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हिमाचल: असिस्टेंट स्टाफ नर्सों की भर्ती पर हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक, जानें आवेदन प्रक्रिया का क्या होगा

संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 09 Jan 2026 10:16 AM IST
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सार

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट स्टाफ नर्सों की भर्ती के लिए निकाले गए विज्ञापन पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी है। 

Himachal High Court puts interim stay on recruitment of assistant staff nurses, applications will continue
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट स्टाफ नर्सों की भर्ती के लिए निकाले गए विज्ञापन पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने माना कि 22 मार्च 2019 की अधिसूचना के आधार पर की जा रही भर्ती संविधान के अनुच्छेद 309 और सुप्रीम कोर्ट के स्टेट ऑफ कर्नाटक बनाम उमा देवी मामले में दिए फैसले के सिद्धांतों के विपरीत हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि हालांकि, इस विज्ञापन के तहत आवेदनों को स्वीकार करने की प्रक्रिया जारी रह सकती है, लेकिन इसके आगे की चयन प्रक्रिया अगली सुनवाई तक स्थगित रहेगी। एक याचिकाकर्ता ने भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा और आरक्षण नियमों पर सवाल उठाए हैं।

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अदालत ने सुनवाई के दौरान ये पाया
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि भर्ती प्रक्रिया राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर जारी उन निर्देशों और अधिसूचनाओं का उल्लंघन करती दिख रही है जो सरकारी सेवा में प्रवेश की अधिकतम आयु और आरक्षित श्रेणियों को आयु सीमा में मिलने वाली छूट से संबंधित हैं। अभी तक जिन उम्मीदवारों की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होती थी, वे इस पद के लिए आवेदन करते थे। पहली बार असिस्टेंट स्टाफ नर्सों की भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा 21 से 32 साल तय की गई है। आरक्षित वर्ग को भी आयु सीमा में कोई छूट नहीं दी गई है। राज्य सरकार एक नीति लाई है, जिसके तहत असिस्टेंट स्टाफ नसों की भर्तियां केवल 5 साल के लिए की जा रही हैं। इसके लिए आवेदन भरने की अंतिम तिथि 16 जनवरी निर्धारित की गई है। अदालत ने प्रतिवादी सरकार और स्वास्थ्य विभाग को चार सप्ताह के भीतर हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता को चार सप्ताह में अपना प्रत्युत्तर देना होगा। अगली सुनवाई 26 फरवरी को तय की गई है। 

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दो साल की नियमित सेवा पर सभी शिक्षकों को मिलेगा संशोधित वेतनमान का लाभ
 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पुराने नियमित शिक्षकों को संशोधित वेतनमान के लाभ से वंचित रखा जा रहा था। अदालत ने सरकार के उस तर्क को भी खारिज कर दिया,  जिसमें कहा गया था कि याचिकाकर्ता को 2012 के नियमों के तहत लाभ मिल चुका है, इसलिए वे 2022 याचिकाकर्ताओं को 2012 के के संशोधित वेतनमान के हकदार नहीं हैं। अदालत ने इसे आधारहीन करार दिया। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने स्पष्ट किया कि 2022 के वेतन नियमों का लाभ उन सभी कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्होंने निर्धारित शर्तें पूरी की हैं। अदालत ने नाराजगी जताई कि स्पष्ट कानूनी मिसाल (इंद्र सिंह ठाकुर मामला) होने के बावजूद अधिकारियों ने याचिकाकर्ताओं के दावों को खारिज किया। इसके चलते अदालत ने विभाग पर 10 हजार का जुर्माना लगाया गया है। कोर्ट ने यह राशि आईजीएमसी शिमला के गरीब मरीज उपचार कोष में जमा करने का आदेश दिया है। 

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