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शिमला मनीषा मित्तल हत्याकांड: कौन हैं दोनों शूटर? शिमला कोर्ट में होगी पेशी; खुल सकते हैं मर्डर के बड़े राज

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला। Published by: Ankesh Dogra Updated Tue, 16 Jun 2026 11:44 AM IST
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सार

Shimla Manisha Mittal Murder Case: शिमला की निजी स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में गिरफ्तार दोनों शूटरों को पुलिस हरियाणा से शिमला लेकर पहुंची है। आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड मांगेगी। जांच एजेंसियां हत्या के पीछे संपत्ति विवाद, आपसी रंजिश और संभावित साजिश के पहलुओं की जांच कर रही हैं। हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर...

shimla manisha mittal murder case shooters brought to shimla court production
शिमला मनीषा मित्तल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

राजधानी शिमला में बहुचर्चित मनीषा मित्तल हत्याकांड के मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों को पुलिस ने शिमला पहुंचा दिया है। पुलिस की टीम दोनों आरोपियों को मंगलवार दोपहर बाद न्यायालय में पेश करेगी। पुलिस रिमांड मिलने के बाद, उनसे पूछताछ करके हत्या के पीछे छिपे साजिशकर्ताओं और सबूत मिटाने की कोशिशों का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।



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कांट्रेक्ट किलिंग और आपसी रंजिश की आशंका
यह जानकारी सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ अवैध वसूली सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए, पुलिस इस मामले को कांट्रेक्ट किलिंग (ठेके पर हत्या) और आपसी रंजिश के एंगल से भी जोड़कर देख रही है। पुलिस संपत्ति विवाद सहित हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मनीषा मित्तल की हत्या के पीछे किसका हाथ है। शूटरों से पूछताछ के बाद ही इस मामले की परतें खुलने की उम्मीद है।
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पुलिस की आगे की कार्रवाई
एएसपी शिमला अभिषेक ने पुष्टि की है कि दोनों शूटरों को पुलिस शिमला ले आई है और उन्हें आज दोपहर बाद अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस द्वारा रिमांड की मांग की जाएगी ताकि आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा सके और हत्या के षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या हत्यारों ने किसी भी तरह के सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया था।

कहां से पकड़े गए आरोपी, कौन हैं दोनों और पुलिस हथियार साथ क्यों लाई?
राजधानी शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की निदेशक मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में पुलिस ने 40 घंटे के भीतर दो आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार किया है।

कहां से पकड़े गए आरोपी?
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार किया।

आरोपियों की पहचान
आशीष अहलावत (22), निवासी दुजाना गांव, झज्जर
दीपक उर्फ दीपक बुढ़वार (25), निवासी सुनारिया खुर्द, रोहतक के रूप में हुई है। 

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पेशेवर शूटर बताए जा रहे हैं और इनके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

  • आशीष पर रंगदारी (Extortion) का मामला दर्ज है।
  • दीपक पर आर्म्स एक्ट, रंगदारी और मारपीट समेत कई केस दर्ज हैं।

वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे शूटर, देसी पिस्तौल से दिया वारदात को अंजाम
सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के आरोपी दोनों शूटर पुलिस को चकमा देने के लिए वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे लेकिन पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन जांच के दम पर दोनों को 39 घंटे के भीतर ही दबोच लिया। जांच में 10 टीमें शामिल थीं।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हत्या के लिए इस्तेमाल की गई दोनों पिस्तौल भारत में बनी हैं। पुलिस दोनों वर्चुअल नंबरों को बरामद करने का प्रयास कर रही है। इसमें जिस तरह से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है पुलिस को शक है कि इससे पहले पूरी योजना बनाई गई थी। संचालिका के बारे में हर जानकारी जुटाई गई थी जिसमें उनके स्कूल परिसर से बाहर आने और हर जानकारी को जुटाया गया था। पूरे क्षेत्र की पहले रैकी करने की भी आशंका है। 

दोनों शूटर हरियाणा से संबंध रखते हैं, उन्होंने स्कूल तक पहुंचने के रास्तों और वहां से वारदात को अंजाम देने के बाद भागने को लेकर भी बारीकी से काम किया था। आरोपियों की कोशिश थी कि वह नेशनल हाईवे समेत मुख्य मार्गों का इस्तेमाल न करें क्योंकि उन्हें कहीं न कहीं आभास था कि मुख्य सड़कों पर लगे सीसीटीवी  कैमरों की जद में वो आ सकते हैं। गिरफ्तार दोनों शूटरों का आपराधिक रिकॉर्ड अवैध वसूली और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों से जुड़ा है। इससे इस पूरे मामले की जांच अब कांट्रेक्ट किलिंग की ओर भी बढ़ रही है। वहीं पुरानी रंजिश के एंगल को देखकर भी पुलिस जांच कर रही है।

