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मानसून का कहर: हिमाचल प्रदेश में बारिश से 70 सड़कें बंद, दो बिजली ट्रांसफार्मर और 2 पेयजल योजनाएं प्रभावित
Fri, 11 Sep 2026 10:20 AM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 11 Sep 2026 10:20 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण 70 सड़कें बंद हो गई हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 11 सितंबर सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, मंडी में 30, कुल्लू में 11, शिमला में 11 और कांगड़ा में 10 सड़कें प्रभावित हैं। शिमला में दो बिजली ट्रांसफार्मर और दो पेयजल योजनाएं भी बाधित हैं। मानसून सीजन में 10 सितंबर तक राज्य को कुल 1,63,882.59 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल में बारिश का कहर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर जारी है और इसके कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की 11 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 70 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा दो बिजली ट्रांसफार्मर (DTR) और दो पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी बाधित हैं। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी जिले में बंद हैं, जबकि शिमला में बिजली और पानी की व्यवस्था पर भी असर पड़ा है।
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मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद
जिला स्तर पर जारी रिपोर्ट के मुताबिक मंडी में 30 सड़कें बंद हैं। इनमें सराज उपमंडल की 25, सुंदरनगर की एक, सरकाघाट की तीन और थलौट की एक सड़क शामिल है। कुल्लू में 11 सड़कें प्रभावित हैं। इनमें कुल्लू उपमंडल की चार, बंजार की दो, आनी की तीन और निरमंड की दो सड़कें हैं।
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शिमला जिले में 11 सड़कें बंद हैं। इनमें रामपुर की दो, जुब्बल की आठ और सुन्नी की एक सड़क शामिल है। कांगड़ा में भी 10 सड़कें बंद हैं, जिनमें कांगड़ा उपमंडल की दो, शाहपुर की पांच, पालमपुर की दो और देहरा की एक सड़क शामिल है।
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सिरमौर में चार और ऊना में तीन सड़कें बंद हैं। लाहौल-स्पीति में उदयपुर उपमंडल की एक सड़क प्रभावित है। बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, किन्नौर और सोलन में रिपोर्ट के अनुसार कोई सड़क बंद नहीं है। राज्य में बंद सड़कों की कुल संख्या 70 है और इनमें कोई राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल नहीं है।
शिमला में बिजली-पानी की सप्लाई प्रभावित
रिपोर्ट के अनुसार शिमला जिले में दो बिजली ट्रांसफार्मर और दो पेयजल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं। अन्य जिलों में इस रिपोर्ट के अनुसार बिजली ट्रांसफार्मर या पेयजल योजनाओं के बाधित होने की सूचना दर्ज नहीं की गई है।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने 10 सितंबर की शाम और 11 सितंबर की सुबह की स्थिति की तुलना भी जारी की है। 10 सितंबर की शाम को 61 सड़कें, आठ बिजली ट्रांसफार्मर और दो पेयजल योजनाएं बाधित थीं। 11 सितंबर की सुबह तक सड़कें बढ़कर 70 हो गईं, जबकि बिजली ट्रांसफार्मर की संख्या घटकर दो रह गई।
मानसून में अब तक 1,638 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान
राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की ओर से जारी संचयी रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून से 10 सितंबर 2026 तक मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश को कुल 1,63,882.59 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। यह करीब 1,638.83 करोड़ रुपये बैठता है।
रिपोर्ट में प्राकृतिक आपदाओं के कारण 116 मौतें दर्ज हैं। इनमें भूस्खलन से 18, डूबने से 15, बिजली गिरने से 12, सांप के काटने से 10 और पेड़ या खड़ी चट्टान से गिरने के कारण 40 मौतें शामिल हैं। इसके अलावा 172 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में दर्ज की गई है।
जिला स्तर पर सबसे अधिक कुल नुकसान कांगड़ा में 447.17 लाख रुपये, शिमला में 376.65 लाख रुपये, चंबा में 294.10 लाख रुपये और मंडी में 297.57 लाख रुपये दर्ज किया गया है। सोलन में कुल नुकसान 164.88 लाख रुपये रहा है।
बारिश से बचाव और बहाली की चुनौती
लगातार बारिश के कारण सड़कें बंद होने से कई क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित है। बंद मार्गों को खोलना, बिजली और पेयजल की आपूर्ति बहाल करना प्रशासन के सामने चुनौती है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में सड़कें बंद होने के विशिष्ट कारण और उन्हें खोलने की समय सीमा का उल्लेख नहीं है। स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की ओर से जारी संचयी रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून से 10 सितंबर 2026 तक मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश को कुल 1,63,882.59 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। यह करीब 1,638.83 करोड़ रुपये बैठता है।
रिपोर्ट में प्राकृतिक आपदाओं के कारण 116 मौतें दर्ज हैं। इनमें भूस्खलन से 18, डूबने से 15, बिजली गिरने से 12, सांप के काटने से 10 और पेड़ या खड़ी चट्टान से गिरने के कारण 40 मौतें शामिल हैं। इसके अलावा 172 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में दर्ज की गई है।
जिला स्तर पर सबसे अधिक कुल नुकसान कांगड़ा में 447.17 लाख रुपये, शिमला में 376.65 लाख रुपये, चंबा में 294.10 लाख रुपये और मंडी में 297.57 लाख रुपये दर्ज किया गया है। सोलन में कुल नुकसान 164.88 लाख रुपये रहा है।
बारिश से बचाव और बहाली की चुनौती
लगातार बारिश के कारण सड़कें बंद होने से कई क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित है। बंद मार्गों को खोलना, बिजली और पेयजल की आपूर्ति बहाल करना प्रशासन के सामने चुनौती है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में सड़कें बंद होने के विशिष्ट कारण और उन्हें खोलने की समय सीमा का उल्लेख नहीं है। स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।