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शिमला: एचपीयू शिक्षक कल्याण संघ ने राज्य विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक-2026 निरस्त करने की उठाई मांग

Fri, 06 Nov 2026 03:48 PM IST
Ankesh Dogra Ankesh Dogra
Updated Fri, 06 Nov 2026 03:48 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ ने राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 को निरस्त करने की मांग की है। संघ ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री तक विश्वविद्यालय परिवार की चिंताएं पहुंचाने का आग्रह किया। 

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hpu teachers welfare association demands withdrawal state university amendment bill 2026
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ (हपुटवा) ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ (हपुटवा) ने हिमाचल प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 को निरस्त करने की मांग उठाई है। इस संबंध में एसोसिएशन की ओर से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें कुलपति से आग्रह किया गया कि विश्वविद्यालय परिवार की मांग मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार तक पहुंचाई जाए।
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एसोसिएशन ने कहा कि विधानसभा में पारित इस विधेयक के विरोध में विश्वविद्यालय का शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी वर्ग शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आपत्ति दर्ज करवा रहा है। इसके बावजूद लंबे समय से जारी विरोध के बीच प्रदेश सरकार या प्रशासन की ओर से वार्ता के लिए कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं किया गया है और न ही कोई ठोस आश्वासन दिया गया है।
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पांच विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने जनसभा में जताई चिंता
ज्ञापन में 5 नवंबर, 2026 को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित आम जनसभा का भी उल्लेख किया गया। इसमें प्रदेश के पांचों विश्वविद्यालयों के अध्यापक संघों के प्रतिनिधियों, प्राध्यापकों, विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारियों, कार्यकारिणी परिषद के पूर्व सदस्यों, पूर्व कुलपतियों, पूर्व कुलसचिवों, पूर्व विद्यार्थियों, विधि विशेषज्ञों, मीडिया प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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जनसभा में वक्ताओं ने विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। उनका कहना था कि इन प्रावधानों से विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, शैक्षणिक स्वतंत्रता और संस्थागत गरिमा प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही, विधेयक के प्रावधानों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के निर्धारित नियमों और मानकों के संदर्भ में भी चिंताजनक बताया गया।
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विधेयक के क्रियान्वयन पर रोक और निरस्तीकरण की मांग
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की गरिमा, अस्मिता और स्वायत्तता बनाए रखने के लिए राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने और इसे निरस्त करने पर पुनर्विचार किया जाए। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिवार की चिंताओं और मांगों पर विचार करने के लिए प्रदेश सरकार तथा विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों के बीच जल्द वार्ता आयोजित करने की मांग भी उठाई गई है।

विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं की रक्षा पर जोर
ज्ञापन के अंत में एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार विश्वविद्यालय के हितों, शैक्षणिक परंपराओं और स्वायत्त स्वरूप को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक एवं संवेदनशील निर्णय लेगी।
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