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हिमाचल: प्यारी बहना योजना से बाहर हुईं 18 से 20 वर्ष की युवतियां, नहीं मिलेंगे 1500 रुपये; सरकार ने बदले नियम

अनिमेष कौशल, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Tue, 16 Jun 2026 09:27 AM IST
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सार

Himachal Pyari Behna Yojana: हिमाचल प्रदेश सरकार ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के नियमों में बदलाव किया है। नई पात्रता शर्तों के अनुसार 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग की युवतियां अब ₹1500 मासिक सहायता के लिए पात्र नहीं होंगी। पढ़ें पूरी खबर...

himachal pyari behna yojana new rules 18 to 20 years women not eligible
18-20 साल की युवतियों को नहीं मिलेंगे 1500 रुपये - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपनी बहुचर्चित इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना में बड़ा बदलाव करते हुए इसके दायरे को सीमित कर दिया है। संशोधित अधिसूचना के अनुसार अब 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग की युवतियां इस योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि के लिए पात्र नहीं होंगी। योजना का लाभ अब केवल 21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को मिलेगा।

अप्रैल में ही सरकार ने योजना में परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होने की अनिवार्य शर्त भी जोड़ दी है। इससे दो लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। उधर, साल 2024 में सरकार ने योजना में एक और बदलाव करते हुए एक परिवार से एक ही महिला को 1500 रुपये की सम्मान राशि देने का फैसला लिया था।
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प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान सभी पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की गारंटी दी थी। शुरुआत में आयु के लिए योजना का दायरा 18 से 59 वर्ष रखा गया था। अब सरकार ने 18, 19 और 20 वर्ष की आयु की युवतियों को योजना से बाहर कर दिया है। अब सरकार ने लाभार्थियों का दायरा सीमित करते हुए पात्रता की नई शर्तें लागू कर दी हैं। बढ़ते वित्तीय बोझ और वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
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उधर, योजना के तहत अब महिलाओं को आवेदन पत्र के साथ परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होने का प्रमाण पत्र जमा करना होगा। इसके अलावा बीपीएल परिवारों की महिलाओं को भी प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाएगा। नए आवेदन पत्र में आय और बीपीएल स्थिति से संबंधित अलग कॉलम जोड़े जाएंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अनुसार सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी होते ही नए आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद पात्र महिलाओं का सत्यापन कर उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा।
 

योजना के लिए यह होंगी पात्रताएं...
हिमाचल प्रदेश की स्थायी निवासी महिला होना अनिवार्य। आयु 21 से 59 वर्ष के बीच हो। परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम हो। बौद्ध मठों में स्थायी रूप से रहने वाली बौद्ध भिक्षुणियां भी पात्र। परिवार का कोई सदस्य नियमित सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी नहीं होना चाहिए। अनुबंध, आउटसोर्स, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालिक कर्मचारी, सेवारत व भूतपूर्व सैनिक, सैनिक विधवाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, आशा वर्कर, मिड-डे मील वर्कर, मल्टी टास्क वर्कर तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी योजना के दायरे से बाहर रहेंगे। पंचायती राज संस्थाओं, शहरी निकायों तथा सरकारी बोर्ड, निगम, परिषद और एजेंसियों में कार्यरत या पेंशनभोगी व्यक्तियों के परिवारों को भी लाभ नहीं मिलेगा।

आवेदन के साथ लगाने होंगे ये दस्तावेज
हिमाचल का बोनाफाइड या स्थायी निवास प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, परिवार की वार्षिक आय का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, शहरी क्षेत्र के लिए राशन कार्ड, ग्रामीण क्षेत्र के लिए परिवार रजिस्टर की प्रति, बौद्ध भिक्षुणियों के लिए मुख्य चोमो द्वारा जारी प्रमाण पत्र आवेदन के साथ लगाना आवश्यक होगा। योजना का आवेदन पत्र जिला कल्याण अधिकारी अथवा तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय से प्राप्त किया जा सकेगा।
 

कांग्रेस ने महिलाओं के साथ किया विश्वासघात, चुनावी वादा हुआ ढेर : पायल वैद्य
भाजपा प्रदेश महामंत्री पायल वैद्य ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना में बार-बार किए जा रहे संशोधनों को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनावों के दौरान प्रदेश की महिलाओं से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आते ही उन वादों से मुकरने का काम किया है। अब सरकार ने योजना का दायरा और सीमित करते हुए 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग की युवतियों को भी योजना से बाहर कर दिया है, जिससे कांग्रेस की कथनी और करनी का अंतर एक बार फिर जनता के सामने आ गया है।

पायल वैद्य ने कहा कि कांग्रेस ने चुनावों के दौरान प्रदेश की 28 लाख बहनों को हर महीने ₹1500 देने का वादा किया था, लेकिन आज स्थिति यह है कि सरकार केवल चुनिंदा महिलाओं को योजना का लाभ देने की बात कर रही है। पहले एक परिवार से एक महिला की शर्त लगाई गई, फिर आय सीमा निर्धारित की गई और अब आयु सीमा में संशोधन कर हजारों युवतियों को भी योजना से बाहर कर दिया गया है। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस सरकार के पास न तो कोई स्पष्ट नीति थी और न ही अपने वादों को पूरा करने की इच्छाशक्ति।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने महिलाओं के नाम पर वोट तो ले लिए, लेकिन अब उन्हीं महिलाओं को पात्रता की नई-नई शर्तों में उलझाकर लाभ से वंचित किया जा रहा है। प्रदेश की माताएं, बहनें और बेटियां स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। यह केवल योजना में संशोधन नहीं बल्कि महिलाओं के साथ किया गया सीधा विश्वासघात है। भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि सुक्खू सरकार की हर गारंटी एक-एक कर धराशायी हो रही है। कभी 300 यूनिट मुफ्त बिजली, कभी रोजगार, कभी महिलाओं को ₹1500 देने का वादा- सभी घोषणाएं आज केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। सरकार की आर्थिक कुप्रबंधन और गलत नीतियों के कारण आज उसे अपने ही वादों से पीछे हटना पड़ रहा है।

पायल वैद्य ने कहा कि भाजपा महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस सरकार को प्रदेश की महिलाओं को बताना चाहिए कि आखिर 28 लाख बहनों से किए गए वादे का क्या हुआ और क्यों बार-बार नियम बदलकर योजना को सीमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में कांग्रेस सरकार को अपने अधूरे वादों और विश्वासघात का जवाब जनता के बीच देना होगा।
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