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बदलाव: प्रमोटर तय करेगा एरियल रोपवे का किराया, नियम सख्त; मानकों का पालन अनिवार्य
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 06 Apr 2026 11:08 AM IST
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सार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने एरियल रोपवे नियम 2026 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब प्रदेश में एरियल रोपवे का किराया प्रमोटर खुद तय करेंगे। पढ़ें पूरी खबर...
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में एरियल रोपवे का किराया प्रमोटर खुद तय करेंगे। राज्य सरकार ने एरियल रोपवे नियम 2026 में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए संचालन, सुरक्षा और दंड प्रावधानों को और स्पष्ट और सख्त बना दिया है। नए प्रावधानों में अब रोपवे संचालक को यात्रियों, पशुओं और सामान के परिवहन के लिए किराया तय करने का अधिकार दिया गया है।
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हालांकि इसकी सूचना संबंधित प्राधिकरण को देना अनिवार्य होगा। संशोधित नियम 7 के अनुसार प्रमोटर की ओर से तय किए गए रेट की जानकारी एरियल रोपवे इंस्पेक्टर और एक्सपर्ट कमेटी को देनी होगी। उप-नियम में संशोधन कर सरकार की जगह प्रमोटर शब्द लागू किया गया है। नए जोड़े गए नियम 8-ए के तहत सभी रोपवे के लिए व्यापक बीमा कवर अनिवार्य किया गया है। इसकी दरें राज्य सरकार एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश पर तय करेगी।
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बीमा दावा निपटाने की पूरी जिम्मेदारी प्रमोटर की होगी, जिससे यात्रियों को बीमा कंपनियों के चक्कर न लगाने पड़ें। नियम 9 में संशोधन के तहत यदि किसी रोपवे को तकनीकी खामियों के कारण बंद किया गया है तो उसे दोबारा शुरू करने से पहले निरीक्षण और एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश जरूरी होगी।
मानकों का पालन अनिवार्य : नियम-15 के तहत रोपवे के डिजाइन और निर्माण में अंतरराष्ट्रीय और भारतीय मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है। ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक रहेगी और वायर रोप का न्यूनतम व्यास 25 मिमी निर्धारित किया गया है। रोपवे को सड़कों, नदियों या इमारतों के ऊपर से गुजरते समय कम से कम 5 मीटर की ऊंचाई बनाए रखना अनिवार्य होगा। हेलिकाप्टर और विमान से टकराव रोकने के लिए लाल-सफेद संकेतक लगाए जाएंगे।
उल्लंघन पर भारी जुर्माना : बायलॉज का उल्लंघन करने पर 5,000 रुपये तक जुर्माना। प्रमोटर की ओर से नियमों की अवहेलना पर 1 लाख रुपये तक जुर्माना। लगातार उल्लंघन पर प्रतिदिन 50,000 रुपये तक जुर्माना। गंभीर सुरक्षा उल्लंघन पर रोपवे का लाइसेंस होगा निलंबित या रद्द।