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Shimla News: आठ हजार ट्यूलिप फूलों से महकने लगा है राष्ट्रपति निवास, अगले हफ्ते शिमला आ रही हैं द्रौपदी मुर्मू
हर्षित शर्मा, शिमला।
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2026 12:36 PM IST
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सार
शिमला के छराबड़ा स्थित राष्ट्रपति निवास आठ किस्मों के आठ हजार ट्यूलिप फूलों से महकने लगा है। इन खिले हुए फूलों ने राष्ट्रपति निवास को एक जीवंत पुष्प वाटिका में बदल दिया है। पढ़ें पूरी खबर...
ट्यूलिप
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
छराबड़ा स्थित राष्ट्रपति निवास आठ किस्मों के आठ हजार ट्यूलिप फूलों से महकने लगा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 27 अप्रैल से प्रस्तावित शिमला दौरे से पहले उनके छराबड़ा राष्ट्रपति निवास का उद्यान रंग-बिरंगे फूलों से चमक रहा है।
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उद्यान विभाग की ओर से इस बार विशेष तैयारी करते हुए जनवरी में ही करीब 10 हजार ट्यूलिप बल्ब लगाए गए थे। इनमें से 8000 पूरी तरह खिल चुके हैं। इन खिले हुए फूलों ने राष्ट्रपति निवास को एक जीवंत पुष्प वाटिका में बदल दिया है। इस बार उद्यान में ट्यूलिप की आठ प्रमुख किस्में लगाईं हैं जो अपनी अलग-अलग रंगत के कारण आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। डेनमार्क किस्म के लाल और पीले मिश्रित रंग के फूल विशेष रूप से ध्यान खींचते हैं। डीप पर्पल रॉक गहरे बैंगनी रंग के साथ गहराई को दिखाई देता है। सुपर वाइनर किस्म गाढ़े मैरून रंग में शाही आभा बिखेर रही है।
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स्ट्रॉन्ग गोल्ड के चमकीले पीले फूल धूप में और अधिक निखरे हैं। एस्टा बोनिता किस्म नारंगी-लाल रंग के साथ उद्यान को गर्माहट देती है, वहीं केट रोमन एम्पायर हल्के गुलाबी और सफेद रंगों के संयोजन से सौम्यता का स्पर्श जोड़ती है। सन बेल्ट किस्म सुनहरे पीले रंग में दमक रही है और अपेलडॉर्न के चमकीले लाल फूल पूरे परिसर में ऊर्जा का संचार करते नजर आते हैं। फिलहाल सूरज, बारिश और जंगली जानवरों से बचाने के लिए ट्यूलिप को नेट से ढका है जिसे 26 अप्रैल को हटाया जाएगा। राष्ट्रपति निवास छराबड़ा के प्रबंधक संजू डोगरा ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के चलते 2 मई तक निवास को सभी के लिए बंद कर दिया है।
बाहर से रंग-रोगन पूरा, अंदर चल रहा मरम्मत कार्य
राष्ट्रपति निवास द रिट्रीट की बाहरी सूरत को पूरी तरह नया रूप दे दिया है। इमारत की दीवारों पर पारंपरिक सफेद रंग और लकड़ी के हिस्सों पर भूरे रंग की पॉलिश की है जिससे इसकी औपनिवेशिक वास्तुकला और अधिक निखर कर सामने आई है। छत और बाहरी ढांचे की मरम्मत का कार्य भी पूरा कर लिया है। वहीं अंदरूनी हिस्सों में विद्युत प्रणाली को आधुनिक बनाया जा रहा है। कमरों में नई वायरिंग, लाइटिंग और सुरक्षा उपकरण लगाए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति निवास द रिट्रीट की बाहरी सूरत को पूरी तरह नया रूप दे दिया है। इमारत की दीवारों पर पारंपरिक सफेद रंग और लकड़ी के हिस्सों पर भूरे रंग की पॉलिश की है जिससे इसकी औपनिवेशिक वास्तुकला और अधिक निखर कर सामने आई है। छत और बाहरी ढांचे की मरम्मत का कार्य भी पूरा कर लिया है। वहीं अंदरूनी हिस्सों में विद्युत प्रणाली को आधुनिक बनाया जा रहा है। कमरों में नई वायरिंग, लाइटिंग और सुरक्षा उपकरण लगाए जा रहे हैं।
हर गेट पर अशोक चक्र का प्रतीक
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए राष्ट्रपति निवास परिसर के हर प्रवेशद्वार पर अशोक चक्र का प्रतीक चिह्न स्थापित किया है। यह न केवल भवन की गरिमा को बढ़ा रहा है बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बना रहा है। मुख्य गेट से लेकर अंदरूनी मार्गों तक सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। सीसीटीवी कैमरे, बैरिकेडिंग और चेकिंग प्वाइंट स्थापित किए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां लगातार निरीक्षण कर रही हैं ताकि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान किसी प्रकार की चूक न हो। राष्ट्रपति निवास द रिट्रीट का इतिहास लगभग 175 वर्ष पुराना है। यह इमारत ब्रिटिश काल में निर्मित हुई थी और बाद में राष्ट्रपति के ग्रीष्मकालीन निवास के रूप में उपयोग में लाई जाने लगी।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए राष्ट्रपति निवास परिसर के हर प्रवेशद्वार पर अशोक चक्र का प्रतीक चिह्न स्थापित किया है। यह न केवल भवन की गरिमा को बढ़ा रहा है बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बना रहा है। मुख्य गेट से लेकर अंदरूनी मार्गों तक सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। सीसीटीवी कैमरे, बैरिकेडिंग और चेकिंग प्वाइंट स्थापित किए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां लगातार निरीक्षण कर रही हैं ताकि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान किसी प्रकार की चूक न हो। राष्ट्रपति निवास द रिट्रीट का इतिहास लगभग 175 वर्ष पुराना है। यह इमारत ब्रिटिश काल में निर्मित हुई थी और बाद में राष्ट्रपति के ग्रीष्मकालीन निवास के रूप में उपयोग में लाई जाने लगी।

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