विधानसभा प्रश्नकाल: जयराम बोले- आउटसोर्स कर्मचारियों को भर्ती करने के लिए लिया जा रहा पैसा
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अनुपूरक प्रश्न करते हुए पलटवार किया कि सूचना नहीं देने से कब तक बचोगे। कहां-कहां बचोगे।
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प्रश्नकाल के दौरान विधायक दीपराज ने आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने का मामला उठाया। सीएम सुक्खू ने कहा कि इस बारे में जल्दी सूचना एकत्र कर सदन में रखी जाएगी। इस पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अनुपूरक प्रश्न करते हुए पलटवार किया कि सूचना नहीं देने से कब तक बचोगे। कहां-कहां बचोगे। आउटसोर्स पर लगे 15 हजार कर्मचारियों को निकाल दिया गया। जो बचे हैं, उन्हें तनख्वाह छह-छह महीनों के बाद भी नहीं दी जा रही है। क्या समय पर वेतन देना सुनिश्चित करेंगे।
वादा नौकरियां देने का किया गया था। आउटसोर्स पर नौकरियां देने वाली सारी एजेंसियां कांग्रेस नेताओं के नाम पर हैं। क्या आउटसोर्स पर नियुक्त करने से पहले पैसा लिया जा रहा है। ऐसी जानकारी क्या मुख्यमंत्री को है। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जवाब दिया कि अगर समय पर भुगतान नहीं करने की जानकारी है तो बता दें। इस पर कार्रवाई करेंगे। अगर कहीं पैसे लिए जा रहे हैं तो उसकी भी सूचना दें। वरना सूचना सही नहीं हुई तो उनके खिलाफ विशेषाधिकार का मामला बनेगा। सरकार हर कार्रवाई को तैयार है।
पढ़ाई के बाद कितने डॉक्टर बेरोजगार, पता करें : जयराम
प्रश्नकाल में स्वास्थ्य पर पूछे गए प्रश्न के दौरान अनुपूरक प्रश्न में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जब वह सीएम थे तो 700 बच्चे नौकरी की तलाश कर रहे थे। 500 पद एक साथ निकाले गए। 500 में से 300 पद भरे गए। बाद में चुनाव आए तो इस सरकार ने 200 पदों पर समय पर भर्ती नहीं की। इसके लिए ढाई साल लगा दिए। सरकार के पास यह आंकड़ा भी नहीं है कि बेरोजगार डॉक्टर कितने हैं। एक डॉक्टर पांच साल पढ़ाई कर बनता है तो उसका पंजीकरण होता है। हिमाचल के कितने चिकित्सक देश या प्रदेश के संस्थानों में स्टडी करने के बाद बेरोजगार हैं। इसका पता करें। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 200 पद पहले मंजूर किए। 236 के और इंटरव्यू करवा रहे हैं। सीएम ने व्यंग्य के लहजे में कहा कि देश में बेरोजगार डॉक्टरों की पहले नड्डा से जानकारी जुटाएंगे और उसके बाद ही उन्हें जानकारी देंगे। उन्होंने जयराम की ओर इशारा कर कहा कि वह इनकी गुस्से की भावना को समझते हैं। इनके लिए पानी के गिलास में बर्फ डालकर रखें। वह जब मुख्यमंत्री थे तो नेरचौक मेडिकल कॉलेज में एमआरआई नहीं थी। वर्तमान सरकार ने इसकी मंजूरी दी है।