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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर हिमाचल सरकार का फोकस: सभी सेवाएं होंगी ऑनलाइन, युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का बढ़ावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 10 Jun 2026 01:18 PM IST
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सार
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में व्यवसाय करने में सुगमता बढ़ाने के लिए सभी सेवाओं को ऑनलाइन और डिजिटाइज करने के निर्देश दिए। साथ ही युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ई-टैक्सी और ई-रिक्शा खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान देने की घोषणा की। पढ़ें पूरी खबर...
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम सुक्खू।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में व्यवसाय करने में सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को बढ़ावा देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने विभाग को सभी सेवाओं, जैसे प्रमाण-पत्र और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन और डिजिटाइज करने के निर्देश दिए, ताकि आम लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन
मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचे।
युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 के तहत, युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 500 अतिरिक्त युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिसके लिए बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी वित्तीय वर्ष में, 500 युवाओं को ई-रिक्शा खरीदने के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 50 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान भी प्रदान किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना है।
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कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन
मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचे।
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युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 के तहत, युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 500 अतिरिक्त युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिसके लिए बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी वित्तीय वर्ष में, 500 युवाओं को ई-रिक्शा खरीदने के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 50 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान भी प्रदान किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना है।
व्यावसायिक गतिविधियों को मिलेगी गति: 24 घंटे संचालन की अनुमति
राज्य में व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहित करने तथा व्यवसाय करने में सुगमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1969 और उससे संबंधित नियमों में संशोधन किया है। संशोधित प्रावधानों के तहत, इस अधिनियम को पूरे प्रदेश में अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा और दुकानों एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को चौबीसों घंटे संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, उद्यमियों को अधिक सुविधाएं प्राप्त होंगी और उपभोक्ताओं को अपनी सुविधानुसार खरीदारी करने का अवसर मिलेगा।
अनुपालन प्रणाली को सरल बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार व्यवसाय करने में सुगमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अनुपालन प्रणाली को सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। साथ ही, श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके कल्याण को भी समान रूप से प्राथमिकता दी जा रही है। बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्य सचिव के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव प्रियंका बसु इंग्टी, श्रम आयुक्त वीरेंद्र शर्मा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राज्य में व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहित करने तथा व्यवसाय करने में सुगमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1969 और उससे संबंधित नियमों में संशोधन किया है। संशोधित प्रावधानों के तहत, इस अधिनियम को पूरे प्रदेश में अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा और दुकानों एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को चौबीसों घंटे संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, उद्यमियों को अधिक सुविधाएं प्राप्त होंगी और उपभोक्ताओं को अपनी सुविधानुसार खरीदारी करने का अवसर मिलेगा।
अनुपालन प्रणाली को सरल बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार व्यवसाय करने में सुगमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अनुपालन प्रणाली को सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। साथ ही, श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके कल्याण को भी समान रूप से प्राथमिकता दी जा रही है। बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्य सचिव के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव प्रियंका बसु इंग्टी, श्रम आयुक्त वीरेंद्र शर्मा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।