Himachal: जयराम ठाकुर बोले- अफवाह और झूठ कांग्रेस का राजनीतिक चरित्र, केंद्र पर दोष थोपने की आदत छोड़नी होगी
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि अफवाह फैलाना, सफेद झूठ बोलना और जनता को सुनियोजित तरीके से गुमराह करना ही कांग्रेस का असली राजनीतिक चरित्र बन चुका है।
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पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि अफवाह फैलाना, सफेद झूठ बोलना और जनता को सुनियोजित तरीके से गुमराह करना ही कांग्रेस का असली राजनीतिक चरित्र बन चुका है। उन्होंने विशेष रूप से मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण और केंद्र सरकार की विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण को लेकर कांग्रेस की ओर से फैलाए जा रहे भ्रम की आलोचना की। मंडी में शुक्रवार को विशेष जागरूकता अभियान और भाजपा की जिला स्तरीय कार्यशाला में जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि सुक्खू सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं, आर्थिक कुप्रबंधन को छिपाने के लिए लगातार केंद्रीय बजट और दिल्ली की नीतियों के बारे में प्रदेशवासियों के बीच झूठ परोस रही है।
मंडी में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर जुबानी हमला करते कहा कि वह हर बात पर केंद्र सरकार को कोसने और भाजपा सांसदों को बेवजह घेरने के बजाए इस बात पर आत्मचिंतन करें कि हिमाचल को वर्तमान आर्थिक बदहाली से कैसे उबारा जाए। मुख्यमंत्री के जयराम ठाकुर के नेतृत्व में राजस्व अनुदान घाटा ग्रांट पर केंद्र के सामने हिमाचल का पक्ष रखने के बयान पर उन्होंने कहा कि वे प्रदेश हित के लिए मुख्यमंत्री के साथ कहीं भी, किसी भी समय चलने के लिए तैयार हैं और उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री को पहले केंद्र के सामने अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने की कला सीखनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस आरडीजी ग्रांट को लेकर केवल शोर मचा रही है।
छावनी क्षेत्रों के लोगों को मिलेगी राहत : कश्यप
शिमला। लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि देशभर की छावनी परिषदों से जुड़े नागरिक क्षेत्रों को अलग कर निकटवर्ती नगर निकायों में विलय करने की प्रक्रिया को लेकर रक्षा मंत्रालय ने महत्वपूर्ण प्रगति की पुष्टि की है। यह जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा भेजे गए आधिकारिक पत्र के माध्यम से प्राप्त हुई है। सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि उन्होंने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत यह विषय उठाया था, जिसमें छावनी परिषदों के अधीन आने वाले नागरिक क्षेत्रों को स्थानीय नगर निकायों में शामिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया गया था। रक्षा मंत्री ने अपने उत्तर में अवगत कराया है कि रक्षा मंत्रालय द्वारा 38 छावनियों के लिए सभी संबंधित पक्षों को शामिल करते हुए समितियों का गठन किया गया, ताकि नागरिक क्षेत्रों को अलग करने तथा नगर निकायों में विलय से जुड़ी प्रस्तावित कार्यप्रणालियों की विस्तार से समीक्षा की जा सके। पत्र के अनुसार 37 छावनियों, में हिमाचल प्रदेश की सभी 6 शामिल हैं। यहां के नागरिक क्षेत्रों को अलग करने के प्रस्ताव राज्य सरकारों को उनकी सहमति के लिए भेजे जा चुके हैं और अब राज्य सरकारों की औपचारिक स्वीकृति अपेक्षित है।
