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परमा एकादशी का दुर्लभ संयोग: 11 जून को रखा जाएगा व्रत, तीन वर्ष बाद पुण्य का महापर्व; जानें सबकुछ विस्तार से
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 10 Jun 2026 11:56 AM IST
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सार
अधिकमास में आने वाली परमा एकादशी का व्रत 11 जून को रखा जाएगा। इसे कमला एकादशी और पुरुषोत्तमा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से पापों का नाश, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
परम एकादशी 2026
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिंदू पंचांग के अनुसार, अधिकमास में आने वाली परमा एकादशी का व्रत इस वर्ष 11 जून को रखा जाएगा। यह एकादशी, जिसे कमला एकादशी या पुरुषोत्तमा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, लगभग हर तीन साल में अधिकमास के दौरान पड़ती है और इसका धार्मिक महत्व सामान्य एकादशियों की तुलना में कहीं अधिक माना जाता है। इस विशेष दिन को दुर्लभ पुण्य का महापर्व कहा जा रहा है।
व्रत का विधान और शुभ मुहूर्त
गंज बाजार स्थित राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल के अनुसार, पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 10 जून की रात्रि 12:58 बजे से प्रारंभ होगी और 11 जून की रात्रि 10:37 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर, परमा एकादशी का व्रत 11 जून, गुरुवार को रखा जाएगा। व्रत का पारण 12 जून को सुबह 5:23 बजे से 8:10 बजे के मध्य किया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और व्रत करने से व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही, यह व्रत जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
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पूजा का विशेष शुभ मुहूर्त
परमा एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ शुभ मुहूर्त 11 जून को सुबह 10:36 बजे से दोपहर 2:05 बजे तक रहेगा। इस अवधि में श्रद्धालु विधिपूर्वक श्रीहरि का पूजन, भजन-कीर्तन और मंत्रजाप करके विशेष पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।
व्रत का विधान और शुभ मुहूर्त
गंज बाजार स्थित राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल के अनुसार, पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 10 जून की रात्रि 12:58 बजे से प्रारंभ होगी और 11 जून की रात्रि 10:37 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर, परमा एकादशी का व्रत 11 जून, गुरुवार को रखा जाएगा। व्रत का पारण 12 जून को सुबह 5:23 बजे से 8:10 बजे के मध्य किया जाएगा।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और व्रत करने से व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही, यह व्रत जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
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परमा एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ शुभ मुहूर्त 11 जून को सुबह 10:36 बजे से दोपहर 2:05 बजे तक रहेगा। इस अवधि में श्रद्धालु विधिपूर्वक श्रीहरि का पूजन, भजन-कीर्तन और मंत्रजाप करके विशेष पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।