अब पुलिस दोनों से गहन पूछताछ कर इस बात का पता लगाएगी कि आखिरकार इस हत्या के पीछे की असली वजह क्या है। मनीषा लंबे समय से संपत्ति विवाद को लेकर अपनी जान को खतरा बता चुकी थी। वहीं उन्होंने पुलिस को भी इस विवाद को लेकर कई शिकायतें दी थीं लेकिन पुलिस के मुताबिक सभी शिकायतें सिविल नेचर की थी और एक मामले में कलंदरा बनाकर भी अदालत में पेश किया था। दूसरी तरफ लोगों ने पुलिस से इस मामले की गहनता से छानबीन की मांग की है ताकि  सच्चाई सामने आ सके। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से हिमाचल जैसे शांत इलाकों में दहशत पैदा होती है।

सीसीटीवी फुटेज से हजारों गाड़ियों की पड़ताल 
मनीषा हत्याकांड के समय पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली थे। प्रारंभिक जांच में सोशल मीडिया पर उनके पुराने वीडियो सामने आए जिसमें की उन्होंने संपत्ति विवाद समेत कई लोगों से खतरे की बात कही थी लेकिन सबसे पहले पुलिस के लिए शूटरों को गिरफ्तार करना जरूरी था। इसके लिए पुलिस ने दस से अधिक अलग-अलग टीमों का गठन किया।

इस दौरान सीसीटीवी फुटेज के जरिये हजारों वाहनों की जांच भी की गई। एक टीम ने सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। कई टीमें स्कूल परिसर के बाहर स्पॉट की जांच के साथ ही आसपास के लोगों से भी पूछताछ करने में जुटी रही  जबकि कई टीमों को पंजाब समेत हरियाणा में आरोपियों की तलाश के लिए भेजा गया। इसमें मनीषा के भाई से पूछताछ के साथ ही अन्य शक के दायरे में आए लोगों को भी जांच में शामिल किया गया। पुलिस ने इस दौरान 15 से अधिक लोगों से पूछताछ की। 

स्कूल 17 तक बंद, अभिभावक बोले-सुरक्षा की दी जाए गारंटी
सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के बाद अभिभावकों और विद्यार्थियों में खौफ का माहौल बना हुआ है। अभिभावकों ने दो टूक कहा है जब तक प्रशासन और पुलिस विभाग स्कूल में सुरक्षा मुहैया नहीं करवाता तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।

वहीं पीटीए और स्कूल प्रबंधन के बीच बातचीत के बाद स्कूल में 17 जून तक छुट्टियां घोषित कर दी हैं। रविवार को अभिभावकों को मैसेज भेजकर स्कूल प्रबंधन की ओर से सूचित किया गया। अभिभावकों का कहना है कि इस पूरे विवाद में वह अपने बच्चों की सुरक्षा का दांव पर नहीं लगा सकते हैं। स्कूल की अभिभावक-शिक्षक संघ के सानू चंदेल ने बताया कि इस घटना के बाद बच्चों और अभिभावकों में डर का माहौल बना हुआ है।

उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद अभिभावकों के उन्हें और पीटीए के सदस्यों को लगातार फोन आ रहे हैं। उनके तीनों बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं। सैकड़ों बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए हमारी पुलिस और जिला प्रशासन से मांग है कि स्कूल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं जिससे कि अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हो सकें। उन्होंने मांग की कि स्कूलों के तीनों गेटों पर सुरक्षा कर्मी तैनात हों। 

इससे पहले भी पिछले साल हुए विवाद के बाद यहां कुछ समय के लिए पुलिस कर्मी को तैनात किया था लेकिन बाद में उसे हटा दिया था। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले रोहित ने बताया कि उनका बच्चा नर्सरी कक्षा में पढ़ता है। इसके अलावा उनके भाई के बेटा भी इसी स्कूल में पढ़ता है। इस तरह की सनसनीखेज वारदात के बाद वह बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक 17 जून तक छुट्टियां हैं और 18 को वह स्कूल प्रबंधन से पूरे मामले को लेकर बातचीत करेंगे। इसके बाद ही बच्चों को स्कूल भेजेंगे। 
 
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