जल जीवन मिशन घोटाला: ACB ने पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल के खिलाफ 17,500 पेज की चार्जशीट पेश की
जल जीवन मिशन टेंडर घोटाले में एसीबी ने पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल के खिलाफ 17,500 पेज का आरोप पत्र विशेष न्यायालय में पेश किया है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये के टेंडर आवंटित करने के आरोपों की जांच जारी है।
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राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) टेंडर घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल के खिलाफ विशेष न्यायालय में आरोप पत्र पेश कर दिया है। एसीबी ने करीब 17,500 पृष्ठों का विस्तृत चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया है।
एसीबी की जांच में आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये के टेंडर फर्जी दस्तावेजों और कथित अनियमितताओं के आधार पर आवंटित किए गए। इसी मामले में एसीबी ने 9 अप्रैल को पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
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हालांकि जांच एजेंसी ने इस मामले में तत्कालीन जलदाय मंत्री महेश जोशी, कारोबारी संजय बड़ाया और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ जांच अभी लंबित रखी है। एसीबी का कहना है कि इन पहलुओं की जांच जारी है और आगे साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले एसीबी मामले में दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, विशाल सक्सेना, अरुण श्रीवास्तव, डी.के. गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक और नीरिल कुमार सहित कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश कर चुकी है।
वहीं मामले में फरार चल रहे जितेन्द्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हैं। एसीबी इन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। जल जीवन मिशन से जुड़े इस कथित घोटाले को राजस्थान के हालिया वर्षों के सबसे बड़े टेंडर घोटालों में से एक माना जा रहा है, जिसकी जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं।