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Himachal Snowfall: वसंत लाया बारिश-बर्फबारी... खेत-बगीचों को संजीवनी; पर्यटन को पंख, चमकेगा कारोबार

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 24 Jan 2026 11:27 AM IST
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सार

 वसंत पंचमी का दिन राहत की फुहार लेकर आया। बागवानी और कृषि कृषि के के लिए बारिश और बर्फबारी लाभदायक साबित होगी। 

Himachal Snowfall:  Spring brings rain and snowfall, lifeline for fields and gardens; will boost tourism
हिमाचल में बर्फबारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में वसंत पंचमी का दिन राहत की फुहार लेकर आया। बागवानी और कृषि कृषि के के लिए बारिश और बर्फबारी लाभदायक साबित होगी। करीब तीन महीने बाद टूटे इस ड्राई स्पैल ने प्रदेश के किसानों और बागवानों को बड़ी राहत दी है। अब सेब की फसल के लिए वांछित चिलिंग ऑवर्स पूरे होंगे। वहीं, पर्यटन कारोबार को एक बार फिर गति मिलने की उम्मीद जगी है। इसके अलावा गेहूं की फसल और अन्य रबी फसलों के लिए भी अच्छी बारिश लाभप्रद होगी। इससे मुरझाने लगी गेहूं की फसल में जान आ गई है। कोटखाई के बखोल गांव के सेव बागवान संजीव चौहान का कहना है कि अच्छी बर्फबारी हुई है। कई वर्षों के बाद 6000 फीट ऊंचाई तक भी एक फीट बर्फ गिरी है।

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जमीन में नमी की कमी पूरी होगी
सेब बागवानी को निस्संदेह इसका लाभ होगा। लंबे वक्त से जमीन में नमी की कमी थी। अब यह पूरी हो जाएगी। बागवानी विभाग के निदेशक विनय सिंह ने कहा कि सेब और अन्य फलों की बागवानी के लिए बर्फबारी और बारिश अच्छी है। लंबे समय से बागवान बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे। इससे सेब के लिए निर्धारित चिलिंग ऑवर्स की जरूरत पूरी होगी। वहीं डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति डॉ. राजेश्वर सिंह चंदेल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में करीब साढ़े तीन महीनों से सूखे जैसी स्थिति बनी हुई थी।

78 फीसदी भूमि ड्राई लैंड
बारिश-बर्फबारी से सेब सहित तमाम फलदार फसलों को लाभ होगा। प्रदेश में करीब 78 फीसदी भूमि ड्राई लैंड है। सेब की पैदावार वाले क्षेत्रों में भी 25 फीसदी से अधिक क्षेत्र सिंचित नहीं है।  इसके अलावा इससे पारिस्थितिकी संतुलन बनेगा। रात का तापमान अब ज्यादा कम और दिन का बहुत बढ़ जाने की स्थिति के बजाय अब दिन और रात के तापमान में भी अंतर कम होगा तो यह भी फसलों के लिए अच्छा है। वहीं, कृषि विभाग के निदेशक डॉ. रविंद्र सिंह जसरोटिया ने भी गेहूं की खेती के लिए बारिश को अच्छा माना।

गेहूं बीजने में अब देरी
पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश में हुई बारिश भले ही हर फसल के लिए अच्छी आंकी जा रही है। लेकिन कई जगह अभी तक गेहूं की बिजाई नहीं हुई है। प्रसार निदेशक कृषि विवि पालमपुर डॉ. विनोद शर्मा का कहना है कि गेहूं की बिजाई का समय निकल गया है। लेट किस्म बीजने से भी लाभ नहीं होगा। 

पर्यटन कारोबारी उत्साहित, वीकेंड पर भीड़ बढ़ने की उम्मीद
 शिमला, कुफरी, नारकंडा और मनाली में रात भर से लगातार हो रही बर्फबारी ने पहाड़ों को सफेद चादर से ढक दिया है। लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे देश-विदेश के सैलानियों के लिए यह मौसम किसी तोहफे से कम नहीं है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि बर्फबारी की खबर फैलते ही होटल बुकिंग, टैक्सी सेवाओं और ट्रैवल पैकेजों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है। खासतौर पर वीकेंड को देखते हुए बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है। कई होटलों में एडवांस बुकिंग तेज हो गई है, जबकि स्थानीय कारोबारी भी उत्साहित नजर आ रहे हैं। पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली ने बताया कि बर्फबारी के बाद हिमाचल में पर्यटन कारोवार खूब रफ्तार पकड़ने वाला है। निगम के होटलों में पर्यटकों की सुविधा के लिए खास बंदोबस्त किए गए हैं।

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