्तीकरण की जद में आया। मकान मालिक के अनुरोध पर अधिकारियों ने पहले आवश्यक सामान बाहर निकालने की अनुमति दी, जिसके बाद निर्माण को हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई। यूडीए सचिव हेमेंद्र नागर ने बताया कि आराजी संख्या 534/1, 535, 735 और 746 सहित कई भूखंड राजस्व रिकॉर्ड में उदयपुर विकास प्राधिकरण के नाम दर्ज हैं। विभाग को सूचना मिली थी कि सरकारी अवकाश के दिनों में यहां चोरी-छिपे निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। जांच और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया।
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ये भी पढ़ें- Rajasthan: हनुमान बेनीवाल ने मदन राठौड़ को भेजा लीगल नोटिस, कहा- सार्वजनिक माफी मांगें; सियासी हलचल तेज
अभियान के दौरान यूडीए उपायुक्त रमेशचंद बहड़िया, डीएसपी गोपाल चंदेल, तहसीलदार डॉ. अभिनव शर्मा सहित राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नाई थाना पुलिस और होमगार्ड के जवानों की भी तैनाती की गई थी। कार्रवाई के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही। क्षेत्र में कुछ निर्माणों को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताया जा रहा था, हालांकि राजस्व अभिलेखों में अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज पाए गए। यूडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और अवैध कब्जों के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यूडीए की अलग-अलग टीमों ने मंगलवार को हवाला गांव और हवालाखुर्द क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए सड़क किनारे सरकारी भूमि पर बनाए गए अतिक्रमणों को हटाया। अभियान के दौरान करीब 20 पक्की बाउंड्रीवाल, तीन निर्माणाधीन मकान और कई कच्चे निर्माण ध्वस्त किए गए। यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि हवालाखुर्द गांव में लगभग 1.75 लाख वर्गफीट सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किए गए थे। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है। संबंधित लोगों को नियमानुसार नोटिस जारी कर दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, लेकिन संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने पर कार्रवाई की गई।
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निर्माण हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई
कार्रवाई के दौरान एक नया निर्मित पक्का मकान भी ध्वस्तीकरण की जद में आया। मकान मालिक के अनुरोध पर अधिकारियों ने पहले आवश्यक सामान बाहर निकालने की अनुमति दी, जिसके बाद निर्माण को हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई। यूडीए सचिव हेमेंद्र नागर ने बताया कि आराजी संख्या 534/1, 535, 735 और 746 सहित कई भूखंड राजस्व रिकॉर्ड में उदयपुर विकास प्राधिकरण के नाम दर्ज हैं। विभाग को सूचना मिली थी कि सरकारी अवकाश के दिनों में यहां चोरी-छिपे निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। जांच और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया।
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