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'बड़ी रैली में जाम तो लगेगा ही': ट्रैफिक में फंसी महिला के गुस्से पर मंत्री गिरीश महाजन ने दी सफाई; क्या कहा?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नवीन पारमुवाल
Updated Wed, 22 Apr 2026 04:19 PM IST
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सार
मुंबई में भाजपा के महिला आरक्षण बिल के समर्थन में आयोजित मार्च के दौरान भारी ट्रैफिक जाम लग गया। इससे खफा एक महिला ने मंत्री गिरिश महाजन को खरी खरी सुनाई। अब मंत्री ने पूरे मामले में सफाई दी है।
बड़ी रैली में जाम लगना स्वाभाविक है: मंत्री गिरीश महाजन
- फोटो : ANI
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विस्तार
Maharashtra News: महाराष्ट्र के मंत्री और बीजेपी नेता गिरीश महाजन को मंगलवार को एक महिला के गुस्से का सामना करना पड़ा। मुंबई के वर्ली इलाके में एक प्रदर्शन के कारण लगे ट्रैफिक जाम से नाराज एक महिला ने मंत्री को बीच सड़क पर ही खरी-खोटी सुना दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद बुधवार को मंत्री ने इस पर अपनी सफाई दी।
गिरीश महाजन ने बताया कि यह कार्यक्रम कांग्रेस के विरोध में महिला आरक्षण बिल के समर्थन में आयोजित किया गया था, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि बड़े आंदोलनों के दौरान सड़क पर यातायात प्रभावित होना और लोगों को असुविधा होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, "जब हम कोई बड़ा मार्च निकालते हैं, तो थोड़ी परेशानी तो होती ही है। इतिहास में भी ऐसे कई बड़े आंदोलन हुए हैं जो कई दिनों तक चले थे।"
गिरीश महाजन ने क्या कहा?
महाजन ने कहा कि ट्रैफिक जाम की बात सही है, लेकिन महिला का व्यवहार उचित नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला ने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों पर बोतलें फेंकी। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिला ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ भी गलत व्यवहार किया। भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि वह अपने बच्चे को लेने की जल्दी में थी, और उसका गुस्सा कुछ हद तक जायज है। मैंने खुद उस महिला को भरोसा दिलाया था कि हम अगले 10 मिनट में रास्ता साफ कर देंगे। मैंने उन्हें हुई असुविधा के लिए व्यक्तिगत रूप से माफी भी मांगी थी। मुझे नहीं लगता कि उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।"
मंत्री महाजन के अनुसार, इस मोर्चे में करीब 15 से 20 हजार महिलाएं शामिल थीं। महाजन ने वीआईपी कल्चर के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शन की अनुमति पहले ही ली गई थी।
यह भी पढ़ें: Maharashtra: भाजपा के महिला आरक्षण पर प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम से फूटा महिला का गुस्सा, कांग्रेस ने घेरा
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मंगलवार को भाजपा ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष को घेरने के लिए रैली निकाली थी। इससे सड़क पर जाम लग गया। उसी समय एक महिला वहां पहुंची और चिल्लाने लगी कि आप लोग यहां से हटिए आपकी वजह से जाम लगा है। महिला ने सवाल उठाया कि इस तरह के प्रदर्शन किसी खुले मैदान में क्यों नहीं किए जाते। महिला के गुस्से को देखते हुए पुलिस ने बीच बचाव करने की कोशिश की लेकिन उसने किसी की बात नहीं सुनी।
इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए महिलाओं को गुमराह कर रही है और आम जनता को परेशान कर रही है। दूसरी तरफ महाजन ने कहा कि छोटे कार्यक्रमों और इतने बड़े मोर्चे की तुलना करना गलत है क्योंकि हजारों लोगों के आने पर व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण होता है।
यह कोई पहली बार नहीं है जब मंत्री महाजन को इस तरह जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले भी जलगांव में एक कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने उनसे ट्रैफिक जाम को लेकर तीखी बहस की थी। उस समय भी मंत्री को महिला से माफी मांगनी पड़ी थी।
यह भी पढ़ें: Kanpur: महिला आरक्षण बिल के विरोध पर घेरा, भाजपा युवा मोर्चा का प्रदर्शन, राहुल-अखिलेश का पुतला फूंका
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गिरीश महाजन ने बताया कि यह कार्यक्रम कांग्रेस के विरोध में महिला आरक्षण बिल के समर्थन में आयोजित किया गया था, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि बड़े आंदोलनों के दौरान सड़क पर यातायात प्रभावित होना और लोगों को असुविधा होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, "जब हम कोई बड़ा मार्च निकालते हैं, तो थोड़ी परेशानी तो होती ही है। इतिहास में भी ऐसे कई बड़े आंदोलन हुए हैं जो कई दिनों तक चले थे।"
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गिरीश महाजन ने क्या कहा?
महाजन ने कहा कि ट्रैफिक जाम की बात सही है, लेकिन महिला का व्यवहार उचित नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला ने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों पर बोतलें फेंकी। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिला ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ भी गलत व्यवहार किया। भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि वह अपने बच्चे को लेने की जल्दी में थी, और उसका गुस्सा कुछ हद तक जायज है। मैंने खुद उस महिला को भरोसा दिलाया था कि हम अगले 10 मिनट में रास्ता साफ कर देंगे। मैंने उन्हें हुई असुविधा के लिए व्यक्तिगत रूप से माफी भी मांगी थी। मुझे नहीं लगता कि उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।"
मंत्री महाजन के अनुसार, इस मोर्चे में करीब 15 से 20 हजार महिलाएं शामिल थीं। महाजन ने वीआईपी कल्चर के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शन की अनुमति पहले ही ली गई थी।
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मंगलवार को भाजपा ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष को घेरने के लिए रैली निकाली थी। इससे सड़क पर जाम लग गया। उसी समय एक महिला वहां पहुंची और चिल्लाने लगी कि आप लोग यहां से हटिए आपकी वजह से जाम लगा है। महिला ने सवाल उठाया कि इस तरह के प्रदर्शन किसी खुले मैदान में क्यों नहीं किए जाते। महिला के गुस्से को देखते हुए पुलिस ने बीच बचाव करने की कोशिश की लेकिन उसने किसी की बात नहीं सुनी।
इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए महिलाओं को गुमराह कर रही है और आम जनता को परेशान कर रही है। दूसरी तरफ महाजन ने कहा कि छोटे कार्यक्रमों और इतने बड़े मोर्चे की तुलना करना गलत है क्योंकि हजारों लोगों के आने पर व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण होता है।
यह कोई पहली बार नहीं है जब मंत्री महाजन को इस तरह जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले भी जलगांव में एक कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने उनसे ट्रैफिक जाम को लेकर तीखी बहस की थी। उस समय भी मंत्री को महिला से माफी मांगनी पड़ी थी।
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