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हिमाचल: शिमला में चल रहे लोकेशन बेस्ड चिट्टा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, लखनऊ का एक मुख्य सप्लायर भी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 13 Apr 2026 09:57 AM IST
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सार
शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी के लोकेशन बेस्ड गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मुख्य सप्लायर अमित गुप्ता को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया है।
चिट्टा।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने रोहड़ू क्षेत्र में एक युवक को चिट्टा (हेरोइन) के साथ पकड़ा और आगे की जांच में लखनऊ का एक मुख्य सप्लायर भी गिरफ्तार हो गया। पुलिस के अनुसार, 15 मार्च 2026 को थाना रोहड़ू की टीम गश्त पर थी। तब एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा गया। उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से 9.17 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
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आरोपी की पहचान सार्थक सूद (29 वर्ष) के रूप में हुई, जो गांव समाला, रोहड़ू, जिला शिमला का रहने वाला है। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। सार्थक से पूछताछ और गहन जांच शुरू की गई। पुलिस ने उसके बैंक खाते, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की।
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जांच में पता चला कि रोहड़ू और चिड़गांव क्षेत्र में चिट्टा तस्करी का एक संगठित गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह लोकेशन बेस्ड डिलीवरी का तरीका इस्तेमाल करता था। यानी ग्राहक की डिमांड आने पर छोटी-छोटी मात्रा में चिट्टा अलग-अलग जगहों पर रखवा दिया जाता था।
जांच से यह भी सामने आया कि इस गिरोह का मुख्य संचालक अमित गुप्ता (30 वर्ष) है। अमित गुप्ता लखनऊ में रहता था और मूल रूप से बाराबांकी (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है। वह सार्थक और अन्य स्थानीय युवकों के जरिए शिमला के इलाकों में चिट्टा की खरीद-फरोख्त करवाता था। पुलिस ने अमित गुप्ता को गिरफ्तार करने के लिए टीम लखनऊ भेजी, लेकिन वह वहां से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी लगातार तलाश जारी रखी।
आखिरकार 11 अप्रैल 2026 को अमित गुप्ता को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया। उसे अदालत में पेश किया गया और पुलिस को 14 अप्रैल 2026 तक रिमांड मिल गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच अभी भी जारी है। गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा रहा है। यह कार्रवाई शिमला पुलिस के नशा मुक्ति अभियान का हिस्सा है, जिसमें छोटे पेडलर से शुरू करके बड़े सप्लायर तक पहुंचने की रणनीति अपनाई जा रही है।
आखिरकार 11 अप्रैल 2026 को अमित गुप्ता को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया। उसे अदालत में पेश किया गया और पुलिस को 14 अप्रैल 2026 तक रिमांड मिल गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच अभी भी जारी है। गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा रहा है। यह कार्रवाई शिमला पुलिस के नशा मुक्ति अभियान का हिस्सा है, जिसमें छोटे पेडलर से शुरू करके बड़े सप्लायर तक पहुंचने की रणनीति अपनाई जा रही है।