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स्मृति शेष: गायिका आशा भोसले के देहांत से संगीतप्रेमी शोकाकुल, हिमाचली मूल की हस्तियों संग भी किया काम
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 13 Apr 2026 02:11 PM IST
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सार
हिमाचली मूल की गीत-संगीत और फिल्म जगत की बड़ी हस्तियों के साथ भी आशा भोसले ने काम किया है। लच्छी राम तोमर के संगीत निर्देशन में आशा भोसले के अलावा माेहम्मद रफी और महेंद्र कपूर ने भी कई ऐसे गीत गाए, जो खूब हिट रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
आशा भोसले (फाइल फोटो), लच्छी राम, बीआर इशारा।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
देश की जानी मानी लोकगायिका आशा भोसले के देहांत के बाद हिमाचल प्रदेश के संगीतप्रेमी भी शोकाकुल हैं। हिमाचली मूल की गीत-संगीत और फिल्म जगत की बड़ी हस्तियों के साथ भी आशा भोसले ने काम किया है। सिरमौर जिले से ताल्लुक रखने वाले लच्छी राम तोमर के संगीत निर्देशन में आशा भोसले ने कई हिट गाने दिए। इनमें तू शोख कली मैं मस्त पवन, ढलती जाए रात कह दे दिल की बात... जैसे गीत प्रमुख हैं। इन दोनों गीतों में आशा भोसले के साथ मोहम्मद रफी ने गायन किया है। तू शोख कली मैं मस्त पवन... गीत को कैफी आजमी ने लिखा है, जबकि ढलती जाए रात कह दे दिल की बात... के गीतकार आनंद बख्शी हैं।
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लच्छी राम तोमर के संगीत निर्देशन में आशा भोसले के अलावा माेहम्मद रफी और महेंद्र कपूर ने भी कई ऐसे गीत गाए, जो खूब हिट रहे हैं। लच्छीराम तोमर हिमाचल प्रदेश की कुठार रियासत से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता राणा जगजीत चंद्र के कोर्ट में काम करते थे। पिता का साया सिर से उठ गया तो राणा ने संगीतकार नूर खान से उन्हें संगीत का प्रशिक्षण दिलाया था। लच्छीराम ने 1945 में ‘चंपा’ फिल्म से संगीतकार की भूमिका शुरू की थी।
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इशारा की फिल्मों में आशा ने दी आवाज
ऊना जिला से संबंध रखने वाले प्रसिद्ध फिल्मकार रहे बीआर इशारा की कई फिल्मों में आशा भोसले ने अपनी आवाज दी। बाबू राम इशारा का जन्म हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के चिंतपूर्णी के भरवाईं में हुआ था। शुरू में वह फिल्म सेट पर टी-बॉय के रूप में कार्य करते रहे। बाद में संवाद लिखने शुरू किए और फिर निर्देशक बने। उन्होंने 1984 में अभिनेत्री रेहाना से विवाह किया।
सुक्खू और जयराम ने बताया अपूर्णीय क्षति
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लोकप्रिय एवं प्रख्यात पार्श्वगायिका आशा भोसले के निधन पर शोक जताया है। सुक्खू ने कहा कि उनका जाना भारतीय संगीत जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने कहा कि आशा की स्वर साधना, अद्वितीय गायन शैली एवं भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनकी आवाज ने कई पीढ़ियों के हृदय को स्पर्श किया है और संगीत की दुनिया में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक-संतप्त परिजन एवं प्रशंसकों को इस कठिन समय में यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी आशा भोसले के देहांत पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि आशा भोसले का जाना एक युग के समापन जैसा है। उनकी मधुर आवाज ने कई पीढ़ियों को भावनाओं से जोड़ा, संगीत को नई ऊंचाइयां दीं। उनकी जादुई आवाज ने अनगिनत गीतों को अमर बना दिया।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लोकप्रिय एवं प्रख्यात पार्श्वगायिका आशा भोसले के निधन पर शोक जताया है। सुक्खू ने कहा कि उनका जाना भारतीय संगीत जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने कहा कि आशा की स्वर साधना, अद्वितीय गायन शैली एवं भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनकी आवाज ने कई पीढ़ियों के हृदय को स्पर्श किया है और संगीत की दुनिया में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक-संतप्त परिजन एवं प्रशंसकों को इस कठिन समय में यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी आशा भोसले के देहांत पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि आशा भोसले का जाना एक युग के समापन जैसा है। उनकी मधुर आवाज ने कई पीढ़ियों को भावनाओं से जोड़ा, संगीत को नई ऊंचाइयां दीं। उनकी जादुई आवाज ने अनगिनत गीतों को अमर बना दिया।