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Himachal Weather: हिमाचल में इस बार कैसा रहेगा मानसून सीजन, माैसम विभाग ने जारी किया दीर्घावधि पूर्वानुमान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 14 Apr 2026 06:14 PM IST
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सार

विभाग के अनुसार 2026 में पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की ऋतु (जून से सितंबर) में होने वाली वर्षा दीर्घावधि औसत का 92 फीसदी रहने की संभावना है, जिसमे मॉडल की त्रुटि प्लस-माइनस 5 फीसदी हो सकती है।

Himachal Weather: imd monsoon rain season long term  forecast issued
हिमाचल का माैसम पूर्वानुूमान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

माैसम विभाग की ओर से मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा को लेकर दीर्घावधि पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसके अनुसार हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून कमजोर रहेगा। मौसम विभाग ने मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 को लेकर दीर्घावधि पूर्वानुमान जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के तहत मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की रिपोर्ट के अनुसार इस बार हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सामान्य से कमजोर रहने की आशंका है। हालांकि, लाहौल-स्पीति जिले में सामान्य से अधिक बारिश होने के संकेत हैं। 

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वर्षा दीर्घावधि औसत का 92 फीसदी रहने की संभावना
प्रदेश में जून से सितंबर तक होने वाली मानसून की बारिश का सामान्य औसत 1971 से 2020 तक 734.4 मिलीमीटर माना गया है, लेकिन इस बार अधिकांश जिलों में यह आंकड़ा नीचे रह सकता है। चंबा, किन्नौर और हमीरपुर के कुछ क्षेत्रों में बारिश सामान्य के करीब रहने की संभावना जताई गई है। वहीं, अन्य जिलों में किसानों और जल स्रोतों के लिए चिंता बढ़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 2026 में पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा दीर्घावधि औसत का लगभग 92 फीसदी रहने का अनुमान है। इसमें 5 फीसदी की कमी या बढ़ोतरी तक की त्रुटि संभव है। कुल मिलाकर, पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा सामान्य से नीचे होने की सबसे अधिक संभावना है।

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मानसून के दौरान अल नीनो जैसी स्थितियां विकसित होने की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून के दौरान अल नीनो जैसी परिस्थितियां विकसित हो सकती हैं, जो आमतौर पर भारत में बारिश को कम करती हैं। अभी प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी कमजोर स्थिति समाप्त होकर तटस्थ अवस्था में बदल रही है। रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से मार्च 2026 के दौरान उत्तरी गोलार्ध और यूरेशिया में बर्फ का विस्तार सामान्य से थोड़ा कम रहा है। आमतौर पर यह स्थिति भारत में मानसून वर्षा के साथ विपरीत संबंध रखती है, जिससे बारिश प्रभावित हो सकती है।

राज्य के कई भागों में बारिश-बर्फबारी के आसार
वहीं 17 और 20 अप्रैल को राज्य के कुछ इलाकों में हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना है। 18 और 19 अप्रैल को राज्य के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। सप्ताह के बाकी दिनों में राज्य में मौसम सूखा रहने की संभावना है। अगले 3-4 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में कम से कम तापमान धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस बढ़ने की संभावना है। जबकि कई हिस्सों में अधिकतम तापमान धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस बढ़ने के आसार हैं। 

कहां कितना अधिकतम तापमान
शिमला में अधिकतम तापमान 23.0, सुंदरनगर 28.6, भुंतर 29.5, कल्पा 19.4, धर्मशाला 27.0, ऊना 34.2, नाहन 30.0, केलांग 13.5, सोलन 28.0, मनाली 23.0, कांगड़ा 31.0, मंडी 31.0, बिलासपुर 30.5, चंबा 28.5, जुब्बड़हट्टी 25.4, कुफरी 25.4, बरठीं 31.6, कसाैली 24.3 व ताबो में 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

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