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Malegaon case: 'आखिरकार सामने आया सच', मालेगांव मामले के चार आरोपियों के बरी होने पर बोले महाराष्ट्र के मंत्री
पीटीआई, महाराष्ट्र
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Wed, 22 Apr 2026 03:53 PM IST
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सार
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2006 मालेगांव धमाकों के चार आरोपियों को बरी कर दिया है, जिस पर महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि अब सच सामने आ गया है। महाजन ने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए निर्दोषों को फंसाने का आरोप लगाया। 2006 में हुए इन धमाकों में 31 लोगों की मौत हुई थी। आइए, मामले के साथ-साथ महाजन के बयान को विस्तार से जानते है।
महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
महाराष्ट्र की राजनीति में 2006 के मालेगांव बम धमाकों का मामला एक बार फिर गरमा गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा इस मामले के चार आरोपियों को बरी किए जाने के बाद भाजपा नेता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। महाजन ने कहा कि लंबे समय के बाद अब सच्चाई सबके सामने आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग दिया गया था और बेगुनाह लोगों को जानबूझकर फंसाया गया था। कोर्ट के इस फैसले ने उन लोगों के दावों को मजबूती दी है जो शुरू से ही जांच की दिशा पर सवाल उठा रहे थे।
कोर्ट ने किन धाराओं के तहत आरोपियों को बरी किया?
बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए मालेगांव धमाकों के चार आरोपियों- राजेंद्र चौधरी, धन सिंह, मनोहर राम सिंह नरवरिया और लोकेश शर्मा को डिस्चार्ज (बरी) कर दिया है। कोर्ट ने विशेष अदालत के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें इन आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। इन चारों पर हत्या, आपराधिक साजिश और कड़े कानून यूएपीए के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे। गिरीश महाजन ने मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बिना किसी ठोस वजह के इस मामले को तूल दिया था और कुछ लोगों को गलत तरीके से इसमें घसीटा था।
ये भी पढ़ें- Bengal Polls: 'बंगाल में अपना खाता भी नहीं खोल पाएगी कांग्रेस', चुनावी रैली में राहुल पर जमकर बरसे अमित शाह
मालेगांव धमाकों का पूरा मामला आखिर क्या था?
यह पूरा मामला 8 सितंबर 2006 का है, जब नासिक जिले के मालेगांव शहर में एक के बाद एक चार बम धमाके हुए थे। धमाकों की जगहें बहुत ही संवेदनशील थीं; तीन धमाके हमीदिया मस्जिद और बड़ा कब्रिस्तान के परिसर में शुक्रवार की नमाज के ठीक बाद हुए थे, जबकि चौथा धमाका मुशावरत चौक पर हुआ था। इस भीषण आतंकी हमले में 31 लोगों की जान चली गई थी और लगभग 312 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना ने उस वक्त पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और जांच एजेंसियों पर आरोपियों को पकड़ने का भारी दबाव था।
संबंधित वीडियो-
जांच के दौरान कैसे बदली धमाकों की कहानी?
धमाकों की शुरुआती जांच महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने की थी। एटीएस ने उस समय नौ मुस्लिम व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था और उन्हें मुख्य आरोपी बताया था। हालांकि, जब इस मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई, तो पूरी कहानी बदल गई। एनआईए ने दावा किया कि ये धमाके दक्षिणपंथी कट्टरपंथियों की साजिश थे और इसके बाद इन चार लोगों (राजेंद्र चौधरी, धन सिंह, मनोहर और लोकेश) को गिरफ्तार किया गया था। इस बीच, विशेष अदालत ने एटीएस द्वारा पकड़े गए उन नौ मुस्लिम पुरुषों को मामले से पहले ही बरी कर दिया था।
मंत्री गिरीश महाजन ने क्या राजनीतिक आरोप लगाए?
महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने एनआईए की जांच और पिछली सरकारों की मंशा पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ के लिए मालेगांव मामले का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया और उन्हें जानबूझकर फंसाया गया ताकि एक खास तरह का राजनीतिक एजेंडा चलाया जा सके। महाजन के अनुसार, हाई कोर्ट का यह फैसला उन लोगों के लिए एक बड़ी जीत है जो खुद को निर्दोष बता रहे थे। अब इस फैसले के बाद राज्य में 'भगवा आतंकवाद' बनाम 'राजनीतिक साजिश' की बहस एक बार फिर छिड़ गई है।
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बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए मालेगांव धमाकों के चार आरोपियों- राजेंद्र चौधरी, धन सिंह, मनोहर राम सिंह नरवरिया और लोकेश शर्मा को डिस्चार्ज (बरी) कर दिया है। कोर्ट ने विशेष अदालत के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें इन आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। इन चारों पर हत्या, आपराधिक साजिश और कड़े कानून यूएपीए के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे। गिरीश महाजन ने मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बिना किसी ठोस वजह के इस मामले को तूल दिया था और कुछ लोगों को गलत तरीके से इसमें घसीटा था।
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मालेगांव धमाकों का पूरा मामला आखिर क्या था?
यह पूरा मामला 8 सितंबर 2006 का है, जब नासिक जिले के मालेगांव शहर में एक के बाद एक चार बम धमाके हुए थे। धमाकों की जगहें बहुत ही संवेदनशील थीं; तीन धमाके हमीदिया मस्जिद और बड़ा कब्रिस्तान के परिसर में शुक्रवार की नमाज के ठीक बाद हुए थे, जबकि चौथा धमाका मुशावरत चौक पर हुआ था। इस भीषण आतंकी हमले में 31 लोगों की जान चली गई थी और लगभग 312 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना ने उस वक्त पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और जांच एजेंसियों पर आरोपियों को पकड़ने का भारी दबाव था।
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मंत्री गिरीश महाजन ने क्या राजनीतिक आरोप लगाए?
महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने एनआईए की जांच और पिछली सरकारों की मंशा पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ के लिए मालेगांव मामले का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया और उन्हें जानबूझकर फंसाया गया ताकि एक खास तरह का राजनीतिक एजेंडा चलाया जा सके। महाजन के अनुसार, हाई कोर्ट का यह फैसला उन लोगों के लिए एक बड़ी जीत है जो खुद को निर्दोष बता रहे थे। अब इस फैसले के बाद राज्य में 'भगवा आतंकवाद' बनाम 'राजनीतिक साजिश' की बहस एक बार फिर छिड़ गई है।

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