Himachal: प्रदेश सरकार की नई स्वास्थ्य बीमा नीति में शामिल होंगे 10 लाख परिवार, दो माह में लागू करने की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से नई स्वास्थ्य बीमा नीति को लेकर जल्द टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। नई नीति के अनुसार बीमा कंपनियों पर सरकार का पूरा नियंत्रण रहेगा कि मरीज के उपचार पर कितना खर्च आया। कंपनी के अधिकारी बिलों की जांच करेंगे।
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हिमाचल प्रदेश में दो से तीन माह के भीतर हिमकेयर के बदले नई स्वास्थ्य बीमा नीति लागू होगी। इसमें हिमकेयर योजना में शामिल लोगों का डेटा छंटनी कर शामिल किया जाएगा और प्रत्येक परिवार को 10 लाख तक का बीमा कवर मिलेगा। इसमें 10 लाख परिवारों को शामिल किया जाएगा। मरीजों के भर्ती होने पर बीमा कवर का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नई स्वास्थ्य बीमा नीति को लेकर जल्द टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। नई नीति के अनुसार बीमा कंपनियों पर सरकार का पूरा नियंत्रण रहेगा कि मरीज के उपचार पर कितना खर्च आया। कंपनी के अधिकारी बिलों की जांच करेंगे।
इन्हें किया जा सकता है योजना से बाहर
बताया जा रहा है कि सरकारी कर्मचारी और पेंशनर जिन्हें चिकित्सा बिलों का भुगतान होता है, वह इससे बाहर हो सकते हैं। राज्य सरकार गरीब परिवारों को बेहतर और सुलभ उपचार उपलब्ध कराने के सरकार नई स्वास्थ्य बीमा नीति लागू करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस तरह की व्यापक बीमा सुविधा उपलब्ध कराने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा। मंगलवार को शिमला में स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न वर्गों के जरूरतमंद परिवारों को लाभ देने का प्रावधान रहेगा।
बड़े और उच्च स्तरीय अस्पतालों को भी सूचीबद्ध किया जाएगा
नई योजना के तहत बड़े और उच्च स्तरीय अस्पतालों को भी सूचीबद्ध किया जाएगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं आसानी से मिल सकें। कोई भी गरीब व्यक्ति केवल आर्थिक तंगी के कारण गुणवत्तापूर्ण इलाज से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ नई स्वास्थ्य बीमा नीति का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला अस्पतालों और सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाए ताकि लोगों को अपने जिले के आसपास ही बेहतर इलाज उपलब्ध हो सके। उन्होंने एम्स नई दिल्ली के मानकों के अनुरूप चिकित्सा उपकरणों की खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के रेडियोलॉजी विभागों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की बात कही।
अब कंपनियों से मांगी जाएंगी निविदाएं
स्वास्थ्य विभाग नई स्वास्थ्य बीमा नीति को लेकर कंपनियों से टेंडर आमंत्रित करेगी। इस प्रक्रिया में दो से तीन महीने का समय लग सकता है। विभाग 15 दिनों से इस नीति का प्रारुप तैयार करने में जुटा था। हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना में हुए गड़बड़झाला की जांच विजिलेंस ब्यूरो कर रहा है। ब्यूरो की ओर से निजी और सरकारी अस्पतालों के रिकाॅर्ड की जांच कर रही है। राज्य विधानसभा में भी कई बार यह मामला उठा है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले की जांच विजिलेंस को सौंपी है।