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Rajasthan: पांच दिन में पांच बच्चों की रहस्यमयी मौत, उल्टी-दस्त और बुखार से फैली दहशत; मांगी गई सर्वे रिपोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सलूंबर
Published by: उदयपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2026 08:53 AM IST
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सार
सलूंबर के लसाड़िया ब्लॉक में 5 दिनों में 5 बच्चों की रहस्यमयी मौत हुई है। दो से चार साल के बच्चों में बुखार, उल्टी-दस्त और ऐंठन के लक्षण पाए गए। कलेक्टर मौके पर पहुंचे हैं, जबकि मेडिकल टीम घर-घर जाकर जांच कर रही है और ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं।
सर्वे टीम घर-घर जाकर जांच कर रही है
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
सलूंबर जिले के लसाड़िया ब्लॉक में पांच दिनों के भीतर पांच नाबालिग बच्चों की मौत ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। सभी मृत बच्चों की उम्र महज दो से चार साल के बीच थी। बच्चों में तेज बुखार, उल्टी-दस्त और ऐंठन जैसे लक्षण अचानक उभरे और इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इन मौतों ने न सिर्फ परिवारों को तोड़ दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में भय और बेचैनी का माहौल पैदा कर दिया है।
बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ी
ये सभी घटनाएं लसाड़िया ब्लॉक के घाटा और लालपुरा गांवों में सामने आई हैं। परिजनों का कहना है कि बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ी और पहले स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें धरियावद अस्पताल ले जाया गया, जहां से जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़, सलूंबर जिला अस्पताल और अंत में एमबी अस्पताल उदयपुर रेफर किया गया। इनमें से दो बच्चों की रास्ते में ही मौत हो गई, जबकि तीन ने अस्पताल में दम तोड़ा। मृतक बच्चों में दीपक मीणा, सीमा, लक्ष्मण मीणा, काजल मीणा और राहुल मीणा शामिल हैं।
जल्द सर्वे रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पीपी और एसडीएम दिनेश आचार्य खुद गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया। कलेक्टर ने चिकित्सा टीम को पूरे क्षेत्र का व्यापक सर्वे कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। बीसीएमओ डॉ. सिंटू कुमावत के नेतृत्व में एक विशेष मेडिकल टीम गांव में डेरा डाले हुए है। टीम घर-घर जाकर बच्चों की जांच कर रही है और रक्त के नमूने ले रही है। ग्रामीणों को साफ-सफाई रखने और पानी उबालकर पीने की सलाह दी जा रही है।
हालांकि, अभी तक मौतों की सटीक वजह सामने नहीं आई है। चिकित्सा विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि यह किसी वायरल संक्रमण का असर है या मौसमी बीमारी का प्रकोप। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी लक्षण पर तुरंत अस्पताल जाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तत्काल अधिकारियों को वस्तुस्थिति पता करने, मौत के कारणों का पता लगाने तथा इस बीमारी की रोकथाम के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर के चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम गठित कर बीमारी से प्रभावित गांवों में भेजी है, जो बच्चों की मौत का कारण पता लगाने के साथ ही बीमारी से बचाव के संबंध में भी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कर रही है।
मुख्य सचिव ने ली जानकारी
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने भी सोमवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मामले की पूरी जानकारी ली और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन तथा अन्य अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की सतत निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए।प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि सलूम्बर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित गांवों सहित सलूम्बर एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मियों की टीम नियोजित कर बुखार के लक्षण वाले बच्चों की गहन स्क्रीनिंग सुनिश्चित करें। किसी भी बच्चे में लक्षण मिलें तो तत्काल प्रभाव से उसे उपचार उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। यदि किसी बच्चे की स्थिति गंभीर हो तो उसे तत्काल जिला चिकित्सालय या मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में रेफर किया जाए। साथ ही, मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए एंटीलार्वा, सोर्स रिडक्शन, फोगिंग सहित अन्य गतिविधियां करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ी
ये सभी घटनाएं लसाड़िया ब्लॉक के घाटा और लालपुरा गांवों में सामने आई हैं। परिजनों का कहना है कि बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ी और पहले स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें धरियावद अस्पताल ले जाया गया, जहां से जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़, सलूंबर जिला अस्पताल और अंत में एमबी अस्पताल उदयपुर रेफर किया गया। इनमें से दो बच्चों की रास्ते में ही मौत हो गई, जबकि तीन ने अस्पताल में दम तोड़ा। मृतक बच्चों में दीपक मीणा, सीमा, लक्ष्मण मीणा, काजल मीणा और राहुल मीणा शामिल हैं।
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जल्द सर्वे रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पीपी और एसडीएम दिनेश आचार्य खुद गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया। कलेक्टर ने चिकित्सा टीम को पूरे क्षेत्र का व्यापक सर्वे कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। बीसीएमओ डॉ. सिंटू कुमावत के नेतृत्व में एक विशेष मेडिकल टीम गांव में डेरा डाले हुए है। टीम घर-घर जाकर बच्चों की जांच कर रही है और रक्त के नमूने ले रही है। ग्रामीणों को साफ-सफाई रखने और पानी उबालकर पीने की सलाह दी जा रही है।
हालांकि, अभी तक मौतों की सटीक वजह सामने नहीं आई है। चिकित्सा विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि यह किसी वायरल संक्रमण का असर है या मौसमी बीमारी का प्रकोप। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी लक्षण पर तुरंत अस्पताल जाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तत्काल अधिकारियों को वस्तुस्थिति पता करने, मौत के कारणों का पता लगाने तथा इस बीमारी की रोकथाम के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर के चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम गठित कर बीमारी से प्रभावित गांवों में भेजी है, जो बच्चों की मौत का कारण पता लगाने के साथ ही बीमारी से बचाव के संबंध में भी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कर रही है।
मुख्य सचिव ने ली जानकारी
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने भी सोमवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मामले की पूरी जानकारी ली और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन तथा अन्य अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की सतत निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए।प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि सलूम्बर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित गांवों सहित सलूम्बर एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मियों की टीम नियोजित कर बुखार के लक्षण वाले बच्चों की गहन स्क्रीनिंग सुनिश्चित करें। किसी भी बच्चे में लक्षण मिलें तो तत्काल प्रभाव से उसे उपचार उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। यदि किसी बच्चे की स्थिति गंभीर हो तो उसे तत्काल जिला चिकित्सालय या मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में रेफर किया जाए। साथ ही, मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए एंटीलार्वा, सोर्स रिडक्शन, फोगिंग सहित अन्य गतिविधियां करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं।