भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन: थलू तक मार्च में कमीशनिंग की तैयारी, अप्रैल तक ट्रेन चलने की उम्मीद
निर्माण, फंड और तकनीकी अड़चनों के बीच झूल रही बहुप्रतीक्षित भानुपल्ली–बिलासपुर रेल लाइन परियोजना को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है।
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थलू तक रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब मार्च 2026 में कमीशनिंग की प्रक्रिया प्रस्तावित की जा रही है। कमीशनिंग के बाद अप्रैल में थलू तक ट्रेन पहुंचाने की संभावना है। निर्माण, फंड और तकनीकी अड़चनों के बीच झूल रही बहुप्रतीक्षित भानुपल्ली–बिलासपुर रेल लाइन परियोजना को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। रेलवे बोर्ड की ओर से 700 करोड़ की राशि जारी किए जाने के बाद परियोजना का रुका हुआ काम दोबारा शुरू हो गया है।
अधिकारियों के मुताबिक रेलवे और निर्माण एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि थलू तक ट्रैक, स्लीपर, रेल पैनल और तकनीकी ढांचा पूरी तरह तैयार है। अब केवल रेलवे सेफ्टी कमिश्नर का निरीक्षण और मंजूरी शेष है। इसके बाद ट्रायल रन और फिर रेल संचालन की संभावना बनेगी।
एक माह पहले महीने ही रेल पटरियों की अनलोडिंग के लिए मालगाड़ी (डीएमटी) थलू तक चलाई जा चुकी है। इसी ट्रेन के जरिये रेल पैनल और अन्य सामग्री साइट तक पहुंचाई गई थी। इससे यह साफ हो गया है कि ट्रैक तकनीकी रूप से इस्तेमाल के योग्य है। फिलहाल ट्रैक पर फिनिशिंग और सेफ्टी से जुड़े अंतिम कार्य किए जा रहे हैं। परियोजना में प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच चली लड़ाई के बाद परियोजना के लिए केंद्र की तरफ से फंड आना बंद हो गया था। इसके कारण थलू से पहाड़पुर और आगे बिलासपुर तक का हिस्सा लंबे समय से फंड की कमी के कारण ठप पड़ा था। इस दौरान ब्रिज निर्माण, रेल बिछाने, सिग्नलिंग और टेलीकम्युनिकेशन, विद्युत कार्य पूरी तरह बंद हो गए थे। अब 700 करोड़ की राशि मिलने के बाद इन सभी कार्यों को दोबारा शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक यह फंड पहाड़पुर से लेकर बिलासपुर तक के कार्यों में लगाया जाएगा, जिससे परियोजना को लगातार आगे बढ़ाया जा सकेगा।
13,000 करोड़ की संशोधित लागत का प्रस्ताव अभी लंबित
रेल परियोजना की कुल लागत को बढ़ाकर लगभग 13,000 करोड़ करने का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है, लेकिन फिलहाल इसे मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा 700 करोड़ से काम दोबारा पटरी पर आ गया है, जिससे भविष्य की फंडिंग के लिए भी रास्ता साफ होगा।
कमीशनिंग के बाद ट्रायल, फिर चलेगी ट्रेन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार थलू तक कमीशनिंग पूरी होते ही पहले ट्रायल रन होगा। ट्रायल सफल रहने पर रेलवे प्रशासन ट्रेन संचालन पर अंतिम फैसला लेगा। निर्माण एजेंसियों का दावा है कि उनकी ओर से ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप तैयार किया जा चुका है। क्षेत्र के लिए सामरिक और आर्थिक रूप से अहम परियोजना भानुपल्ली–बिलासपुर रेल लाइन को हिमाचल प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में गिना जाता है। इसके पूरा होने से बिलासपुर को सीधा रेल नेटवर्क मिलेगा। सीमेंट, उद्योग और व्यापार को बड़ा लाभ होगा, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, पहाड़ी क्षेत्र में सड़क यातायात पर निर्भरता घटेगी।