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Himachal News: मारपीट के आरोपी आईजीएमसी के डॉ. निरूला की बर्खास्तगी रद्द, साथ में मिली ये चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 09 Jan 2026 08:27 PM IST
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सार
हिमाचल सरकार ने डॉ. राघव निरूला की सेवाओं को बहाल कर दिया है। प्रदेश सरकार ने आईजीएमसी में मरीज से मारपीट के दो दिन बाद डॉ. निरूला को टर्मिनेट कर दिया था। पढ़ें पूरी खबर...
डॉ. राघव निरुला की बर्खास्तगी रद्द
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) एवं अस्पताल शिमला में कार्यरत पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के डॉ. राघव निरूला के खिलाफ जारी बर्खास्तगी आदेश रद्द कर दिया है। यह फैसला विभागीय जांच समिति की सिफारिशों के बाद लिया गया है। स्वास्थ्य सचिव प्रियंका बासू की ओर से यह आदेश जारी किया गया है। डॉ. राघव को मरीज के साथ मारपीट के बाद नौकरी से बर्खास्त किया गया था।
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आदेश में कहा गया है कि डॉ. राघव को भविष्य में पेशेवर आचरण, अनुशासन और चिकित्सा नैतिकता के मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोहराई गई, तो नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। उल्लेखनीय है कि 22 दिसंबर को मेल पल्मोनरी वार्ड में मरीज अर्जुन और डॉ. राघव में हाथापाई हुई। जांच के आधार पर डॉ. राघव को उसी दिन निलंबित कर दिया और बाद में सेवाएं समाप्त कर दी थीं। विस्तृत जांच के लिए एक समिति गठित की थी।
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समिति ने 2 जनवरी को रिपोर्ट सरकार को सौंपी। जांच समिति ने निष्कर्ष निकाला कि यह घटना दोनों पक्षों की गैर जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया का परिणाम थी। रिपोर्ट में कहा गया कि डॉ. राघव के खिलाफ पूर्व में कोई शिकायत दर्ज नहीं थी। डॉ. निरुला ने समिति के समक्ष बिना शर्त माफी मांगी और घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया। समिति की सिफारिशों के बाद सक्षम प्राधिकारी ने बर्खास्तगी आदेश रद्द करने का निर्णय लिया।
डॉ. राघव निरूला की सेवा बहाली का रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने किया स्वागत
आईजीएमसी के वार्ड में 22 दिसंबर को मरीज और चिकित्सक के बीच हुई मारपीट की घटना में पल्मनरी मेडिसन विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर डाॅ. राघव निरूला की बर्खास्तगी के आदेश को वापस लेकर सेवा बहाली के फैसले का रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन आईजीएमसी ने स्वागत किया है। इसके लिए आरडीए अध्यक्ष डॉ. सोहिल शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल का आभार व्यक्त किया है।
इस आरडीए अध्यक्ष डॉ. सोहिल शर्मा, उपाध्यक्ष डाॅ. मधुप अरोड़ा, महासचिव डॉ. आदर्श शर्मा, सह सचिव डॉ. अर्चित शर्मा, कोषाध्यक्ष डाॅ. आशिमला शर्मा व महिला प्रतिनिधि डॉ. अनन्या श्री ने जारी बयान में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग से आईजीएमसी में हुई इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर इसमें सामने आने वाली खामियों को दूर करने के साथ ही चिकित्सकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से पैनिक बटन की सुविधा देने की मांग को पूरा करने का आग्रह किया है। उधर, ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस, हिमाचल प्रदेश के हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स वर्टिकल के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. शिखिन सोनी ने भी डॉ. निरूला की सेवाओं को बहाल करने के निर्णय का स्वागत किया है और इसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उनके प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय न्याय, निष्पक्षता एवं संवेदनशील प्रशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आईजीएमसी के वार्ड में 22 दिसंबर को मरीज और चिकित्सक के बीच हुई मारपीट की घटना में पल्मनरी मेडिसन विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर डाॅ. राघव निरूला की बर्खास्तगी के आदेश को वापस लेकर सेवा बहाली के फैसले का रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन आईजीएमसी ने स्वागत किया है। इसके लिए आरडीए अध्यक्ष डॉ. सोहिल शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल का आभार व्यक्त किया है।
इस आरडीए अध्यक्ष डॉ. सोहिल शर्मा, उपाध्यक्ष डाॅ. मधुप अरोड़ा, महासचिव डॉ. आदर्श शर्मा, सह सचिव डॉ. अर्चित शर्मा, कोषाध्यक्ष डाॅ. आशिमला शर्मा व महिला प्रतिनिधि डॉ. अनन्या श्री ने जारी बयान में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग से आईजीएमसी में हुई इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर इसमें सामने आने वाली खामियों को दूर करने के साथ ही चिकित्सकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से पैनिक बटन की सुविधा देने की मांग को पूरा करने का आग्रह किया है। उधर, ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस, हिमाचल प्रदेश के हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स वर्टिकल के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. शिखिन सोनी ने भी डॉ. निरूला की सेवाओं को बहाल करने के निर्णय का स्वागत किया है और इसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उनके प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय न्याय, निष्पक्षता एवं संवेदनशील प्रशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।