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Harmony of the Pines Case : महिला कांस्टेबल मामले में राज्य महिला आयोग सख्त, DGP को निष्पक्ष जांच के निर्देश
Mon, 03 Aug 2026 09:20 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 03 Aug 2026 09:20 AM IST
सार
पुलिस बैंड हारमनी ऑफ द पाइन्स से जुड़ी महिला कांस्टेबल की कथित प्रताड़ना के मामले में राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए डीजीपी को निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने एक पुलिस अधिकारी और गायक की भूमिका की भी जांच कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
पुलिस बैंड हारमनी ऑफ द पाइन्स से जुड़ी महिला कांस्टेबल द्वारा लगाए गए कथित प्रताड़ना के आरोपों के मामले में राज्य महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने कहा है कि यदि किसी महिला कर्मचारी के साथ कार्यस्थल पर मानसिक, सामाजिक या अन्य किसी प्रकार की प्रताड़ना के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसी के तहत एक पुलिस अधिकारी और गायक की भूमिका की भी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने कहा कि महिला कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि जांच में प्रताड़ना या नियमों के उल्लंघन के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी जांच प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।
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क्या है मामला?
महिला कांस्टेबल की शिकायत पर गायक गोपी जैक्स के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रेस वार्ता के दौरान गायक ने उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक टिप्पणियां कीं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में एक पुलिस अधिकारी पर भी आरोप लगाए गए हैं, जिनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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आयोग ने कहा है कि यदि किसी महिला कर्मचारी के साथ कार्यस्थल पर मानसिक, सामाजिक या अन्य किसी प्रकार की प्रताड़ना के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसी के तहत एक पुलिस अधिकारी और गायक की भूमिका की भी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
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राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने कहा कि महिला कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि जांच में प्रताड़ना या नियमों के उल्लंघन के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी जांच प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।
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क्या है मामला?
महिला कांस्टेबल की शिकायत पर गायक गोपी जैक्स के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रेस वार्ता के दौरान गायक ने उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक टिप्पणियां कीं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में एक पुलिस अधिकारी पर भी आरोप लगाए गए हैं, जिनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।