Himachal Red Alert: हिमाचल में आज भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी, नदियों-नालों से दूर रहने की अपील
Himachal Pradesh Red Alert: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में रेड अलर्ट जारी किया है। किन्नौर में बाढ़ से बेली ब्रिज बह गया, कांगड़ा में दो दिन स्कूल बंद कर दिए गए और चंबा में मणिमहेश यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। सरकार ने नदी-नालों के किनारे बने संवेदनशील मकानों को खाली कराने के निर्देश दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा जारी भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी के बीच, राज्य के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सोमवार और मंगलवार (20-21 जुलाई) के लिए पांच जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ऊना, हमीरपुर, शिमला और सोलन में ऑरेंज अलर्ट तथा बिलासपुर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में येलो अलर्ट रहेगा। इस चेतावनी के मद्देनजर, प्रदेश सरकार ने सभी जिला प्रशासनों को नदी और नालों के आसपास स्थित संवेदनशील मकानों को तत्काल खाली कराने के निर्देश दिए हैं।
#WATCH | Shimla, Himachal Pradesh: IMD Senior Scientist Sandeep Kumar Sharma says, "Light to moderate rainfall was recorded in several parts of the state over the last 24 hours. The highest rainfall was recorded in Hamirpur district around 40 mm, followed by Manali and Kangra.… pic.twitter.com/OrIqoYIQ2J
— ANI (@ANI) July 20, 2026
किन्नौर जिले में छितकुल से आगे रानीकंडा के पास दुंबर खड्ड में अचानक आई बाढ़ के कारण करीब 110 फीट लंबा बेली ब्रिज बह गया। इसके परिणामस्वरूप, छितकुल-दुमती सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
खराब मौसम और भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए, कांगड़ा जिले में दो दिनों के लिए सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा, खराब मौसम के कारण दिल्ली और नोएडा से कांगड़ा आने वाली चार उड़ानें भी रद्द कर दी गईं। राजा का तालाब क्षेत्र में एक कच्चा मकान ढह गया, जबकि सहौड़ा में एक अन्य भवन को नुकसान पहुंचा।
चंबा जिले में लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए, प्रशासन ने मणिमहेश यात्रा पर तीन दिनों के लिए रोक लगा दी है। हड़सर में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। हड़सर-कुगती मार्ग पर धनोल के पास भूस्खलन के कारण कार्तिक स्वामी मंदिर से लौट रहे करीब 200 श्रद्धालु लगभग नौ घंटे तक फंसे रहे। चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई घंटों तक बाधित रहा।
लाहौल में चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने से जोबरंग पुल शनिवार रात से रविवार सुबह तक लगभग तीन फीट पानी में डूबा रहा। इसके अलावा, शिमला, हमीरपुर, बिलासपुर और सिरमौर जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
प्रदेश सरकार ने जनता से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास जाने से बचें, अनावश्यक यात्रा न करें और मौसम विभाग व जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करें। यह कदम संभावित आपदाओं से बचाव और जान-माल की हानि को कम करने के लिए उठाया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच सोमवार को सोलन में मौसम ने करवट ले ली। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और कुछ देर बाद हल्की बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ शहर और आसपास के क्षेत्रों में धुंध भी छा गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए जिले में तेज बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। ऐसे में प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उधर, पिछले करीब एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण किसान और बागवान चिंतित थे। लगातार सूखे मौसम का असर फसलों और बागवानी पर पड़ने लगा था। सोमवार को शुरू हुई हल्की बारिश से किसानों और बागवानों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। यदि अगले दो दिनों में अच्छी बारिश होती है तो इसका लाभ खरीफ की फसलों और बागवानी दोनों को मिल सकता है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में मौसम ने सोमवार को अचानक करवट ले ली। जिला मुख्यालय नाहन और आसपास के क्षेत्रों में दोपहर बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई। सुबह आसमान में बादल और धुंध छाई रही, लेकिन दोपहर तक काले बादलों के घिरने के साथ तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सिरमौर जिले के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने सोमवार और मंगलवार के लिए जिले के सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही लोगों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहें तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में मौसम ने सोमवार को अपना रौद्र रूप दिखाया। जिला मुख्यालय नाहन में सुबह से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। मौसम विभाग की ओर से सिरमौर जिले में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुआ बारिश का सिलसिला दोपहर तक तेज हो गया। लगातार बारिश के कारण नाहन शहर के मुख्य बाजार और हिंदू आश्रम मार्ग पर पानी भर गया। कई स्थानों पर सड़कें और गलियां नालों की तरह बहती नजर आईं।
तेज बारिश के चलते राहगीरों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजार से गुजर रहे लोग पानी के बीच चलने को मजबूर दिखे। बारिश इतनी तेज थी कि छाते भी लोगों को पूरी तरह राहत नहीं दे सके। दोपहर बाद कई क्षेत्रों में हालात और खराब हो गए। जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित होने के कारण कुछ स्थानों पर घरों के बाहर भी पानी जमा हो गया। स्थानीय लोगों ने बारिश के दौरान प्रशासन से बेहतर जल निकासी व्यवस्था की मांग उठाई। लगातार खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। एहतियात के तौर पर जिले के स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
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