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Shimla News: न तो ओटीपी आया, न किसी लिंक पर क्लिक किया, फोन सुनते ही खाते से 10 लाख गायब
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 01 Feb 2026 03:30 PM IST
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सार
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में एक बुजुर्ग के बैंक खाते से बिना ओटीपी, पिन या किसी लिंक पर क्लिक किए करीब 10 लाख रुपये निकाल लिए गए।
साइबर अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी शिमला में एक बुजुर्ग के साथ दस लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। हैरानी इस बात की है कि शिकायतकर्ता ने न किसी से ओटीपी शेयर किया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया। इसके बावजूद उनके खाते दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिये लाखों की रकम निकल गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में संजौली क्षेत्र के सांगटी में रहने वाले बुजुर्ग ने बताया कि 3 जनवरी को उन्हें एक अनजान नंबर से फोन आया। इसके बाद उनके पीएनबी बैंक खाते से 5,00,000 और 4,99,999 रुपये की दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन में करीब दस लाख रुपये की रकम निकल गई। फोन नंबर पर पैसे निकलने का मैसेज आने के बाद उन्हें इस बात की जानकारी मिली। इस दौरान वह अस्पताल में थे। मामले की सूचना मिलते ही उन्होंने संबंधित बैंक से संपर्क किया और इसके साथ ही पुलिस में भी लिखित शिकायत दी। छोटा शिमला पुलिस स्टेशन ने इस संबंध में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। चिंता की बात यह है कि बिना ओटीपी शेयर किए और लिंक पर क्लिक किए बैंक खाते से पैसे निकलने से लोगों की उम्रभर की कमाई साइबर ठग उड़ा रहे हैं। इससे पहले भी कई मामलों में शिकायतकर्ता इस बात को लेकर सवाल उठा चुके हैं।
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थाना सदर में कुछ महीने पहले दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामले में शिकायतकर्ता का कहना था कि उन्होंने किसी भी अनजान से किसी भी प्रकार की निजी जानकारी साझा नहीं की थी। इसके बावजूद उनके खाते से करीब 85,000 रुपये की राशि निकल गई थी। उन्होंने संबंधित बैंक से भी इस बारे में जानकारी मांगी लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। डीआईजी संजीव कुमार गांधी ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है।
साइबर ठगों के निशाने पर हैं पेंशनर
प्रदेश में आए दिन पेंशनरों से साइबर ठगी की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि बुजुर्ग और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बैंक खातों में अच्छी-खासी रकम होती है। बुजुर्गों को साइबर ठग, डिजिटल अरेस्ट, लालच, जीवन प्रमाणपत्र अपडेट करने का झांसा देकर धोखाधड़ी का शिकार बना रहे हैंं। इससे पहले भी जीवन प्रमाण पत्र अपडेट करने के नाम पर जिले के दो पेंशनरों के साथ लाखों की धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यही नहीं कई मामलों में साइबर ठग एफडी पर ऋण लेकर लाखों की धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक बुजुर्ग लोग अनजान नंबरों से आने वाली ठगों की कॉल पर विश्वास करके ठगी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों से सावधान रहने और किसी भी अनजान नंबर से आने वाले लिंक पर क्लिक नहीं करने की अपील की है।
प्रदेश में आए दिन पेंशनरों से साइबर ठगी की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि बुजुर्ग और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बैंक खातों में अच्छी-खासी रकम होती है। बुजुर्गों को साइबर ठग, डिजिटल अरेस्ट, लालच, जीवन प्रमाणपत्र अपडेट करने का झांसा देकर धोखाधड़ी का शिकार बना रहे हैंं। इससे पहले भी जीवन प्रमाण पत्र अपडेट करने के नाम पर जिले के दो पेंशनरों के साथ लाखों की धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यही नहीं कई मामलों में साइबर ठग एफडी पर ऋण लेकर लाखों की धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक बुजुर्ग लोग अनजान नंबरों से आने वाली ठगों की कॉल पर विश्वास करके ठगी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों से सावधान रहने और किसी भी अनजान नंबर से आने वाले लिंक पर क्लिक नहीं करने की अपील की है।
साइबर हेल्पलाइन नंबर पर हर रोज आ रहीं सैकड़ों शिकायतें
प्रदेश में साइबर ठगी के मामलों का ग्राफ दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर हर रोज तीन सौ से चार सौ कॉल आ रही हैं। इसमें कई शिकायतें वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ी हैं। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक लोगों को साइबर ठगी का शिकार होने पर फौरन साइबर हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करना चाहिए जितना जल्दी लोग शिकायत करेंगे उनके पैसे मिलने की उम्मीद भी उतनी ज्यादा रहेगी। ज्यादातर मामलों में लोग शिकायत करने में ही कई दिन लगा देते हैं जबकि उन्हें अपने साथ होने वाली धोखाधड़ी के बारे में काफी पहले पता चल चुका होता है।
प्रदेश में साइबर ठगी के मामलों का ग्राफ दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर हर रोज तीन सौ से चार सौ कॉल आ रही हैं। इसमें कई शिकायतें वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ी हैं। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक लोगों को साइबर ठगी का शिकार होने पर फौरन साइबर हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करना चाहिए जितना जल्दी लोग शिकायत करेंगे उनके पैसे मिलने की उम्मीद भी उतनी ज्यादा रहेगी। ज्यादातर मामलों में लोग शिकायत करने में ही कई दिन लगा देते हैं जबकि उन्हें अपने साथ होने वाली धोखाधड़ी के बारे में काफी पहले पता चल चुका होता है।
बाल और दाड़ी कटवा शिमला में ही घूमता रहा फरार तस्कर
शोघी में हिरासत से फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद बालूगंज पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। आरोपी सिर के बाल और दाड़ी कटवाकर शिमला में घूमता रहा। अब आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा है। मामला 22 जनवरी का है जब स्पेशल सेल की टीम ने शोघी में चंडीगढ़ की ओर से आ रही गाड़ी को तलाशी के लिए रोका। इस दौरान गाड़ी में तीन व्यक्ति सवार थे। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 9.480 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। इस दौरान जब एसआईयू की टीम आरोपियों को बालूगंज पुलिस के सुपुर्द कर रही थी तो इस दौरान आरोपी विकास ने बीमार होने की बात कही। इस दौरान उसे एक पुलिस कर्मी पीछे की ओर ले गया तो वह उल्टी
करने लगा और इसी बीच छलांग लगाकर जंगल की ओर भाग गया।
पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई टीमों का गठन कर उसे तलाश करना शुरू किया लेकिन वह उनके हाथ नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए गहन पड़ताल शुरू की और अब उसे शिमला से ही पकड़ लिया गया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के अलावा पुलिस कस्टडी से भागने के मामले में भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने बाल और दाड़ी भी कटवा ली थी जिससे उसकी पहचान न हो सके। इसके बावजूद पुलिस ने उसे पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। गौरतलब है कि शिमला पुलिस ने जिले में चिट्टा माफिया के खिलाफ आजकल अभियान छेड़ रखा है। हर रोज चिट्टे के साथ युवक पकड़े जा रहे हैं। पुलिस कई बड़े गिरोहों को पुलिस पकड़कर सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। डीआईजी संजीव कुमार गांधी ने बताया कि पुलिस हिरासत से भागने वाले आरोपी को पकड़ लिया गया है। कानून के अनुसार आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ब्यूरो
शोघी में हिरासत से फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद बालूगंज पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। आरोपी सिर के बाल और दाड़ी कटवाकर शिमला में घूमता रहा। अब आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा है। मामला 22 जनवरी का है जब स्पेशल सेल की टीम ने शोघी में चंडीगढ़ की ओर से आ रही गाड़ी को तलाशी के लिए रोका। इस दौरान गाड़ी में तीन व्यक्ति सवार थे। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 9.480 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। इस दौरान जब एसआईयू की टीम आरोपियों को बालूगंज पुलिस के सुपुर्द कर रही थी तो इस दौरान आरोपी विकास ने बीमार होने की बात कही। इस दौरान उसे एक पुलिस कर्मी पीछे की ओर ले गया तो वह उल्टी
करने लगा और इसी बीच छलांग लगाकर जंगल की ओर भाग गया।
पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई टीमों का गठन कर उसे तलाश करना शुरू किया लेकिन वह उनके हाथ नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए गहन पड़ताल शुरू की और अब उसे शिमला से ही पकड़ लिया गया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के अलावा पुलिस कस्टडी से भागने के मामले में भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने बाल और दाड़ी भी कटवा ली थी जिससे उसकी पहचान न हो सके। इसके बावजूद पुलिस ने उसे पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। गौरतलब है कि शिमला पुलिस ने जिले में चिट्टा माफिया के खिलाफ आजकल अभियान छेड़ रखा है। हर रोज चिट्टे के साथ युवक पकड़े जा रहे हैं। पुलिस कई बड़े गिरोहों को पुलिस पकड़कर सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। डीआईजी संजीव कुमार गांधी ने बताया कि पुलिस हिरासत से भागने वाले आरोपी को पकड़ लिया गया है। कानून के अनुसार आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ब्यूरो
