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रिपोर्ट में खुलासा: चौपहिया वाहन सड़क हादसों का बड़ा कारण, दोपहिया वाहन अधिक शिकार; जानें विस्तार से
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 06 Feb 2026 11:25 AM IST
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सार
2025 की इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत सड़क दुर्घटना रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दोपहिया वाहन हादसों का अधिक शिकार हो रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में कार, जीप और टैक्सी सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह बन रही हैं। दोपहिया वाहन हादसों का अधिक शिकार हो रहे हैं। 2025 की इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत सड़क दुर्घटना रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
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बीते एक साल में कार, जीप और टैक्सी से 801 हादसे हुए हैं, जबकि 485 दोपहिया वाहन हादसों के शिकार हुए। रिपोर्ट में दिए गए तथ्यों के अनुसार ट्रकों से साल 2025 में 224, बसों से 71, टेंपो और ट्रैक्टर से 58, डंपर से 17 हादसे हुए। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में शाम छह से रात नौ बजे के बीच सबसे अधिक सड़क हादसे हो रहे हैं।
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रिपोर्ट में इस समय अंतराल को डेंजर विंडो करार दिया गया है। प्रदेश पुलिस ने हादसों में कमी लाने के लिए इस दौरान विशेष गश्त, इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती और तकनीकी निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। दुर्घटनाओं के कारणों के विश्लेषण में भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस रिकॉर्ड में 979 मामलों में कोई ट्रैफिक उल्लंघन दर्ज ही नहीं हुआा, रैश ड्राइविंग (428), तेज रफ्तार (359) और ओवरटेकिंग (110) प्रमुख कारण रहे।
अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी
ईडीएआर से जुटाए डाटा का विश्लेषण कर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं कम करने का प्रयास किया जाएगा। शाम छह से नौ बजे के बीच सबसे अधिक हादसे हो रहे हैं, इस दौरान जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। आंकड़ों के आधार पर हादसा संभावित स्थानों की पहचान कर वहां पुलिस तैनात की जाएगी, ताकि हादसों से पहले ही जान बचाई जा सके। - अशोक तिवारी, पुलिस महानिदेशक
