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Rajasthan News: सस्ते सेकेंड हैंड मोबाइल का लालच पड़ सकता है भारी, साइबर ठगी और कानूनी कार्रवाई का खतरा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Thu, 04 Jun 2026 08:09 AM IST
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सार

सस्ते सेकेंड हैंड मोबाइल की खरीदारी आपको साइबर ठगी और कानूनी झंझट में फंसा सकती है। राजस्थान पुलिस ने लोगों को चेताया है कि पुराना मोबाइल खरीदने से पहले KYM सेवा से उसका IMEI सत्यापन जरूर करें।

Rajasthan Police Warns Against Buying Unverified Second-Hand Phones
मोबाइल - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार

कम कीमत में सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदने का आकर्षण कई बार लोगों को बड़ी मुसीबत में डाल सकता है। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बिना सत्यापन के खरीदा गया मोबाइल चोरी का, ब्लैकलिस्टेड या क्लोन हो सकता है, जिससे खरीदार साइबर ठगी, आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों का शिकार बन सकता है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह के निर्देश पर जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि साइबर अपराधी और मोबाइल चोर अक्सर चोरी किए गए या अवैध तरीके से प्राप्त मोबाइल फोन सेकेंड हैंड बाजार में बेच देते हैं। ऐसे में केवल कम कीमत देखकर मोबाइल खरीदना जोखिम भरा साबित हो सकता है।

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पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी पुराने मोबाइल की खरीदारी से पहले केंद्रीय दूरसंचार विभाग के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर उपलब्ध ‘नो योर मोबाइल’ (KYM) सेवा के जरिए उसका सत्यापन जरूर करें। इस सेवा से यह पता लगाया जा सकता है कि मोबाइल असली है या क्लोन, कहीं वह चोरी या गुमशुदगी के कारण ब्लैकलिस्ट तो नहीं किया गया और विक्रेता द्वारा बताई गई डिवाइस जानकारी सही है या नहीं।

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मोबाइल का IMEI नंबर *#06# डायल कर प्राप्त किया जा सकता है। इसके बाद उपभोक्ता SMS, KYM मोबाइल ऐप या CEIR पोर्टल के जरिए मोबाइल की पूरी जानकारी और स्टेटस जांच सकते हैं।

साइबर क्राइम शाखा ने स्पष्ट कहा है कि यदि किसी मोबाइल का स्टेटस ‘ब्लैक लिस्टेड’ या ‘ब्लॉक्ड’ दिखाई देता है तो उसे बिल्कुल नहीं खरीदना चाहिए। ऐसा मोबाइल अपराध से जुड़ा हो सकता है और भविष्य में खरीदार के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

पुलिस ने यह भी अपील की है कि साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी की किसी भी घटना की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930, साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी पुलिस थाने में दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

 

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