सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Rajya Sabha MP Harsh Mahajan raised the demand for all-weather connectivity to Pangi valley in Chamba district

सांसद हर्ष महाजन ने उठाई मांग: पांगी घाटी को हर मौसम में सड़क संपर्क और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ना जरूरी

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 06 Feb 2026 01:38 PM IST
विज्ञापन
सार

सांसद हर्ष महाजन ने राज्यसभा में चंबा जिले की पांगी घाटी के लिए हर मौसम में सड़क संपर्क को लेकर मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि पांगी घाटी को पूरे वर्ष सड़क संपर्क से जोड़ा जाए तो पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

Rajya Sabha MP Harsh Mahajan raised the demand for all-weather connectivity to Pangi valley in Chamba district
राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने शुक्रवार को राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की पांगी घाटी के लिए हर मौसम में सड़क संपर्क (ऑल-वेदर कनेक्टिविटी) सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पांगी घाटी एक जनजातीय बहुल क्षेत्र है, जहां लगभग 25 हजार से अधिक जनजातीय नागरिक निवास करते हैं और जो हर वर्ष करीब आठ महीने तक देश के अन्य हिस्सों से कटे रहते हैं।
Trending Videos

 

उन्होंने कहा कि कमजोर और मौसमी सड़क संपर्क के कारण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच गंभीर रूप से प्रभावित होती है। पांगी घाटी प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत सुंदर क्षेत्र है और यदि इसे पूरे वर्ष सड़क संपर्क से जोड़ा जाए तो पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

हर्ष महाजन ने चंबा–किलाड़ सड़क को ऑल-वेदर रोड में विकसित करने तथा लगभग 8.5 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित चेनी पास टनल के निर्माण को इस समस्या का स्थायी समाधान बताया। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र की भौगोलिक अलगाव की स्थिति समाप्त होगी और जनजातीय समाज को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने इस मार्ग के सामरिक महत्व पर भी विशेष बल देते हुए कहा कि यह कॉरिडोर राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वर्तमान में एनएच 154A पठानकोट से चंबा तक जुड़ा है और किलाड़ तक मौसमी सड़क उपलब्ध है, लेकिन लेह की ओर लगभग 52 किलोमीटर का महत्वपूर्ण लिंक अभी विकसित किया जाना शेष है। इस लिंक के पूरा होने पर पठानकोट से लेह की दूरी लगभग 800 किलोमीटर से घटकर करीब 450 किलोमीटर तथा पठानकोट से कारगिल की दूरी लगभग 1000 किलोमीटर से घटकर करीब 550 किलोमीटर रह जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह मार्ग पठानकोट कैंटोनमेंट जैसे महत्वपूर्ण रक्षा केंद्र से प्रारंभ होकर संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों के निकट से गुजरता है। यह मनाली–लेह मार्ग का प्रभावी विकल्प बनेगा, एकल मार्ग पर निर्भरता कम करेगा तथा रक्षा आपूर्ति, आपातकालीन सैन्य तैनाती और मेडिकल एवैक्यूएशन को सशक्त बनाएगा।

राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि चंबा–किलाड़–लेह कॉरिडोर को रणनीतिक रक्षा मार्ग घोषित कर इसके निर्माण एवं विकास का दायित्व बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) को सौंपा जाए, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा और जनजातीय क्षेत्र के विकास- दोनों उद्देश्यों को एक साथ मजबूती मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस परियोजना के पूरा होने से सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों का जीवन स्तर सुधरेगा और देश की सामरिक तैयारी भी और अधिक मजबूत होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed