नीट-UG 2026: कई जिलों में सख्त सुरक्षा के बीच परीक्षा, हजारों अभ्यर्थियों का किन नियमों से हुआ सामना?
NEET-UG Exam 2026: राजस्थान में नीट-यूजी 2026 परीक्षा उदयपुर, कोटपूतली-बहरोड़, बाड़मेर और दौसा में कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई। हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लिया। सख्त नियम, निगरानी और व्यवस्थाओं के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण रही, अब परिणाम का इंतजार है।
विस्तार
राजस्थान के विभिन्न जिलों में रविवार को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा ने पूरे प्रदेश में परीक्षा का माहौल बना दिया। उदयपुर, कोटपूतली-बहरोड़, बाड़मेर और दौसा सहित कई जिलों में हजारों अभ्यर्थियों ने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के अपने सपनों को साकार करने के लिए परीक्षा दी। सभी स्थानों पर कड़ी सुरक्षा, सख्त दिशा-निर्देश और प्रशासनिक निगरानी के बीच परीक्षा संपन्न हुई।
उदयपुर में 29 केंद्रों पर 8 हजार अभ्यर्थी शामिल
उदयपुर में करीब 8 हजार अभ्यर्थियों ने 29 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दी। सुबह से ही केंद्रों के बाहर छात्रों और अभिभावकों की भीड़ देखने को मिली। कई छात्र अंतिम समय में रिवीजन करते नजर आए, जबकि कुछ अपने माता-पिता का आशीर्वाद लेकर परीक्षा हॉल में प्रवेश करते दिखे। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई, जबकि 1:30 बजे के बाद प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया।
सख्त जांच और सीसीटीवी निगरानी में परीक्षा
उदयपुर के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सवीना केंद्र सहित सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक स्टाफ की निगरानी में अभ्यर्थियों की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया और किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
कोटपूतली-बहरोड़ में 19 केंद्रों पर 6168 अभ्यर्थी
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में भी परीक्षा को लेकर सुबह से ही हलचल तेज रही। यहां 19 परीक्षा केंद्रों पर कुल 6168 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं और अभ्यर्थी निर्धारित ड्रेस कोड व जरूरी दस्तावेजों के साथ प्रवेश का इंतजार करते नजर आए। 514 पर्यवेक्षक, 21 ऑब्जर्वर और 19 ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती कर परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के प्रयास किए गए।
सतर्क निगरानी और ट्रैफिक प्रबंधन के निर्देश
कोटपूतली-बहरोड़ में संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई और पुलिस टीम लगातार गश्त करती रही। जिला कलेक्टर ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए, वहीं पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। केंद्रों के आसपास ट्रैफिक नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
बाड़मेर में 8 केंद्रों पर 3288 अभ्यर्थी पंजीकृत
बाड़मेर जिले में नीट-यूजी 2026 परीक्षा 8 केंद्रों पर आयोजित की गई, जहां 3288 अभ्यर्थी पंजीकृत रहे। अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेन्द्रसिंह चांदावत के अनुसार अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक केंद्रों पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। आवश्यक दस्तावेजों और जांच के बाद ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया।
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प्रतिबंधित वस्तुओं पर सख्ती, नियमों का पालन अनिवार्य
एनटीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर कड़े प्रतिबंध लागू किए गए। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, आभूषण और अन्य कई वस्तुओं को पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया। केवल अनुमति प्राप्त सामग्री के साथ ही अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई। नियमों के उल्लंघन पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
केंद्रों के आसपास विशेष पाबंदियां लागू
बाड़मेर में परीक्षा के दिन परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में ई मित्र, फोटो कॉपी और साइबर कैफे जैसी दुकानों को बंद रखा गया। साथ ही अनाधिकृत प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई गई और किसी भी प्रकार की जानकारी लीक होने की स्थिति में आपराधिक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
दौसा में 12 केंद्रों पर 4,185 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, हुई थ्री-लेयर जांच
दौसा जिला मुख्यालय पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। जिले में कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए, जहां 4,185 अभ्यर्थी पंजीकृत रहे। परीक्षा एक ही पारी में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संपन्न हुई। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस और प्रशासन सतर्क नजर आए।
सुबह से शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू कर दी गई थी। अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रों के बाहर छाया के लिए टेंट लगाए गए। निर्धारित समय के अनुसार दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, जिससे सभी को समय से पहले पहुंचना पड़ा।
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त्रि-स्तरीय जांच के बाद ही एंट्री
सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को सख्त त्रि-स्तरीय जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। हर परीक्षार्थी का बायोमैट्रिक सत्यापन किया गया और मेटल डिटेक्टर के माध्यम से जांच की गई। अनियमितताओं को रोकने के लिए कई अभ्यर्थियों के कपड़ों में लगे मेटल के बटन तक कटवाए गए, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता बनी रहे।
ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य
परीक्षा में शामिल होने के लिए निर्धारित ड्रेस कोड का सख्ती से पालन कराया गया। छात्रों के लिए बिना मेटल बटन वाले पेंट या ट्राउजर अनिवार्य रहे, जबकि छात्राओं के लिए सलवार-कुर्ता, लेगिंग, पेंट या ट्राउजर, टी-शर्ट या कुर्ती निर्धारित की गई। ड्रेस कोड का पालन करने के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।
अभ्यर्थियों के लिए सुविधाओं की व्यवस्था
तेज धूप को देखते हुए परीक्षा केंद्रों के बाहर टेंट लगाकर ठंडे पानी की व्यवस्था भी की गई, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इससे केंद्रों के बाहर इंतजार कर रहे छात्रों को राहत मिली।
परीक्षा के शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संचालन के लिए जिले में प्रशासनिक स्तर पर व्यापक इंतजाम किए गए। 4 एसडीओ और 8 तहसीलदारों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया। सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित किए गए।
उत्साह और चिंता के बीच परीक्षा संपन्न
चार जिलों में परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के चेहरों पर उत्साह और हल्की चिंता दोनों साफ नजर आईं। वहीं अभिभावक भी केंद्रों के बाहर बच्चों के बेहतर प्रदर्शन की कामना करते दिखे। अब सभी की नजरें परीक्षा परिणाम पर टिकी हैं, जो उनके भविष्य की दिशा तय करेगा।
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