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हिमाचल का मौसम : मानसून ने पकड़ी रफ्तार, शिमला में झमाझम बरसे बादल; तीन सितंबर तक जारी रहेगा बारिश का दौर
Sun, 30 Aug 2026 04:58 PM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 30 Aug 2026 04:58 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय है। 31 अगस्त से 3 सितंबर तक कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में विशेष सतर्कता की जरूरत है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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रविवार को शिमला में शाम को झमाझम बारिश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के 30 अगस्त के बुलेटिन के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 31 अगस्त, 1 सितंबर, 2 सितंबर और 3 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, रविवार को शाम चार बजे के बाद राजधानी शिमला में झमाझम बारिश हुई। वहीं, धुंध ने पहाड़ों को अपने आगोश में ले लिया है।
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मौसम विभाग ने बताया कि 31 अगस्त से 3 सितंबर तक किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं 30 अगस्त से 5 सितंबर तक मैदानी/निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक, बिजली कड़कने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
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इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
जिला स्तर के पूर्वानुमान के मुताबिक बिलासपुर में 1 और 2 सितंबर को एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। चंबा में 1 सितंबर को, जबकि कांगड़ा में 31 अगस्त से 3 सितंबर तक अलग-अलग दिनों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मंडी में 31 अगस्त को मध्यम से भारी और 1 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।
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शिमला में 1 सितंबर को एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। सोलन में 1 सितंबर को मध्यम से भारी और 2 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। सिरमौर में 31 अगस्त से 3 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
आज कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम और एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। रामशहर एआरजी में 78.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। धौलाकुआं एडब्लूएस में 38.5, घाघस में 30, पालमपुर में 23.8, मुरारी देवी में 22 और पंडोह में 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले तीन से चार दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 2-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
बारिश में बरतें सावधानी
मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और कीचड़ खिसकने की आशंका जताई है। भारी बारिश के दौरान कुछ जल निकायों में जलस्तर और बहाव बढ़ सकता है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लोगों को भूस्खलन, अचानक बाढ़ और कीचड़ खिसकने की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचने तथा नदी-नालों और अन्य जल निकायों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम और एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। रामशहर एआरजी में 78.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। धौलाकुआं एडब्लूएस में 38.5, घाघस में 30, पालमपुर में 23.8, मुरारी देवी में 22 और पंडोह में 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले तीन से चार दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 2-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
बारिश में बरतें सावधानी
मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और कीचड़ खिसकने की आशंका जताई है। भारी बारिश के दौरान कुछ जल निकायों में जलस्तर और बहाव बढ़ सकता है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लोगों को भूस्खलन, अचानक बाढ़ और कीचड़ खिसकने की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचने तथा नदी-नालों और अन्य जल निकायों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।