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हिमाचल: रिटायरमेंट से 4 दिन पहले संजय गुप्ता को मिला तोहफा, सरकार ने नियमित मुख्य सचिव के पद पर दी नियुक्ति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 26 May 2026 12:44 PM IST
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सार
कांग्रेस सरकार ने मुख्य सचिव संजय गुप्ता को रिटायरमेंट से चार दिन पहले बड़ा तोहफा दिया है। हिमाचल सरकार ने कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता को नियमित मुख्य सचिव के पद पर नियुक्ति की है।
मुख्य सचिव संजय गुप्ता ।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल सरकार ने कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता को नियमित मुख्य सचिव के पद पर नियुक्ति की है। इसे लेकर सेक्रेटरी कार्मिक विभाग ने आज आदेश जारी कर दिए है। कांग्रेस सरकार ने मुख्य सचिव संजय गुप्ता को रिटायरमेंट से चार दिन पहले यह तोहफा दिया है। संजय गुप्ता 31 मई को रिटायर होने जा रहे हैं।
वहीं, हिमाचल प्रदेश सरकार ने अमरजीत सिंह, आईएएस (HP:2010), जो वर्तमान में सचिव (सहकारिता) के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें नगर एवं देशीय योजना तथा आवास (Town & Country Planning and Housing) विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
वहीं, हिमाचल प्रदेश सरकार ने अमरजीत सिंह, आईएएस (HP:2010), जो वर्तमान में सचिव (सहकारिता) के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें नगर एवं देशीय योजना तथा आवास (Town & Country Planning and Housing) विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
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कांग्रेस सरकार ने मुख्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद का बनाया मजाक : जमवाल
भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हिमाचल प्रदेश में महत्वपूर्ण प्रशासनिक नियुक्तियों का मजाक बनाकर रख दिया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता को केवल पांच दिनों के लिए नियमित मुख्य सचिव नियुक्त करना सरकार की कार्यशैली और प्रशासनिक अस्थिरता को दर्शाता है।
मंगलवार को जारी बयान में राकेश जमवाल ने कहा कि संजय गुप्ता पिछले लगभग एक वर्ष से अतिरिक्त कार्यभार के रूप में एक्टिंग चीफ सेक्रेटरी की जिम्मेदारी निभा रहे थे और अब सेवानिवृत्ति से ठीक पहले उन्हें नियमित मुख्य सचिव नियुक्त करना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार तानाशाही रवैये से काम कर रही है और सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाकर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की चिंता नहीं है, बल्कि राजनीतिक हितों के आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि इतने महत्वपूर्ण पद पर अल्पकालिक नियुक्ति प्रशासनिक व्यवस्था का अपमान है और इससे अधिकारियों के मनोबल पर भी प्रभाव पड़ता है।
राकेश जमवाल ने कहा कि संजय गुप्ता की नियुक्ति उस समय की गई है जब उनके खिलाफ विभिन्न विवाद और आरोप सार्वजनिक चर्चा का विषय बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि चेस्टर हिल मामले में उन पर गंभीर आरोप लगे हैं तथा इस विषय को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। इस नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाए गए हैं कि संजय गुप्ता के खिलाफ पहले से एफआईआर दर्ज हैं और विजिलेंस क्लीयरेंस से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए हैं। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने प्रदेश हित और प्रशासनिक पारदर्शिता की बजाय अपने राजनीतिक एजेंडे को प्राथमिकता दी। भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता समाप्त हो चुकी है और सरकार हर स्तर पर केवल अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने में लगी हुई है।
भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हिमाचल प्रदेश में महत्वपूर्ण प्रशासनिक नियुक्तियों का मजाक बनाकर रख दिया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता को केवल पांच दिनों के लिए नियमित मुख्य सचिव नियुक्त करना सरकार की कार्यशैली और प्रशासनिक अस्थिरता को दर्शाता है।
मंगलवार को जारी बयान में राकेश जमवाल ने कहा कि संजय गुप्ता पिछले लगभग एक वर्ष से अतिरिक्त कार्यभार के रूप में एक्टिंग चीफ सेक्रेटरी की जिम्मेदारी निभा रहे थे और अब सेवानिवृत्ति से ठीक पहले उन्हें नियमित मुख्य सचिव नियुक्त करना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार तानाशाही रवैये से काम कर रही है और सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाकर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की चिंता नहीं है, बल्कि राजनीतिक हितों के आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि इतने महत्वपूर्ण पद पर अल्पकालिक नियुक्ति प्रशासनिक व्यवस्था का अपमान है और इससे अधिकारियों के मनोबल पर भी प्रभाव पड़ता है।
राकेश जमवाल ने कहा कि संजय गुप्ता की नियुक्ति उस समय की गई है जब उनके खिलाफ विभिन्न विवाद और आरोप सार्वजनिक चर्चा का विषय बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि चेस्टर हिल मामले में उन पर गंभीर आरोप लगे हैं तथा इस विषय को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। इस नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाए गए हैं कि संजय गुप्ता के खिलाफ पहले से एफआईआर दर्ज हैं और विजिलेंस क्लीयरेंस से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए हैं। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने प्रदेश हित और प्रशासनिक पारदर्शिता की बजाय अपने राजनीतिक एजेंडे को प्राथमिकता दी। भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता समाप्त हो चुकी है और सरकार हर स्तर पर केवल अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने में लगी हुई है।