HP Panchayat Election: बूथ के गोपनीय कक्ष में रख दी दो मोहरें, कुछ मतपत्रों पर प्रत्याशी का नाम, मतदान रद्द
विकास खंड रामपुर की नरैण पंचायत के ब्रांदली मतदान केंद्र के गोपनीय कक्ष में चुनाव कर्मचारियों ने दो मोहरें रख दीं।
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शिमला जिले की विकास खंड रामपुर की नरैण पंचायत के ब्रांदली मतदान केंद्र के गोपनीय कक्ष में चुनाव कर्मचारियों ने दो मोहरें रख दीं। एक मोहर बैलेट पेपर पर प्रत्याशी के नाम के आगे लगाने वाली थी, जबकि दूसरी मोहर नोटा की थी। नोटा की मोहर सिर्फ चुनावी कर्मचारी ही इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आशंका बन गई कि गोपनीय कक्ष में रखी इस मोहर का कई मतदाताओं ने अनजाने में इस्तेमाल कर लिया होगा। खुलासा होने पर मौके पर पहुंचे एसडीएम रामपुर ने जांच की और इस बूथ पर मतदान को रद्द कर दिया। ब्रांदली वार्ड में सुबह से ही मतदाता मतदान करने पहुंचे। दोपहर करीब 12:30 बजे एक जागरूक मतदाता ने दो मोहर रखने को लेकर सवाल उठाए, लेकिन जब तक गलती का पता चलता, तब तक 40 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हो चुकी थी।
नियमों के अनुसार गोपनीय कक्ष में केवल एकमात्र ही स्वास्तिक के निशान की मोहर होती है, जिसे मतदाता चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को मिले निशान पर लगाता है। बैलेट पेपर के सबसे अंतिम में नोटा का भी एक कॉलम होता है, जिसके आगे चुनाव कर्मी एक मोहर लगाते हैं, जिस पर उपरोक्त में से कोई नहीं की छाप होती है। इस छाप वाली मोहर को भी चुनाव कर्मियों ने गोपनीय कक्ष में रख दिया था। इससे आशंका बन गई कि इस मोहर का इस्तेमाल मतदाताओं ने किया होगा। वहीं, जब इस बात की जानकारी ग्रामीणों को लगी, तो विवाद हो गया। वहीं, सूचना मिलते ही सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि गलत स्टेंप के इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। नरैण पंचायत के वार्ड नंबर-एक के चुनाव को रद्द कर दिया गया है। उधर, नरैण पंचायत के पूर्व प्रधान नरेश चौहान ने इस मामले को गंभीर अनियमितता बताया और कहा कि चुनाव कर्मियों की अज्ञानता के कारण सैकड़ों मतदाताओं को परेशानी झेलनी पड़ी।
कुछ मतपत्रों पर प्रत्याशी का नाम गायब, मैंहडी में बीडीसी के चुनाव रद्द
करसोग उपमंडल के दुर्गम क्षेत्र मैंहडी वार्ड में बीडीसी चुनाव के दौरान बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आने पर मतदान प्रक्रिया रद्द कर दी गई। कुछ मतपत्रों पर बीडीसी प्रत्याशी का नाम छपा ही नहीं था। जबकि उसका चुनाव चिह्न मौजूद था। मामले का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए केवल बीडीसी पद के मतदान को निरस्त कर दिया।जानकारी के अनुसार अधिकतर मतपत्र सही पाए गए, लेकिन कुछ बैलेट पेपरों में प्रत्याशी का नाम नहीं छपा था। सुबह के समय कई मतदाता मतदान कर चुके थे। बाद में जब गड़बड़ी की जानकारी सामने आई तो प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू की और मतदान रद्द करने का फैसला लिया। अब बीडीसी पद के लिए दोबारा मतदान की नई तिथि बाद में निर्धारित की जाएगी। उधर, डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि बीडीसी पद के लिए मतदान प्रक्रिया रद्द की गई है। जबकि अन्य पदों के लिए मतदान सामान्य रूप से जारी रहा। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच एसडीएम करसोग को सौंपी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
जिला परिषद प्रत्याशी वंदना पर बेटे का वोट चालक से डलवाने का आरोप
टिहरा वार्ड से जिला परिषद चुनाव में कथित प्रॉक्सी वोटिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चोलथरा निवासी और भाजपा समर्थित जिला परिषद प्रत्याशी वंदना गुलेरिया पर आरोप लगा है कि उनके बेटे दक्ष गुलेरिया का वोट उनके चालक द्वारा डलवाया गया। इस संबंध में रजिता कुमारी और उनके पोलिंग एजेंट ने उपायुक्त मंडी तथा एसडीएम धर्मपुर को शिकायत भेजी है। शिकायत की प्रति संबंधित पोलिंग बूथ अधिकारियों को भी सौंपी गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मतदाता सूची में क्रमांक संख्या 44 पर दर्ज दक्ष के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति ने मतदान किया। उन्होंने प्रशासन से संबंधित वोट को निरस्त करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। पूर्व जिला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि चोलथरा क्षेत्र में पिछले चुनावों में भी फर्जी मतदान के मामले सामने आते रहे हैं। वहीं, वंदना गुलेरिया ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा मध्यप्रदेश से विशेष रूप से मतदान करने के लिए आया था। उनके अनुसार उनके बेटे ने स्वयं मतदान किया और इसके बाद लौट गया। उधर, एसडीएम धर्मपुर जोगिंद्र पटियाल ने बताया कि सेक्टर ऑफिसर और सेक्टर मजिस्ट्रेट मौके पर जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को भेजी जाएगी।
मतदान प्रक्रिया प्रभावित करने और भ्रामक शिकायत देने के आरोप
वंदना गुलेरिया के पक्ष की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी मंडी को शिकायत पत्र सौंपकर चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप और भ्रामक शिकायत देने के आरोप लगाए गए हैं। पोलिंग एजेंट गांधी राम और राजेंद्र कुमार ने मतदान दिवस की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत में आरोप है कि एक सरकारी अधिकारी ने मतदान केंद्र व आसपास के चुनावी माहौल को प्रभावित करने का प्रयास किया और शांतिपूर्ण मतदान में बाधा डाली। साथ ही सतीश कुमार द्वारा दी गई शिकायत पर भी सवाल उठाए गए हैं। बताया गया है कि वह न तो संबंधित वार्ड का निवासी है और न ही मतदाता।
बंगाणा की ग्राम पंचायत सोहारी में चुनाव प्रचार के दौरान दो पक्षों में मारपीट
बंगाणा उपमंडल की ग्राम पंचायत सोहारी में चुनाव प्रचार के दौरान दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों पक्षों में जमकर बहसबाजी हुई और देखते-देखते मामला गरमा गया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर धक्का-मुक्की हुई और गाली-गलौज हुआ। पुलिस की शुरुआती जांच में दो लोगों के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद डीएसपी अजय ठाकुर मौके पर पहुंचे और उग्र लोगों को शांत कराया। उन्होंने कहा कि इलाके में सौहार्दपूर्ण चुनाव संपन्न कराने में स्थानीय लोग सहयोग करें और जो भी अवैध गतिविधियों में हिस्सा लेता पाया गया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जोल पुलिस चौकी में दोनों पक्षों की शिकायत पर कार्रवाई की जा रही।