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Himachal Budget Session: 'वेतन में कटौती करना चाहते हैं तो करो, लेकिन विधायक क्षेत्र विकास निधि बंद न करो'
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 24 Mar 2026 01:18 PM IST
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खास बातें
हिमाचल विधानसभा बजट सत्र का आज छठा दिन है। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू हो गई है। पढ़ें पूरी खबर...
हिमाचल विधानसभा शिमला
- फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट
01:08 PM, 24-Mar-2026
बजट भाषण केवल राजनीतिक था- भाजपा विधायक रणधीर शर्मा
नयना देवी के भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि इस बजट में मुख्यमंत्री के पास मौका था कि वे सही और कड़े फैसले लेते। उन्होंने कहा कि मात्र कुछ प्रतिशत वेतन की छह माह के लिए कटौती करने से ही बात नहीं बनने वाली है। बजट में फिजूलखर्ची को रोकने के कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। न ही भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कुछ किया गया है। बजट भाषण केवल राजनीतिक था। राजस्व घाटा अनुदान का संविधान में जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि बाप अपने बेटे को एक उम्र तक ही खर्च देता है। उसके बाद खुद कमाना पड़ता है। बजट में राजस्व प्राप्तियों के घटने की बात है।रणधीर शर्मा ने कहा कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर केवल उतनी है, जितनी जयराम ठाकुर के समय थी। सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ाए जाने की जरूरत है। यह तभी बढ़ेगा, जब हिमाचल में निवेश होगा। सकल घरेलू उत्पाद जितना बढ़ेगा, उसी हिसाब से ऋण लिया जा सकता है। यह निवेश से बढ़ता है। सरकार निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योगपतियों को इंसेंटिव नहीं दे रही है। जो इंसेंटिव पिछली सरकार दे रही थी, उसे भी बंद किया जा रहा है। 2026 तक ग्रीन एनर्जी स्टेट बनाने की बात की गई थी। पर यह पूरी नहीं हुई। कंडाघाट में बजट घोषणा के अनुरूप नशा निवारण केंद्र नहीं खुला।
विधायक क्षेत्र विकास निधि में कटौती का विरोध करते हुए विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि आप वेतन में कटौती करना चाहते हैं तो करो, लेकिन विधायक क्षेत्र विकास निधि बंद न करो। इससे लोगों की योजनाएं बनती हैं।
12:54 PM, 24-Mar-2026
जहां ट्रैफिक जाम ज्यादा रहता है वहां अतिरिक्त पुलिस बल होगा तैनात
विधायक सुरेंद्र शौरी के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समर टूरिस्ट सीजन के दौरान प्रदेश के ऐसे सभी प्रमुख क्षेत्र जहां ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है, वहां अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया जाएगा। ताकि सैलानियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।12:53 PM, 24-Mar-2026
सुक्खू सरकार अगली कैबिनेट में लाएगी स्क्रैप पॉलिसी
सुक्खू सरकार अगली कैबिनेट में स्क्रैप पॉलिसी लाएगी। समयबद्ध तरीके से सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और थानों में पुराने पड़े सामान और गाड़ियों को स्क्रैप किया जाएगा। केवल पठानिया के सवाल में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रश्नकाल के दौरान ये आश्वासन दिया है।शक्तिपीठों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए तैयार होगा मास्टर प्लान
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के शक्तिपीठों को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित करने के लिए 6 माह के भीतर मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने श्री नैना देवी मंदिर में लिफ्ट नहीं बनने का मामला प्रश्न कल के दौरान उठाया था। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख मंदिरों की न्यास कमेटी में स्थानीय विधायकों को भी विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल किया जाएगा।
12:42 PM, 24-Mar-2026
Himachal Budget Session: 'वेतन में कटौती करना चाहते हैं तो करो, लेकिन विधायक क्षेत्र विकास निधि बंद न करो'
हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के छठे दिन बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए मनाली के कांग्रेस विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान बंद होने की वजह से हिमाचल को बहुत नुकसान हुआ है। गौड़ ने चिंता जताई कि गैस सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। जब सिलिंडर ही नहीं मिलेंगे तो पर्यटक कैसे आएंगे। सिलिंडर का अलग से कोटा पर्यटक स्थलों के लिए रखा जाना चाहिए।
केंद्र सरकार को इस पर गौर करना चाहिए। गौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने वेतन में 50 प्रतिशत, मंत्रियों, विधायकों के वेतन में कटौती करके अच्छा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सेब के आयात शुल्क को घटाए जाने का भी सेब की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश के छोटे बागवानों को इसका बहुत नुकसान होगा। उन्हें बाजार में अच्छे दाम नहीं मिल पाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से पेश किए गए बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रावधान किए गए हैं।
केंद्र सरकार को इस पर गौर करना चाहिए। गौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने वेतन में 50 प्रतिशत, मंत्रियों, विधायकों के वेतन में कटौती करके अच्छा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सेब के आयात शुल्क को घटाए जाने का भी सेब की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश के छोटे बागवानों को इसका बहुत नुकसान होगा। उन्हें बाजार में अच्छे दाम नहीं मिल पाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से पेश किए गए बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रावधान किए गए हैं।